@mediacellsp तुम क्या जानो वीरों के बलिदानों को करणी सेना आतंकी संगठन हो गया ये भाषा मुगलिया सोच को बढ़ावा देती है और हां अब आजीवन विपक्ष में बैठोगे
हर हर महादेव 🚩🕉️
@yadavakhilesh आप मुगलिया सोच के बीजों का समर्थन करोगे ये कहा तक सही है जो अपने बाप भाई को मार कर सिंहासन पर बैठे थे
और राणा सांगा जी के बारे में गलत बोलने वाला आपका पालतू पिल्ला अगर मिल जाता तो वो स्वयं जानता बाकी आगरा प्रशासन ने बहुत लड़कों को जख्मी किया है और बंद कर रखे है
@yadavakhilesh इतिहास याद रखेगा कि आप इन जाहि��ो का साथ देते रहे, पिता जी मुख्यमंत्री रहे आप स्वयं मुख्यमंत्री रहे और मथुरा आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर स्वतन्त्र न करा पाए बेहद शर्मिंदगी पूर्ण है
@epanchjanya जनसांख्यिकीय परिवर्तन का परिणाम दिखाती यह रिपोर्ट देखिए, बहुत डरावनी है:
झारखंड में तारानगर न���म की एक जगह है, जो 50-60 हिंदू परिवारों का एक गांव है, जो हजारों मुसलमानों से घिरा हुआ है।
स्थानीय हिंदुओं ने राम मंदिर बनाया, लेकिन इसे नष्ट कर दिया गया
@NidhiJhabihar जनसांख्यिकीय परिवर्तन का परिणाम दिखाती यह रिपोर्ट देखिए, बहुत डरावनी है:
झारखंड में तारानगर नाम की एक जगह है, जो 50-60 हिंदू परिवारों का एक गांव है, जो हजारों मुसलमानों से घिरा हुआ है।
स्थानीय हिंदुओं ने राम मंदिर बनाया, लेकिन इसे नष्ट कर दिया गया
@SonOfBharat7 बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से जल्दी निकालो!
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 1971 के बाद असम में प्रवेश करने वाले सभी बांग्लादेशी प्रवासियों को अवैध घोषित कर दिया है।
केंद्रीय और राज्य सरकारों को उनकी पहचान, पता लगाने और तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है।
@news24tvchannel बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से जल्दी निकालो!
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 1971 के बाद असम में प्रवेश करने वाले सभी बांग्लादेशी प्रवासियों को अवैध घोषित कर दिया है।
केंद्रीय और राज्य सरकारों को उनकी पहचान, पता लगाने और तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है।
@news24tvchannel बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से जल्दी निकालो!
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 1971 के बाद असम में प्रवेश करने वाले सभी बांग्लादेशी प्रवासियों को अवैध घोषित कर दि���ा है।
केंद्रीय और राज्य सरकारों को उनकी पहचान, पता लगाने और तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है।
बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से जल्दी निकालो!
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 1971 के बाद असम में प्रवेश करने वाले सभी बांग्लादेशी प्रवासियों को अवैध घोषित कर दिया है।
केंद्रीय और राज्य सरकारों को उनकी पहचान, पता लगाने और तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है।