सम्राट चौधरी जी, बड़ी-बड़ी डींगे हांकने से जमीनी हकीकत नहीं छिपती! #बिहार में बच्चों के निवाले पर डाका डालने वाले अफसर बेखौफ हैं। 9 जिलों में CDPO का यह फर्जीवाड़ा साबित करता है कि आपकी भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था चार गुना बढ़ चुकी है!
#Bihar#Scam#Corruption
पराजय आलोक जी आप तो पढ़े लिखे हो,फिर ऐसे कैसे बिन सिर पैर की बात कर लेते हो।
पराजय इसलिये लिखा क्योंकि आपने अजय वाला कोई काम नही किया है,सफेद झूठ बोल कर कोई अच्छा और सच्चा योद्धा नही बन सकता है।
अगर हिम्मत है तो टिन्नू यादव और हमारे नेता आदरणीय अखिलेश यादव जी के बीच बातचीत की कॉल डिटेल जारी करो।
लालू जी की जीवनी , उनके जीवन से जुडी कई किताबें एवं स्मारिकाएँ पटना के समीप संपतचक इलाके के उदेनी H524 के समीप कचरे के ढेर में किसने फिंकवायी ? कौन मिटाना चाहता है लालू जी से जुड़ी अमूल्य धरोहरों को ? किसके दिल में लालू जी के लिए इतने नफरत है ? कहीं ऐसा तो नहीं कि कोई अपना कहे जाने वाला ही विरोधियों के इशारे पर ऐसा कर रहा है ?
यह केवल कुछ किताबों - दस्तावेजों - लालू जी से जुड़ी चीज़ों का अपमान नहीं, बल्कि एक महान व्यक्ति , उनसे जुड़ी बेमिसाल राजनीतिक विरासत और राजनीतिक इतिहास से जुड़े दस्तावेज़ों के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करता है l
आख़िर कौन है जो लालू जी से जुड़ी स्मृतियों, विचारों और विरासत को हाशिए पर धकेलना चाहता है ? यह महज़ लापरवाही तो कतई नहीं है , बल्कि लालू जी की गौरव गाथा को मिटाने - मलिन करने की साजिश है l
इन सवालों का स्पष्ट और पारदर्शी जवाब मिलना ज़रूरी है, इस मामले की तहकीकात जरूरी ताकि सच सामने आए और भविष्य में कोई और ऐसी हिमाकत करने का दुःसाहस ना करे https://t.co/BFD5kCzMm4
बिहार में कुछ बन रहा है तो वो है सिर्फ मूर्ख मतदाता! ₹10 हजार और सरकारी नौकरी के लोभ में युवाओं को कब तक छलोगे? हर प्रखंड में फैक्ट्री का वादा गायब है, पलायन और गरीबी जस की तस है। NDA के मक्कारों को इस झूठ और भ्रष्टाचार पर शर्म आनी चाहिए!
#Corruption#Bihar
हजारों करोड़ के रिशु श्री टेंडर महाघोटाले पर 21 साल की एनडीए सरकार मौन है।
हर बार एक बड़ा घोटाला उजागर होता है, कुछ छोटे किरानी-कर्मचारी गिरफ्तार होते है। लेकिन नीतीश-BJP-NDA के राज में इस संगठित संस्थागत भ्रष्टाचार के मुख्य सरगना, Master Mind, ताकतवर, प्रभावशाली और लाभार्थी लोग कभी भी गिरफ़्तार नहीं होते, उन तक कोई जाँच एजेंसी नहीं पहुंच पाती? चाहे वो एस्टीमेट घोटाला हो, सृजन घोटाला हो, CAG घोटाला हो या टेंडर घोटाला हो।
बिहार के हजारों करोड़ के रिशु श्री महाघोटाले पर 21 साल की एनडीए सरकार हमारे सवालों के जवाब दें:-
1. एक मामूली सा ठेकेदार (रिशु श्री) कई विभागों के टेंडरों को अपनी मर्जी से कैसे मैनेज कर रहा था? सरकार का निगरानी तंत्र इतने वर्षों तक क्या कर रहा थी? या अधिकारियों द्वारा निजी लाभ के लिए सब कुछ नजरअंदाज किया जा रहा था?
