इस निर्णय का स्वागत है।
यदि सरकारी शिक्षक अपना पूरा समय और ऊर्जा सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को दें, तो शिक्षा व्यवस्था निश्चित रूप से बेहतर होगी।
मगर इसके साथ सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षकों से शिक्षण के अतिरिक्त अनावश्यक कार्य न करवाए जाएँ, सर्वे, चुनाव, गणना, कागजी कार्यवाही और दर्जनों गैर-शैक्षणिक काम भी बंद होने चाहिए। और उनका वेतन व सुविधाएँ ऐसी हों कि बढ़ती महंगाई के दौर में उन्हें अतिरिक्त आय के साधन तलाशने की आवश्यकता न पड़े शिक्षक सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
ये महोदय दस साल से प्रधानमंत्री हैं,
लेकिन ये अपने काम पर वोट नहीं मांग रहे हैं,
इनका कहना है कि @yadavtejashwi ने मछली खाई है,
इसलिए इन्हें Vote दे दो...
भारतीय मीडिया चैनलों पर तेजस्वी यादव के मछली खाने पर बहस हुई।
आजतक: 07
ZEE न्यूज़ :11
न्यूज 18 : 12
रिपब्लिक TV : 08
इंडिया TV : 07
रिपब्लिक भारत : 04
न्यूज़ नेशन : 06
TV9 भारतवर्ष : 06
भारतीय मीडिया चैनलों पर चुनावी बॉन्ड घोटाले पर बहस हुई।
आजतक: 00
ZEE न्यूज़: 00
न्यूज18 : 00
रिपब्लिक टीवी : 00
इंडिया टीवी : 00
आर भरत : 00
न्यूज़ नेशन : 00
TV9 भारतवर्ष: 00
यह गोदी मीडिया का पाखंड है जिसका वास्तविक मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि मछली और मटन जैसे बे-बुनियादी विषयों के साथ चुनाव की कवरेज करना चाहते हैं।
क्या आप जानते हैं कि,
अगर आपने IRCTC के वेबसाईट से वेटिंग टिकट बुक किया और वो कंफर्म नहीं हुआ तो खुद रेलवे खुद उस टिकट को कैंसिल कर देती है एवं आप द्वारा भुगतान किए गये राशि का एक बड़ा हिस्सा सर्विस चार्ज के रूप में काट लिया जाता हैं (उदाहरण के लिए ₹240 का वेटिंग टिकट बुक करने पर टिकट कंफर्म न होने पर रेलवे द्वारा मात्र ₹180 वापस होते हैं) इसका मतलब यह हुआ कि बिना किसी सर्विस का फायदा पाये ही आपको सर्विस चार्ज चुकाना पड़ता हैं। अब आप इसे रेलवे की लूट कहे या नागरिकों का राष्ट्र विकास में किया गया सहयोग, लेकिन रेलवे को इससे प्रतिवर्ष हजारों करोड़ की कमाई हो रही हैं। एक आरटीआई के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 में भारतीय रेल ने टिकट कैंसलेशन के नाम से से लगभग 2110 करोड़ रूपये कमाये।
आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी की नवादा, बिहार में होने वाली रैली को लेकर बिहारवासियों में उत्सुकता और उम्मीद है कि मोदी जी आज प्रदेशवासियों को भाषण में यह अवश्य ही बतलाएँगे कि:-
1. वो BJP के 𝐈𝐧𝐬𝐭𝐢𝐭𝐮𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥, 𝐎𝐫𝐠𝐚𝐧𝐢𝐬𝐞𝐝 और 𝐒𝐲𝐬𝐭𝐞𝐦𝐚𝐭𝐢𝐜 𝐂𝐨𝐫𝐫𝐮𝐩𝐭𝐢𝐨𝐧 को छुपाने के लिए हमेशा विपक्ष और विपक्षी नेताओं को ही भ्रष्टाचारी तथा घोटालेबाज क्यों बताते रहते है?
2. 𝐏𝐌 बताएँगे कि कैसे विपक्ष के सभी कथित भ्रष्टाचारी नेताओं ने 𝐂𝐁𝐈/𝐄𝐃/𝐈𝐓 की मदद से 𝐁𝐉𝐏 ज्वाइन की?
3. 𝐏𝐌 बताएँगे कि कैसे और क्यों कथित विपक्षी भ्रष्टाचारी कमल छाप साबुन से नहाने एवं नारंगी वाशिंग मशीन में धुलने के बाद बेईमान,भ्रष्ट और नकारे से ईमानदार, कर्मठ व सुयोग्य बन सभी केसों से बरी हो जाते है?
4. 𝐏𝐌 बताएँगे कि जाँच एजेंसियों की मदद एवं छापे के बाद 𝐄𝐥𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐁𝐨𝐧𝐝𝐬 के ज़रिए कैसे और क्यों बड़ी कम्पनियाँ हजारों करोड़ रुपए 𝐁𝐉𝐏 के खाते में डालती है?
