दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में करीब 600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. 27 जून की रात को ACB ने हेल्थ सर्विसेज की पूर्व डायरेक्टर जनरल (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में कुल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. इससे पहले, एजेंसी ने 18 जून को सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के चीफ डॉ. विजय कुमार रंगा को गिरफ्तार किया था.
https://t.co/IVd4ZTabLL
ACB | Delhi | Health Scam
"भाजपा में आइये, राम जी का चंदा खाइये!"
जब आस्था को राजनीति का साधन बनाया जाए, तो सवाल पूछना लोकतंत्र का अधिकार है।
राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। यदि मंदिर मे चंदा चोरी को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं, तो उनका पारदर्शी जवाब देना भी आवश्यक है।
"राम मंदिर तो झांकी है, बाकी मंदिर बाकी है!" जैसे नारे तभी सार्थक होंगे, जब जनता के विश्वास और चंदे का पूरा हिसाब भी सामने आए।
जय श्री राम का नाम राजनीति के लिए नहीं, श्रद्धा और मर्यादा के लिए है।
चंदा चोरो, गद्दी छोड़ो @narendramodi@myogiadityanath@ChampatRaiVHP@NitinNabin@CMOfficeUP@RSSorg@BJP4India@BJP4UP
प्रधानमंत्री कार्यालय ने चंपत राय से राम मंदिर के चढ़ावे का हिसाब-किताब माँगा, लेकिन चंपत राय ने साफ़ मना कर दिया। चंपत राय के पास ऐसी क्या जानकारी है, जिसके सामने मोदी जी भी बेबस हैं?
कम से कम नोएडा के एक चैनल ने तो करोड़ों राम भक्तों की ओर से सीना ठोक कर चंदा चोरों से सवाल पूछने की हिम्मत की।
पत्रकार विपिन चौबे ने बहादुरी का परिचय दिया 👍 @TV9Bharatvarsh
हम पूरे हिंदू समाज की इस माँग का समर्थन करते हैं कि जिस तरह हनुमानगढ़ी का संचालन साधु-संत करते हैं, वैसे ही भगवान राम के मंदिर को भी धर्माचार्यों को सौंपा जाए और ट्रस्ट में बैठे इन नेताओं व अफसरों को तुरंत हटाया जाए।
हिंदुओं ने चंदा चोर पार्टी को प्यार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन चंदा चोर पार्टी ने भी हिंदुओं के साथ विश्वासघात करने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
आज हर एक हिंदू जानना चाहता है कि चढ़ावे के करोड़ों रुपये आखिर गए कहाँ? उस पैसे का अंतिम डेस्टिनेशन क्या है?
जिस भगवान राम ने स्वयं सत्ता का त्याग कर दिया था, उन्हीं भगवान राम के नाम का ग़लत इस्तेमाल करके चंदा चोर पार्टी सत्ता में आई और सत्ता में आते ही उन्होंने राम मंदिर को अपनी पैसों की हवस का शिकार बना दिया।
राम मंदिर में रोज़ 12-14 लाख रुपये का दान आता था, जो अब घटकर 1 लाख रुपये से भी कम हो गया है। लोगों की भगवान में पूरी आस्था है, लेकिन मंदिर के प्रबंधन में बैठे प्यादों और उनके ऊपर बैठे आकाओं पर अब उन्हें भरोसा नहीं रहा।
भगवान राम के घर में महा डकैती हो गई है। उनका हार, उनकी पादुकाएँ, सोना-चांदी और चढ़ावे के करोड़ों रुपये, सब भगवान के घर से चोरी हो गए हैं।
इस चोरी में बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं। जब तक इन राक्षसों को फाँसी की सजा नहीं मिलेगी, तब तक लोगों का गुस्सा शांत नहीं होगा।
सिंधी एसोसिएशन ने 26 जनवरी 2021 को 200 किलो चांदी दान में दी, लेकिन उन्हें उसकी रसीद नहीं मिली। उन्हें विश्वास था कि वे भगवान के चरणों में चढ़ावा चढ़ा रहे हैं, इसलिए रसीद की कोई ज़रूरत नहीं है। लेकिन आज जब वे चोरी से जुड़ी खबरें देख रहे हैं, तो मंदिर का प्रबंधन करने वालों और उनके आकाओं पर उनका विश्वास डगमगा गया।
जिन लोगों ने अपना सब कुछ बेचकर भगवान श्री राम पर लुटा दिया, आज उनकी आस्था को गहरी ठेस पहुँची है।
— @ArvindKejriwal जी, राष्ट्रीय संयोजक, AAP
#AyodhyaMeinKejriwal
देश जानना चाहता है-
प्रभु श्री राम के मंदिर से चोरी हुए अरबों रुपये, सोना, चाँदी, जवाहरात और भगवान की पादुकाएँ कहाँ गईं?
— @ArvindKejriwal जी, राष्ट्रीय संयोजक, AAP
प्रधानमंत्री मोदी ने चंपत राय से हिसाब-किताब मांगा, लेकिन चंपत राय ने उन्हें रिकॉर्ड देने से इनकार कर दिया,
आखिर चंपत राय के पास ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिसके सामने प्रधानमंत्री मोदी भी बेबस नज़र आ रहे हैं?
— @ArvindKejriwal जी, राष्ट्रीय संयोजक, AAP
#AyodhyaMeinKejriwal