2. ED की जांच में सामने आए चैट्स से पता चलता है कि रिशु श्री कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के प्रभावशाली कॉकस को सत्ता और सर्वोच्च अधिकारियों का संरक्षण कैसे प्राप्त था? वह अधिकारियों को निर्देश किसकी शह पर देता था?
3. चार्जशीट में बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया है? क्या ऐसा करने में देरी के पीछे क्या कोई राजनैतिक दबाव है अथवा सत्ता में बैठे लोगों को खुद पकड़े जाने का डर है?
4. दो IAS अधिकारियों को निलंबित किया गया लेकिन चार्जशीट में उनका नाम नहीं है? उनकी तत्काल गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?क्या सरकार को उनसे सबके पत्ते खोल देने की धमकी मिली है? सत्ता संरक्षित और पोषित भ्रष्टाचारियों को सजा से इम्यूनिटी क्यों दिया हुआ है?
5. वित्त विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव, जल संसाधन, भवन निर्माण विभाग के इंजीनियरों की गिरफ्तारी के बाद, क्या सरकार ने इस बात की समीक्षा की है कि इन्होंने अब तक कुल कितने करोड़ के सरकारी फंड को डायवर्ट किया? और अगर हां तो इस राशि को सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है?
6. आरोपी रिशु श्री पहले से तय करता था कि ठेका किसे मिलेगा और उसी हिसाब से विभागीय टेंडर की शर्तें (क्राइटेरिया) बदलवा देता था। क्या इस सिंडिकेट के सरगना मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय व निवास में बैठे अधिकारी थे और है?
7. जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों में बिल पास कराने और टेंडर देने के बदले 2% से 3.5% तक का फिक्स्ड कमीशन चलता था। क्या यह भ्रष्टाचार में नग्न सरकार के "जीरो टॉलरेंस" के दावों की धज्जियां नहीं उड़ाता?
8. क्या सरकार रिशुश्री और उनसे संबंधित कंपनियों को मिले सभी टेंडरों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी?
9. क्या यह संयोग है कि सारी Beneficiary कंपनियाँ गुजरात से है इसलिए उसे बचाया जा रहा है?
10. रिशु श्री द्वारा अधिकारियों और उनके परिवारों की विदेशी यात्राओं, एयर टिकट और महंगे गिफ्ट्स का खर्च उठाने की बात सामने आई है। गृह विभाग, EOU, निगरानी और खुफिया विभाग इस वित्तीय लेन-देन से बेखबर क्यों थे?
11. छापेमारी में रिशु श्री के पास से 99 संपत्तियों के डीड और करोड़ों की नकदी/जेवरात मिले हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि एक ठेकेदार के पास राज्य के बजट का एक बड़ा हिस्सा कैसे चला गया?
12. सरकार केवल "छोटी मछलियों" और कुछ चुनिंदा अधिकारियों को बलि का बकरा बना रही है। इस सिंडिकेट के शीर्ष पर बैठे असली राजनैतिक आकाओं और "अमृत"पान करने वाले अधिकारियों के नाम कब सामने लाए जाएंगे?
13. जिन विभागों में यह महाघोटाला हुआ, उनके विभागीय मंत्रियों ने अभी तक अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया है?
14. सरकार को सभी जानकारी उपलब्ध हो जाने के बाद भी एक साल से अधिक का समय लगा। ED के कहने के बावजूद भी बिहार पुलिस ने महीनों तक FIR क्यों दर्ज नहीं की थी? क्या यह देरी सबूतों को मिटाने, "अपनों" को बचाने और फाइलें दबाने के लिए की गई थी?
15. कुछ अधिकारी इस घोटाले को दबाने के लिए दूसरे माध्यमों का सहारा ले रहे है? बिहार सरकार के वकील रिशुश्री के ख़िलाफ़ कोर्ट में क्यों उपस्थित नहीं हुए?
