प्रयागराज के डॉक्टर नरेन्द्र सिंह ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में शेयर किया, प्राइवेट बिना नम्बर प्लेट की गाड़ी से 6-7 लोग आए और प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले छात्रों को घरों से खींचकर मारते पीटते गाड़ी में भरकर ले गए।
प्रोटेस्ट समाप्त होने के बाद छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वह अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।
जो बच्चे अपनी बात कहने के लिए सड़क पर उतरे थे, क्या उनके साथ ऐसा व्यवहार किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार किया जा सकता है? यह वीडियो बिहार का बताया जा रहा है।
भाषा पर भाजपाई और गोदी मीडिया जब ज्ञान देते हैं, तो ऐसा लगता है मानो “ओसामा बिन लादेन”अहिंसा पर उपदेश दे रहा हो। पूरी दुनिया में सबसे गंदी और घिनौनी भाषा का प्रयोग करने वाली पार्टी का नाम “भारतीय जनता पार्टी” है।
सुनिए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा – "छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। वे संवैधानिक दायरे में अपनी मांग उठा रहे थे। जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने वालों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी"
छात्रों की पुनः जीत हुई।
वायरल इरफ़ान से आज मेरी भी मुलाकात हुई.
लल्लनटॉप के वीडियो से उसके बारे में पता चला लेकिन आज उससे मिलकर लगा कि कमाल है ये लड़का.
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
सबने देखा कि किन हालातों में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, लेकिन कल संसद परिसर में उनका ऐसे स्वागत किया गया, जैसे वे कोई सुपरस्टार हों!
क्या ये शर्मनाक नहीं है?
मोदी सरकार पर कोई भरोसा नहीं कर सकता, क्योंकि आज भी छात्रों को परेशान किया जा रहा है।
सरकार को बातचीत कर इस मामले को सुलझाना चाहिए, लेकिन वो अभी भी छात्रों के पीछे पड़े हुए हैं, उनका दमन करना चाहते हैं। ये गलत है।
: कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
📍 दिल्ली
21 मिनिटांचा हा व्हिडिओ वेळ काढून नक्की बघा.
इरफान फक्त अंगणवाडीपर्यंत शिकला. त्यानंतरचं त्याचं विद्यापीठ म्हणजे Google, YouTube आणि स्वतःची जिज्ञासा.
त्याच्या बोलण्यातला अभ्यास, समाज-राजकारणाची समज, भाषेवरची पकड आणि कष्टकरी माणसांविषयीची संवेदनशीलता पाहिली की एक गोष्ट स्पष्ट होते—प्रतिभेला महागड्या पदवीची गरज नसते; संधीची गरज असते.
आणि लल्लनटॉपचा पत्रकार रजत पांडे… त्याने घेतलेली ही मुलाखत म्हणजे केवळ प्रश्नोत्तर नाही, तर एका दुर्लक्षित भारताला आवाज देण्याचा प्रयत्न आहे.
देशाच्या झोपडपट्ट्यांमध्ये, छोट्या गावांत आणि दुर्लक्षित वस्त्यांमध्ये असे कितीतरी इरफान आजही आहेत. प्रश्न त्यांच्या क्षमतेचा नाही, तर त्यांना व्यासपीठ मिळतं का याचा आहे.
आज बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पड़ोसी राज्यों से दिल्ली और नोएडा इलाकों में सड़कों पर उतर आए हैं और जहां भी उन्हें कॉकरोच आंदोलन से जुड़ा कोई युवा दिखता है, तो वे उसे बुरी तरह पीट रहे हैं..
पुलिस हर जगह अब मूकदर्शक बन का तमाशा देख रही हैं।
संसद में खुलकर अमित शाह से पूछा जा रहा कि किसने पैलेट गन के आदेश दिये, किसने बच्चों के सिरों पर लाठी चलवाई ….और गृह मंत्री सदन से लापता हैं ?
स्पीकर दखल देकर सरकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं पर विपक्ष हावी है ।
बच्चों के इस आंदोलन ने संसद का भी मिजाज बदल दिया है।
बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा हाल ही में आंदोलित छात्रों पर पुलिस द्वारा AK-47 का इस्तेमाल लोकतंत्र के माथे पर कलंक है।
रोजगार, निष्पक्ष भर्ती और अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों के सामने यदि सरकारें संवाद की जगह बंदूक खड़ी कर दें, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi को कहना चाहता हूं कि छात्रों की आवाज़ को गोलियों और लाठियों से नहीं दबाया जा सकता |
मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ |
@officecmbihar
जननायक राहुल गांधी का मोहम्मद इरफान से मिलना सुखद है
क्योंकि हर गली, हर मोहल्ले, हर शहर में इरफान जैसे होने चाहिए
जो अपनी तकलीफों के बावजूद एक बेहद खूबसूरत, सजग और संवेदनशील इंसान है❤️❤️
बिहार के सिवान में निहत्थे आंदोलनकारियों पर AK47 जैसे घातक हथियार का प्रयोग किसके कहने पर किया गया?
जो छात्र इसकी घातक फ़ायरिंग में घायल हुए हैं, उनके लिए पूरा देश चिंतित है।
पूरी दुनिया में फैले भारतीयों और ख़ासतौर से बिहार के मूल निवासियों के बीच इससे बेहद आक्रोश फैल गया है।
पचास करोड़ की गर्लफ्रेंड…जर्सी गाय…दीदी ओ दीदी…ये सब फूहड़ और छिछोरी बातें क्या Gen Z ने बोली थीं? आज जब अपने पर आई तो भाषा और नैतिकता का पाठ पढ़ाने लगे?