उड़ीसा में बामसेफ (BAMCEF) का प्रस्तावित 42वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन भाजपा सरकार द्वारा रद्द किए जाने के बाद देश की दलित-पिछड़ा राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
इस निर्णय के विरोध में बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन (बामन) मेश्राम ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 22 फ़रवरी 2026 को आरएसएस मुख्यालय, नागपुर का घेराव किया जाएगा।
वामन मेश्राम ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम को रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि बहुजन आंदोलनों, संविधान और सामाजिक न्याय की आवाज़ को दबाने की साज़िश का हिस्सा है उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस की नीतियाँ लगातार दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर रही हैं।
इस आंदोलन में भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा सहित देशभर के बहुजन संगठनों की व्यापक भागीदारी की तैयारी की जा रही है बामसेफ का कहना है कि यह घेराव केवल विरोध नहीं, बल्कि संविधान, आरक्षण और सामाजिक बराबरी की रक्षा का निर्णायक संघर्ष है।
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