16. कोसी बेसिन विकास परियोजना और गुजरात की कंपनी को कोसी बराज का ठेका दिलाने में टेंडर माफिया रिशु श्री ने मदद की। बिहार के बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील प्रोजेक्ट में इतनी आसानी से भ्रष्टाचार कैसे हो जा रहा है?
17. क्या सरकार का पूरा आंतरिक ऑडिट सिस्टम और विजिलेंस विभाग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है जो इस स्केल के महाघोटाले को ससमय उजागर नहीं कर सकता या सभी इस भ्रष्टाचार में कहीं ना कहीं से लिप्त हैं?
18. जब राज्य में सब कुछ ई-टेंडरिंग के जरिए होता है, तो BJP-JDU सरकार के पाले-पोसे टेंडर माफिया का सिंडिकेट डिजिटल पोर्टल को कैसे मैनिपुलेट और मैनेज कर रहा था?
19. एसवीयू ने 4000 पन्नों की चार्जशीट में सिर्फ 7 मुख्य आरोपियों को नामजद किया है और कहा है कि अन्य के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। यह बाकी बचे रसूखदार अधिकारियों और नेताओं को "क्लीन चिट" देने की जल्दबाजी नहीं है तो क्या है?
20. यह NDA का संयोग कहिए या प्रयोग, सभी बड़े घोटालों में दबाब पड़ने पर अगर किसी प्रशासनिक अधिकारी की दिखावटी गिरफ़्तारी करनी-करानी है या उसे बलि का बकरा बनाना है तो वह दलित-पिछड़े और मुस्लिम समुदाय का ही अधिकारी क्यों होता है?
अपने दोहों, रचनाओं व आध्यात्मिक अनुभव से ढोंग, मूर्ति पूजा, बाह्य आडंबर, जातिवाद, सामाजिक विसंगतियों और अंधविश्वास पर कुठाराघात कर सामाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना जागृत कर समाज में समता, शांति और सद्भावना स्थापित करने वाले तथा सरल शब्दों में जीवन जीने का सत्य मार्ग बताने वाले संत शिरोमणि कबीर साहेब जी की जयंती पर कोटि कोटि प्रणाम, शत शत नमन और लख-लख वंदन। #kabir #कबीर #TejashwiYadav
पूर्व विधायक आदरणीय श्री विजेंद्र यादव जी के सुपुत्र के सगाई समारोह में उपस्थित होकर शुभकामनाएं दीं।
ईश्वर से युगल के प्रेम, विश्वास व सुख-समृद्धि से परिपूर्ण सुखमय और आनंदमय जीवन की मंगलकामना करता हूँ।
टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। पेट्रोल-डीजल व LPG गैस की कीमतों ने पहले ही बजट बिगाड़ रखा है और अब खाने-पीने की आवश्यक चीजों जैसे दाल, आटा, सब्जी, तेल की बढ़ी कीमतों से जनता त्राहिमाम कर रही है।
आम नागरिक एनडीए संपोषित जमाखोरी, कालाबाजारी, महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के दुष्चक्र में फंसे है जिससे उनका दैनिक जीवन और बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वोट चोरी से बनी एनडीए सरकार की अदूरदर्शी सोच, पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से जनता में भारी आक्रोश है।
एनडीए नेता सरकारी संसाधनों की लूट, भ्रष्टाचार और चंदा चोरी में व्यस्त और मस्त है। बीजेपी सभी समस्याओं की जड़ तथा इनके झूठे, बड़बोले, अनैतिक, भ्रष्ट, जुमलेबाज़ नेता देशवासियों की सब परेशानियों के मूल कारण है।
टू नेशन थ्योरी की मुख़ालफ़त करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक संगठन मोमीन कॉन्फ्रेंस के सूत्रधार बाबा-ए-कौम मरहूम अब्दुल कय्यूम अंसारी के यौमे-ए-पैदाइश पर हम ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करते हैं।
