राजस्थान का राज्य पुष्प (1983 से) #रोहिड़ा जिसे 'मरुस्थल का सागौन' या 'मारवाड़ टीक' कहा जाता है। यह वृक्ष 🌳 भीषण #गर्मी में भी हरा-भरा रहता है और इसके पीले और सुंदर नारंगी-लाल फूल मार्च-अप्रैल में #थार_रेगिस्तान की सुंदरता ❤️ बढ़ाते हैं..!!
#Rohida#Tree#Flowers#Rajasthan
ऐसी खेजड़ियों की ग्रीनरी काटकर ग्रीन एनर्जी बना रही है भारत सरकार वो भी रेगिस्तान में।गजब हूतिया बनाया जा रहा है।
ये सारे पेड़ गॉंव के किसानों ने पनपाये है अपने रेगिस्तान को हरा भरा बनाने के लिये बिना एक सरकारी रूपए की सहायता के
सरकार जवाब दे क्या ऐसा कोई खेजड़ी का जंगल सरकार ने लगाया है?
एक पेड़ मां के नाम पर विलायती पेड़ लगाकर थार की जैव विविधता को नष्ट कर दिया जा रहा है।
सरपंचों पर दबाव बनाकर पेड़ लगाने का आँकड़ा लिखा जा रहा है और कई गेलचपे सरंपच ओरण में लगे केर,बेर को कटाकर शीशम करंज लगा रहे है जो बेहद गलत है कोई भी जैव विविधता की थोड़ी सी भी जानकारी रखता होगा वो भी समझ सकता है लेकिन ये गंवार सरकार के अधिकारी तो पेपर चोरी से,रिश्वत से भर्ती हुए हैं इनको क्या पता येजना कैसे बनाई जाये।
विनाश के शिवाय कुछ नही है ये सब
राजस्थान के सबसे बेशर्म मंत्री है ये जोधपुर के सांसद जी। इनके संसदीय क्षेत्र की तीन नदियाँ लूणी,जोजरीओर बांडी केमिकल का नाला बन चुकी हैं,100 से ज्यादा तालाब केमिकल से प्रदूषित हैं इन नदियों के किनारे,अंडरग्राउंड वाटर प्रदूषित यानि कुएं ओर नलकूप सब प्रदूषित।
बेशर्मी की हद देखिए ये अपनी परम्परा बता रहे है।ओर ये सब इनके 13 साल के राज में हुआ है जब वे भारत के जलशक्ति मंत्री तक रहे है।
लेकिन इनका एक शब्द नही निकलता है अपने द्वारा झूठा वादा किए हुए जोजरी रिवरफ्रंट पर इनके मुंह से।@gssjodhpur फेंकते रहो कब तक फेंकोगे।
मोदी से जिस दिन नाराज हुई जनता वार्डपंची सांसदी को भी फेंक ही देगी।
जिस प्रकार कालनेमी राक्षस ने साधु वेश में हनुमानजी जी को संजीवनी बूटी समय पर न पहुंचे रोकने के लिए कई प्रयास किये थे.. पर हनुमानजी ने कालनेमी को पहचान लिया..
उसी प्रकार, सरकार के कई नुमाइंदे ओरण हितैषी बनकर चिकनी चुपड़ी बातें करके ओरण प्रेमियों को रोकने पहुंचे.. लेकिन पहचाने गए
ओरण रोवे, गोचर सूने, तालाब पड़े लाचार,
जागो अब धरती पुत्रों, करो प्रकृति से प्यार।
खडीन बचे तो खेत हँसे, बरसे अमृत-धार,
पेड़-पौधे, जीव बचेंगे, तभी सजे संसार।
जो ओरण-गोचर बेच दे, वो कैसी औलाद,
माटी मां की लाज रखो, यही सच्ची फरियाद।
ओरण, गोचर, तालाब बचें, बचे धरती की शान,
खडीनों में फिर हरियाली हो, खुशहाल हो किसान।
जीव-जंतु, पेड़-पौधे सब, प्रकृति का है मान,
पदयात्रा ये संदेश दे — बचाओ अपना धाम। 🌿
@bhopal_jhalora@RavindraBhati__
Not a movie scene… it’s a real wedding! ✨
ऐसा लग रहा है जैसे किसी प्राचीन राजा-रानी का विवाह हो रहा हो।
सादगी से सजी प्राचीन हिंदू शैली की साड़ी, धोती और बेहद सुरुचिपूर्ण आभूषण — बिना किसी मॉडर्न लहंगे की चकाचौंध के।
कोई फिल्मी दिखावा नहीं, सिर्फ परंपरा, संस्कार और हमारी जड़ों की खूबसूरत झलक। ❤️
यही है असली भारतीय संस्कृति — सादगी में शाही अंदाज़।
ओरण पदयात्रा के दौरान आज ओरण संरक्षण टीम ने मारवाड़ के पूर्व नरेश हिज हाइनेस गज सिंह जी से शिष्टाचार भेंट की।
टीम द्वारा ओरण भूमि के संरक्षण हेतु प्रस्तुत किए गए तथ्यों को उन्होंने गंभीरतापूर्वक सुना और जनहित में उचित समाधान हेतु आश्वस्त किया।
@bhopal_jhalora