@Prakash53656248@JaikyYadav16 कोन बहुजन आप अपने आपको बहुजन कहते हो
तो यहाँ नहीं होते किसी नयें के आ जाने से क्या पार्टी बदली दी जाती है क्या?
और नई पार्टी नहीं थी जब कौन सी पार्टी में थे आप
और बहुजनों की पार्टी एक थी एक है और एक ही रहेगी
मैं कल जिस ट्रेन से यात्रा कर रही थी उसी ट्रेन में एक शख़्स मेरा दिल चुरा बैठा… लेकिन दुख की बात ये है कि सिर्फ़ नजरों से नज़रें मिली….और अब मैं उसको ढूँढने का प्रयत्न कर रही हूँ…
कहते हैं कि अगर भगवान को दिल से खोजो तो एक दिन उन्हें पा सकते हो, लेकिन बस, ट्रेन या भीड़ में किसी अजनबी पर दिल आ जाए, तो उसे दोबारा ढूँढ पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
आज मैं ऐसे ही एक इंसान को ढूँढने की कोशिश कर रही हूँ। आज मैं ट्रेन से उतर गई हूँ ….आपने सफेद शर्ट और जीन्स की डेनिम पैंट पहन रखी थी…आप बार-बार मेरी तरफ देख रहे थे और मैं भी आपको देख रही थी…
क्या यही प्यार था ….
आपजब से ट्रेन में चढ़े थे और स्टेशन पर उतर गए…अगर आप यह पोस्ट देख रहे हैं और आपको लगता है कि यह बात आपके बारे में है, तो कृपया इस पोस्ट पर "WOW" कमेंट करें…मैं आपसे संपर्क करने की कोशिश करूँगी।
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