जब #मनुस्मृति थी तो भारत की #संविधान सभा में 15 महिला है बिना किसी #आरक्षण के चुनकर आई थी जिसमें #वंचित समाज की भी महिलाएं थी
लेकिन जब संविधान से व्यवस्थाएं संचालित होती हैं तो भारत में महिलाओं को उनका प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण की व्यवस्था करनी पड़ रही है
@RahulGandhi
जब #मनुस्मृति थी तो राजा के साथ राज सिंहासन पर उसकी पत्नी साथ में बैठती थी और राजकाज में अपनी भूमिका का निर्वाह करती थी
जब मनु स्मृति थी तो 22 महिलाएं #ब्रह्मवादिनी के रूप में जानी जाती थी!
@RahulGandhi@BJP4India@ZeeNews
जब #मनुस्मृति थी तो #जीजाबाई ने #शिवाजी जैसे पुत्र का पालन पोषण करके उन्हें योग्य बनाया था जिन्होंने #हिंदीस्वराज की स्थापना की थी
जब मनुस्मृति थी तो #रविदास जी को #क्षत्रियों ने अपना गुरु बनाया था #मीराबाई
मनुस्मृति थी तो राजा के साथ राज सिंहासन पर उसकी पत्नी साथ में बैठती थी
जब #मनुस्मृति थी तो #शंकराचार्य जी का भारती के साथ-साथ शास्त्रार्थ हुआ था और शंकराचार्यजी ने उनकी विदुता का लोहा माना था
जब मनु स्मृति थी तो एक #गड़रिये की बेटी अहिल्या का विवाह
एक राजा के पुत्र के साथ हुआ
जब मनु स्मृति थी तो एक नारी #देवीअहिल्या ने अपने राज्य का संचालन किया था
जब #मनुस्मृति थी तब #आपला और #घोषा ने #ऋग्वेद के
दशम मंडल में सूक्त की रचना की थी
जब मनुस्मृति थी तो #मंडन मिश्र की पत्नी #भारती ने अपने पति
और शंकराचार्य के मध्य #शास्त्रार्थ के निर्णायक के पद को स्वीकार किया था और अपने पति की के विरुद्ध #निर्णय देने का काम किया था
#चाणक्य_नीति
जो ��्यक्ति समय का सम्मान करता है, समय भी उसका सम्मान करता है।
जीवन में सफलता पाने के लिए ज्ञान, धैर्य और अनुशासन तीन सबसे बड़े अस्त्र हैं।
भाग्य पर नहीं, अपने कर्म पर विश्वास रखो।
क्योंकि परिश्रम से प्राप्त सफलता ही स्थायी होती है।
#आचार्य_चाणक्य
कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के Resolution को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है।
मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन क�� नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।
आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है।
इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है। कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी ��र चढ़ गए।
आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के Resolution को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है।
- श्री @AmitShah
#दि��ागी_नक्सलवाद
हर वो व्यक्ति जो सिस्टम में रहते हुए जो #देश के विरुद्ध अविश्वास पैदा करे.. यदि उनका #व्यक्तिगतहित न सधे तो #सरकारी_संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करे..#अराजकता हेतु उकसाए.. संकट के समय दुश्मन देश की भाषा बोले.. युद्ध काल में सेना का मनोबल गिराने की बातें करे.
जब किसी #सांसद को संसद जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर में #सरकार को घेरने का अवसर हो..जिसका #वेतन लेते हो..तो फिर सड़क क्यों बैठना? सड़क तो तब उचित है जब सदन न चल रहा हो..
@BJP4India@aajtak
PM मोदी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष किया।
‘मुझे बताया गया कि 'स्काईरूट' स्टार्टअप में काम करने वाली पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ़ 28 साल है।
मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूँ।