It's our fortune to born in the era when the construction of majestic Sri Ram Mandir in Ayodhya has begun. For my part, this is the small gift that I have dedicated. Requesting u all to come join hands and be a part of this historic movement.
#JaiShriRam#ContributeForRamMandir
Learnt about the incredible bravery of Captain Smit Machchhar. Immense courage in the face of a terrifying and unprecedented challenge. A true real-life hero. The entire world is proud of you. 🇮🇳 👏🏻
Prime Minister Benjamin Netanyahu:
My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.
Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker — preventing a catastrophic mid-air disaster.
He saved the lives of 174 people, including Israeli citizens and other nationals.
I wish Captain Machchhar a speedy and full recovery.
He is a true hero.
My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.
Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker — preventing a catastrophic mid-air disaster.
He saved the lives of 174 people, including Israeli citizens and other nationals.
I wish Captain Machchhar a speedy and full recovery.
He is a true hero.
As Jio turns 10, we celebrate an India that has grown up with technology and is now ready to shape what comes next.
The next decade will be about India leading from the front.
A generation for whom the only question that matters is not “Bade hoke kya banoge?” but “Bade hoke kya banaoge?”
Jio will be there to power every idea, every innovation and every dream. Aage aage dekho, kya kya banayega India.
>हर जाति वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस बराबर रखी जाये,
>या तो सबके लिए शून्य की जाये या फिर सबसे बराबर पैसे लिए जाएँ,
>जब आरक्षण जाति के आधार पर होता है तो फीस जाति देखकर क्यूँ ली जाती है?
>अब आंदोलन ट्विटर तक सीमित नहीं रहेगा ,अब हर छात्र की आवाजें सड़कों से गूंजेगी
Both videos are from the Cockroach Protest from the same stage:
Video 1: "I will not say Jai Shri Ram. Instead, I will say Jai Sanvidhan."
Video 2: "Let's take the name of Allah. Allah is the supreme power. Allah is inside us."
Explanation
What my 1000 tweets could not explain, these two videos explain perfectly.
This is how the Left ecosystem works.
Team 1's job is to make Hindus secular by using the Constitution and Ambedkar, to distance them from their Gods.
Then comes Team 2: If Team 1 succeeds in secularising even 50 out of 100 Hindus, Team 2 steps in, contacts those secular Hindus, and pushes them to love to Islam or Christianity.
This is what the Left has been doing in India for the last 100 years.
झारखंड के आदिवासी इलाकों में चर्च की बढ़ती संख्या पर मेरे बयान से काफी हंगामा हुआ। अपना धर्म बदल चुके कई लोग इस बात से परेशान हैं कि मैने सिर्फ चर्च की बात की, मंदिरों की नहीं। चलिए, आज इस मुद्दे पर विस्तार से बात करते हैं।
झारखंड के अधिकतर गांवों में आदिवासी-मूलवासी एक साथ रहते हैं। हमारे गांवों में हजारों सालों से जाहेरस्थान/ सरना स्थल/ देशाउली/ मांझी थान है और सनातन समाज के मंदिर भी, जिनमें मूलवासी पूजा करते हैं। आदिवासी- मूलवासी दोनों समुदाय एक दूसरे के पूजा स्थलों में सिर झुकाते हैं, एक-दूसरे के पर्व - त्योहारों में शामिल होते हैं और दोनों सबकी आस्था का सम्मान करते हैं।
इसके अलावा दिउड़ी मंदिर, रंकिणी मंदिर जैसे कई मंदिर हैं, जहाँ आदिवासी समाज के पाहन पुजारी की भूमिका में होते हैं, और सनातनी लोग भी वहाँ पूजा करते हैंं। ठीक उसी प्रकार, हम भी उनके पर्व-त्योहारों में शामिल होते हैं। लेकिन एक दूसरे के धार्मिक स्थलों एवं परंपराओं का यह परस्पर सम्मान हमारी आस्था, हमारी जीवन शैली को कभी नहीं बदलता।
हम आदिवासी पेड़ के नीचे बैठ कर पूजा करने वाले लोग हैं, और जन्म से लेकर शादी-विवाह एवं मृत्यु तक, हमारी बिल्कुल स्पष्ट जीवनशैली है। बच्चे के जन्म, नामकरण, विवाह समेत जीवन के सभी महत्वपूर्ण पड़ावों पर, हमारी सामाजिक प्रक्रियाएं मांझी परगना/ नायके/ पाहन/ मानकी/ मुंडा/ पड़हा राजा आदि पूरी करवाते हैं। जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर हम जाहेरस्थान/ सरना स्थल/ देशाउली/ मांझी थान जाकर मरांग बुरु/ सिंगबोंगा की पूजा करते हैं।
हजारों सालों के इस सामाजिक सह-अस्तित्व में हम लोग एक-दूसरे के हर सुख-दुख के साथी बने, यथासंभव सहयोग किया, लेकिन उन्होंने कभी हमें हमारी आस्था या जीवनशैली बदलने के लिए मजबूर नहीं किया। अभी धर्मांतरण की रफ्तार देख कर लगता है कि अगर उन्होंने ऐसा किया होता, तो शायद हमारी संस्कृति बहुत पहले खत्म हो गई होती।
हजारों सालों के हमारे इतिहास में, आपको ऐसा कोई भी मूलवासी/ सनातनी नहीं मिलेगा, जिसने किसी मदद, सहायता या सहयोग के बदले, अथवा हमें लालच/ धमकी देकर हमारे लोगों का धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिश की हो। वे कभी स्वयं को आदिवासी नहीं बताते। वे लोग आरक्षण समेत हमारे समाज को मिले अन्य अधिकारों को छीनने अथवा उसमें अतिक्रमण करने भी प्रयास नहीं करते, तो फिर उनसे कैसा बैर?
दूसरी तरफ, इस क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों ने 1845 में धर्म प्रचार शुरू किया, लेकिन मात्र 180 वर्षों में इन्होंने हमारी परंपराओं एवं धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाई, आरक्षण पर कब्जा किया, भाषाओं/ लिपियों का विरोध किया तथा हमारे अस्तित्व को मिटाने की हर संभव कोशिश की। हमारे लाखों लोगों का धर्मांतरण कर के इन्होंने ऐसे हालात बना दिये हैं कि सिमडेगा समेत झारखंड के कई हिस्सों में हमारे जाहेरस्थानों/ सरना स्थलों पर ताला लग चुका है, क्योंकि वहाँ धर्मांतरण की वजह से पूजा करने वाला कोई नहीं बचा।
आदिवासी समाज की पहचान पारंपरिक जीवनशैली, विशिष्ट संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाज एवं रूढ़िजन्य परम्पराओं से है, लेकिन ये लोग उसे मिटाने में लगे हुए हैं। ये लोग DNA की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इन्हीं मिशनरियों की वजह से दुनिया के कई हिस्सों में आदिवासी संस्कृति विलुप्त हो गई।
लैटिन अमेरिका की अयोरेओ जनजाति, केन्या की संबुरु जनजाति, ब्राजील की वाई वाई जनजाति, फिजी और पैसिफिक आइलैंड्स की जनजातियां धर्मांतरण के बाद अपनी मूल संस्कृति को भूल चुकी हैं। उनके पारंपरिक रीति-रिवाज, त्योहार, भाषा, नृत्य, पूजा-पाठ और सामाजिक संरचनाएं खत्म कर दिए गए। आप खुल कर क्यों नहीं कहते कि भारत में भी आपका असली मकसद यही है?
धर्मांतरण कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे समाज के अस्तित्व से जुड़ा मामला है। अगर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिदो कान्हू, वीर पोटो हो, वीर टाना भगत, वीर तेलंगा खड़िया एवं अन्य मार्गदर्शकों के दिखाए राह पर चलते हुए अगर हम लोग अपनी परंपराओं को नहीं बचाएंगे तो भविष्य में हमारे जाहेरस्थानों, सरना स्थलों, देशाउली आदि में पूजा करने वाला कोई नहीं बचेगा। हमारा अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा। (Part 1/2)
पहला वनडे का पॉइंट।
सचिन शुरुआती मैचों में नंबर 6 पर खेलते थे जहां गेंदें ज्यादा नहीं मिलती थीं।
सचिन ओपनर नहीं थे तब।
जिन दो शुरुआती वनडे मैचों में सचिन शून्य पर आउट हुये, उनमें भारतीय टीम का कुल स्कोर ही 80 और 138 रन था।
तीसरे मैच में सचिन ने 92 स्ट्राइक रेट से 36 बनाए थे नंबर 6 पर आकर और भारत जीत गया था ।
बल्कि जिन भी मैचों के आंकड़े आपने दिए उनमें से जितने में सचिन ने 30 से ज्यादा बनाए, वो मैच भारत जीता था।
अगर 1989-90 के दौर में नंबर 6 पर उतर के 90 स्ट्राइक रेट से 30 प्लस रन बनाने को आप कम आँक रहे तो कुछ बोलना ही उचित नहीं।
दूसरा टेस्ट की बात
15,
59,
8,41
35,57
O,24
88,
ये सचिन की शुरुआती 6 टेस्ट मैचों में स्कोर हैं जो सभी विदेश में थे। चार पाकिस्तान दो न्यूज़ीलैंड।
जहां नंबर 6 पर आए।
शुरुआती 9 पारियों में तीन अर्धशतक।
शुरुआती 21 टेस्ट मैचों में सचिन 20 विदेश में खेले।
पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका।।
और इन बीस टेस्ट मैचों में चार टेस्ट शतक थे। चार अर्धशतक।
इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में।
बस इतना ही।
Remembering Veer Savarkar on his Jayanti. His courage and patriotism will always inspire people. His intellect and emphasis on social reform are also noteworthy.
Well done, Arjun. ❤️
Proud of the way you’ve carried yourself through this season, always believing in your ability, staying patient, working hard quietly, and remaining positive despite having to wait for your opportunity till the very last match.
Cricket tests patience as much as skill, and you handled both beautifully today.
Keep your feet on the ground, and continue being in love with the game like you always have.
Love you always.👏
भारतीय स्वाभिमान, पराक्रम और अद्वितीय वीरता के प्रतीक महाराणा संग्राम सिंह जी (राणा सांगा) की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
उनका अदम्य साहस और राष्ट्रनिष्ठ समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
राणा सांगा की प्रेरणा से बिहार में हुए ‘सांगा यात्रा’ के पश्चात विधानसभा चुनाव में क्षत्रिय समाज की एकजुटता, जागरूकता और सक्रिय भागीदारी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
#RanaSanga #राणा_सांगा #Jai_Sanga #जय_सांगा #KshatriyaPride #SangaYatra #सांगा_यात्रा
Indian Army has cleared Col Shrikant Purohit for promotion to the rank of Brigadier: Sources
The Armed Forces Tribunal had stayed the retirement of Col Purohit due on March 31, 2026 after hearing his plea for promotion.