World has noticed it…
एक FIR के लिए भारत की लोकसभा के नेता विपक्ष को घंटों मशक़्क़त करनी पड़ी… और देखिए किस तरह से विक्टिम साहिल और उनके मेडिकल सबूतों के साथ आना पड़ा!
पहले गन्ने से इथेनॉल बनाया। E 20 की नीति बनाकर आम जनता की गाड़ियाँ ख़राब कर दी और आज तक स्वीकार नहीं किया कि, ये नीति ग़लत है।अब जिस गन्ने से चीनी बननी थी उससे इथेनॉल बना दिया।अब महंगी चीनी आयात कर रहे है।सरकार की इन दोनों ही नीतियों ने जनता का आर्थिक नुक़सान किया है…
राहुल गांधी🔥— आप सबने टीवी पर देखा होगा कि कैसे नरेंद्र मोदी जी लोकसभा से भाग कर गए।
अगले दिन झूठा बहाना बनाया कि कांग्रेस पार्टी की महिलायें उन पर आक्रमण करने जा रही थीं। सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री जी संसद में नहीं खड़े हो पाए।
और ट्रम्प को सीधा फ़ोन लगाया , आप कृषि मंत्री शिवराज सिंह, राजनाथ सिंह से पूछ सकते हैं कि कैबिनेट ने निर्णय लिया था?
पीएम मोदी ने सीधा ट्रम्प को फ़ोन करके कहा कि डील करने को तैयार हूँ।
चाहे पंडित नेहरू हों, सुभाष चंद्र बोस हों या महात्मा गांधी, सभी ने वंदे मातरम गाया है। आज अगर हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं, तो बीजेपी को इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए
- अजय कुमार लल्लू
राहुल गांधी जी के बब्बर शेर, जब मोदी-शाह की पुलिस से नहीं डरे 🔥🔥
तो मोहन तुम्हारी पुलिस से क्या ही डरेंगे?
संघी जब-जब डरते हैं, पुलिस को आगे करते हैं। 👎
📍 मध्य प्रदेश
स्मृति ईरानी ने कहा था कि
कमल का बटन दबाओ,
चीनी 13 रूपये किलो मिलेगी,
जबकि आज कमल का बटन दबाने वालों को चीनी
60 से 75 रूपये प्रति किलो मिल रही है,
नेताओं को अपने कथनी करनी पर कोई शर्म नहीं आती है,
भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार..
पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।
कांग्रेस सांसद @Pawankhera का अमित शाह पर जोरदार पलटवार:
“ये देशभक्ति का सर्टिफिकेट देने वाले कौन हैं? मुस्लिम लीग के साथ सरकारें चलाने वाले, पाकिस्तानपरस्त! इनके कितने लोग देशभक्ति के नाम पर जेल गए? आजादी की लड़ाई में कितने फांसी पर चढ़े? ये मुखबिर, अंग्रेजों से पेंशन लेने वाले, माफी मांगने वाले लोग हमें देशद्रोही बता रहे हैं और खुद को देशभक्त!
वंदे मातरम का मतलब क्या है? भारत में रहने वाले हर व्यक्ति के लिए जो गाना, जो स्टैंडर्ड स्वीकार्य हैं, हम उन्हीं में हैं।”
तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए गन्ने से एथनॉल बनाना शुरू किया। नतीजन चीनी की कमी हो गई। अब उस विदेशी मुद्रा से चीनी आयात करेंगे।
पूरी की पूरी अनपढ़ों की सरकार है। किसी को कुछ नहीं पता कि क्या करने से क्या होगा।