#1DayLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
परमेश्वर कबीर जी ने कहा था कि ‘‘पृथ्वी और आकाश टल सकते हैं, सूर्य का अटल सिद्धांत है उदय-अस्त, वो भी निरस्त हो सकता है, लेकिन मेरी बातें कभी झूठी नहीं हो सकती
#1DayLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Mahara
17 फरवरी को जगत के तारणहार संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है जो पूरे विश्व में शांति स्थापित करेगें।
#2DaysLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
17 फरवरी को उस महापुरुष का बोध दिवस है जिसने दहेज मुक्त, नशा मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त समाज ��था विश्व शांति का बीड़ा उठाया है।
#2DaysLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
21वीं सदी में मानवीय सद्गुणों का विकास एक भारतीय संत के द्वारा होगा, जो चिरस्थाई रहेगा, इस आध्यात्मिक व्यक्ति के अनुयायी भौतिकवाद को आध्���ात्मिकता म���ं बदल देगें।
#2DaysLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
संत रामपाल जी महाराज जी का 17 फरवरी को बोध दिवस है जिनके विषय में हंगरी की महिला ज्योतिषी ‘‘बोरिस्का’’ ने लिखा है कि
#2DaysLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
संत रामपाल जी महाराज का 17 फरवरी को बोध दिवस है जिनके बारे में नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि कई सदियों से ना ��ेखा ऐसा हिन्दुओं का सुख साम्राज्य दृष्टिगोचर होगा।
#2DaysLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
जब कलयुग 5500 वर्ष बीत जाएगा तब एक महापुरूष जगत का उद्धार करने के लिए आएगा। वह महापुरुष संत रामपाल जी महाराज जी हैं जिनका 17 फरवरी को बोध दिवस है।
#2DaysLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
परमेश्वर कबीर जी ने कहा था कि ‘‘पृथ्वी और आकाश टल सकते हैं, सूर्य का अटल सिद्धांत है उदय-अस्त, वो भी निरस्त हो सकता है, लेकिन मेरी बातें कभी झूठी नहीं हो सकती।
#2DaysLeft_For_BodhDiwas
Sant Rampal Ji Maharaj
17 फरवरी को जगत के तारणहार संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है जो पूरे विश्व में शांति स्थापित करेगें।
#GodKabir_PrasthanDiwas
Maghar Leela
यह दोनों धर्मों हिंदुओं और मुसलमानों में आपसी भाईचारे व सद्भावना की एक मिसाल का प्रमाण है।
गरीब, बिरसिंघ बघेला करै बीनती, बिजली खाँन पठाना हो।
दो चदरि बकसीस करी है, दीना यौह प्रवांना हो।।
#GodKabir_PrasthanDiwas
Maghar Leela
कबीर परमेश्वर मगहर से सशरीर सतलोक गए।
उनके शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल पाए गए जो कबीर परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार दोनों धर्मों ने आपस में लेकर मगहर में 100 फुट के अंतर से एक-एक यादगार बनाई जो आज भी विद्यमान है।