मरहूम अब्दुल कय्यूम अंसारी साहब ने अपनी ज़िंदगी सामाजिक न्याय, ग़रीबों और वंचितों की भलाई में लगा दी। शिक्षा की बेहतरी के लिए उस दौर में उन्होंने बिहार में बेहतरीन कार्य किया था। #TejashwiYadav #Bihar #RJD
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं राजद के विधान पार्षद श्री कार्तिक मास्टर जी के मोकामा स्थित गांव में उनकी सुपुत्री के शादी समारोह में शामिल होकर इस शुभ अवसर पर परिजनों को मंगल बेला पर बधाई और नव दंपति को सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
ईश्वर से प्रार्थना है कि यह पावन अवसर उनके जीवन में अपार खुशियां, प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। #TejashwiYadav #RJD #bihar
मुहर्रम का मुक़द्दस महीना हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाने व सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा तथा सब्र, इंसाफ़, सच्चाई और भाईचारे का सबक़ सिखाता है।
आइए हजरत इमाम हुसैन के कुर्बानियों को याद करते हुए हम सभी आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लेकर देश में शांति, सद्भाव और खुशहाली की दुआ करें।
“जब एक ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना दिया गया जिस पर 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज हों तो बिहार में कानून व्यवस्था कैसी होगी!”
~ तेजस्वी जी
डायलॉगबाजी करने से बिहार में कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगा सम्राट जी।
सड़क पर चलते-चलते गाड़ियाँ ख़राब हो जा रही हैं।
जिनकी गाड़ी ख़राब हुई उनके चेहरे पर परेशानी देखिए और दूसरी तरफ़ गडकरी जी के चेहरे की मुस्कान!
सरकार जनता के लिए नहीं, अपने बेटे-बेटियों के लिए काम कर रही है!
सम्राट चौधरी की भाषा और आचरण बिहार के मुख्यमंत्री के पद की गरिमा और मर्यादा को धूमिल करती है!
अगर जाति देखकर पुलिस को फर्जी एनकाउंटर की अनुमति देना सम्राट चौधरी सरकार की नीति है तो इसे सबके सामने रखकर सरकार को न्यायपालिका की अप्रासंगिकता और अनावश्यकता पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए और बताना चाहिए कि 7 हत्याओं के अभियुक्त के लिए सम्राट सरकार की फर्जी एनकाउंटर की किताब में trigger happy पुलिस द्वारा किस तरह की मौत उल्लेखित है, वह भी तब जब वह अपनी आयु के बारे में न्यायालय से झूठ बोलकर सज़ा से बच गया हो!
सम्राट चौधरी की राजनीतिक आचरण से समाज में आपसी विद्वेष और घृणा के अलावा कुछ और नहीं होगा!
इस तरह के फर्जी एनकाउंटर से बिहार पुलिस को हरी झंडी मिल रही है कि वह किसी भी प्रकार से भ्रष्टाचार में लिप्त होकर वास्तविक दोषियों को बचाने के लिए भी कभी भी किसी भी निर्दोष का एनकाउंटर कर सकती है और हत्या के पीछे की वास्तविक मंशा से अनभिज्ञ नागरिकों के हर्षोल्लास के बीच खुद को एवं अपने भ्रष्टाचार को बचा सकती है!
#Crime #Corruption
@yadavtejashwi
#RJD #bihar
अमरीका द्वारा 3 भारतीयों की हत्या के बाद सर्वोच्च पदासीन प्रधानमंत्री की शर्मनाक प्रतिक्रिया सुनें, आपका भी सर शर्म से झुक जाएगा, खून खौल जाएगा।
घुटनाटेक प्रवत्ति, नाकामी , लाचारी, बेबसी, नकारापन की इससे बड़ी परिभाषा नहीं हो सकती। लाल आँख तो छोड़िए, ये “एक्सलेंसी” कहते हुए ट्रम्प का “अभिनंदन” करते नहीं थक रहे।