5. 𝐏𝐌 बताएँगे की कोई भी विपक्षी नेता कितना भी ईमानदार, नौकरीदाता, समतावादी, लोकतांत्रिक, लोकप्रिय, सच्चा, अच्छा और परिणाम उन्मुखी हो लेकिन प्रधानमंत्री जी उसे बेइमान, भ्रष्ट, निकम्मा और बुरा क्यों बताते रहते है?
6. 𝐏𝐌 बताएँगे की क्यों 𝐁𝐉𝐏 ने देश में सबसे अधिक परिवारवादी नेताओं को टिकटें दी है?
7. 𝐏𝐌 बतायेंगे कि क्यों जाँच एजेंसियां 𝐁𝐉𝐏 नेताओं के घर छापा नहीं मारती? BJP नेताओं की जाँच क्यों नहीं होती?
8. 𝐏𝐌 बताएँगे कि 𝐁𝐉𝐏 नेताओं का काला कारोबार, भ्रष्टाचार, कदाचार, दुराचार और अत्याचार माफ क्यों होता है?
9. वो बताएँगे कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार और काला धन कम हुआ की नहीं? उन्होंने नोटबंदी में 𝟏𝟎𝟎𝟎₹ का नोट बंद कर 𝟐𝟎𝟎𝟎₹ का नोट शुरू क्यों किया था तथा बाद में उसे भी बंद क्यों किया था?
10. 𝐏𝐌 बताएँगे कि उन्होंने 𝟐𝟎𝟏𝟒 में युवाओं को प्रतिवर्ष 𝟐 करोड़ नौकरियां तथा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की घोषणा क्यों की थी लेकिन अब उस वादे को क्यों भूल गए?
𝟗𝟗.𝟗𝟗% बिहारी यह भी जानते है कि प्रधानमंत्री जी देशभर में 𝟏𝟎 वर्षों से हो रहे 𝐁𝐉𝐏 के संस्थागत, संगठित एवं व्यवस्थित भ्रष्टाचार पर नहीं बोलने की बजाय उलटे ही विपक्ष को भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज बोलेंगे ताकि लोगों का ध्यान 𝐁𝐉𝐏 के भ्रष्टाचार पर ना जाएं। #TejashwiYadav
आप यक़ीन नहीं करेंगे । कोरपोरेट के बड़े लोग भी व्हाट्स एप ग्रुप में फ़र्ज़ी मैसेज शेयर कर रहे हैं कि प्रति सांसद बीजेपी को कम चंदा मिला है दूसरे दल को ज़्यादा। ग़ुलामी का ये लेवल है। सारे वही शेयर कर रहे हैं , ऐसी ख़बरें सबके मोबाइल में है, मगर कोई शेयर नहीं कर रहा है। पढ़ना को दूर की बात। घोटाले की पूरी कहानी बदल दी गई है।
हमारे 𝟏𝟕 महीनों का सुनहरा कार्यकाल जिसमें पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को 𝟒 लाख से अधिक नौकरियां दी गयी, वह बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं का स्वर्णिम काल था।
अब नीतीश-भाजपा सरकार ने डेढ़ महीने में ही 𝟏𝟕 साल के पुराने कारनामों को दोहराते हुए नक़ल माफिया को इतना प्रोत्साहन दे दिया कि BPSC शिक्षक भर्ती के तीसरे चरण में प्रतियोगी परीक्षाओं के विश्व इतिहास में प्रथम बार 𝐀𝐝𝐦𝐢𝐭 𝐂𝐚𝐫𝐝 में ही 𝐀𝐧𝐬𝐰𝐞𝐫 𝐊𝐞𝐲 बतायी जा रही है। और तो और पेपर लीक कराने वाले नकल माफिया को बचाने के लिए इनके वरिष्ठ मंत्री प्रशासन पर दबाव बना रहे है। पुलिस को फोन कर रहे मंत्रियों का नाम- बूझों तो जाने?
युवाओं ध्यान से सुनो!
हम तुम्हारी सालाना 1 लाख रू की ‘पहली नौकरी पक्की’ करने जा रहे हैं। हमारी यह ऐतिहासिक योजना बेरोज़गारी की बीमारी का हमेशा के लिए इलाज है।
कांग्रेस सरकार ‘राइट टू अप्रेंटिस एक्ट’ बनाकर 25 साल से कम उम्र के हर ग्रेजुएट और डिप्लोमाधारी को सरकारी या निजी संस्थान में एक साल अप्रेंटिसशिप का मौका देगी, जिसके लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपए का स्टाइपेंड मिलेगा।
एक साल का प्रोफेशनल वर्किंग एक्सपीरियंस बेरोज़गारी की समस्या की जड़ पर प्रहार है। आपके पास न सिर्फ पहली नौकरी होगी, बल्कि एक साल बाद उसी नौकरी को आगे बढ़ाने का अवसर भी रहेगा।
यह क्रांतिकारी योजना इंडस्ट्री और भारत की वर्क फोर्स के बीच का स्किल गैप खत्म कर भारतीय उद्योगों की तस्वीर और युवाओं की तक़दीर बदल देगी।
यह सिर्फ एक साल की नौकरी नहीं, आपके सुनिश्चित उज्ज्वल भविष्य का द्वार है।
#PehliNaukriPakki