This thread has each answer for whatever is happening in our country right now.
I have spent days doing this research.
Now it's your duty to make it viral.
Please quote, comment, retweet, and share as much as possible.
Marxists can make propaganda articles a topic, but we can't make truth a topic!
मोदीजी ने 11 IIT बनाई हे इसमें से 7 दलितों को देकर चंद्रशेखर रावण को DIN बना दो चिराग पासवान जिम्मेदारी देना सब भर्तियों की
4 IIT में सवर्ण लोग पढ़ाई करेंगे कोई दिक्कत नहीं
आरक्षण वालों का विक्टिम कार्ड खेलना बंद होगा
दादाजी ने गजब दिल जीतने वाली बात बोली
In 2004, the Indian Express advised Gujarat CM Narendra Modi to pack up.
Ten years later, Modi took their valuable advice seriously, packed his bags, and relocated to Delhi permanently. Now he is packing everyone’s bag in each elections.
That’s the Power of Media 🙌😂
Newspaper cutting of 9th July 2025👇
The is the only and only reason of oppose of SIR and attack on Gyanesh Kumar, rest everything is bakwas
Entire fight is for Bangladeshi and Rohingya voters
While ruling govt wants to remove them
Opposition want to keep them
सार्वजनिक शौचालय ही गायब कर दिया मुल्लाओं ने
कब्ज़ा करके, अवैध मदीना मस्जिद शकुरपुर बना दी
कौन सी सरकार गिराएगी? - जनता पूछ रही है
@gupta_rekha@LtGovDelhi@AmitShah
आज कई कांग्रेसी और पप्पू मुख्य चुनाव आयुक्त पर खूब छाती कूट रहे हैं
आपको जानकर आश्चर्य होगा भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे नवीन चावला को सरकार ने नहीं बल्कि सोनिया गांधी ने नियुक्त किया था और इस मामले पर संसद में काफी हंगामा भी हुआ था सोनिया गांधी के लिए नवीन चावला उनकी पहली पसंद इसलिए थे क्योंकि नवीन चावला भी सोनिया गांधी की तरह कट्टर ईसाई थे
जी हां नवीन चावला मदर टेरेसा के संपर्क में आकर क्रिप्टो क्रिश्चियन बन चुके थे उन्होंने मदर टेरेसा पर काफी किताबें लिखी इतना ही नहीं पद पर रहते हुए भी वह एक अपनी निजी एनजीओ चलाते थे और जिस NGO को जब वह मुख्य चुनाव आयुक्त थे तब राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने 8 एकड़ जमीन जयपुर में मुफ्त में दिया था
इस पर भी मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था क्योंकि यह सीधे-सीधे हितों के टकराव का मामला था लेकिन कांग्रेस सरकार उन्हें हर बार बचा लेती थी कई बार जजों को मैनेज कर लिया गया
नवीन चावला को इटली की सर्वोच्च कैथोलिक क्रिश्चियन संस्था ने अपना सर्वोच्च पुरस्कार दिया था
31 जनवरी 2009 को तब के मुख्य चुनाव आयुक्त गोपाल स्वामी ने खुद राष्ट्रपति के पास जाकर शिकायत की थी कि उनके जूनियर चुनाव आयुक्त नवीन चावला कांग्रेस के एजेंट हैं और वह मीटिंगों की जानकारी बीच मीटिंग में ही कांग्रेस को लीक करते हैं ।
बीच मीटिंग में वह बाहर आकर बार-बार कांग्रेस नेताओं को मीटिंग की जानकारी देते रहते हैं और उनके निर्देश पर मीटिंग में उनका पक्ष रखते हैं
लेकिन इसके बावजूद भी ना तो नवीन चावला को हटाया गया बल्कि गोपाल स्वामी के बाद अगला मुख्य चुनाव आयुक्त भी उसे ही बना दिया गया जबकि उसका नंबर तीसरा था बीच में एक चुनाव आयुक्त और था जो दूसरे नंबर पर था और उसे बनाया जाना था
और नवीन चावला ने इस नमक का हक अदा किया । उसने 2009 के चुनाव में खुलकर बेईमानी करवाई ।
ऐसे कई कैस हुए थे । उसके ही जमाने में कांग्रेस पार्टी ने सपा से ज्यादा लोकसभा सांसद हासिल किए थे उत्तर प्रदेश में
यहां तक की सपा के गढ़ कन्नौज में हुए उपचुनाव में भी राज बब्बर ने डिंपल को हरा दिया था जबकि राज बब्बर खुद चुनाव लड़ने को इच्छुक नहीं थे ।
चिदंबरम को शिवगंगा से जयललिता की उम्मीदवार ने हरा दिया था , मगर तभी टीवी पर खबर आने लगी कि सोनिया गांधी चिदंबरम को ही गृहमंत्री बनाएंगी और उसके बाद दोबारा मतगणना हुई और उसमें चिदंबरम को जीता दिखा दिया गया ।
पूरे 5 साल तक वह केस अदालत में चला और बाद में वह केस आया गया हो गया और जयललिता इन 5 सालों में कहती रही कि हमारे साथ बेईमानी हुई है चिदंबरम बेईमानी से जीते हैं
मेनका गांधी को भी पहले हरा दिया गया था लेकिन मेनका गांधी दोबारा काउंटिंग पर अड गई और काफी बवाल के बाद जब दोबारा से वोटो की गिनती हुई तो उसमें मेनका गांधी जीत गई
यह नवीन चावला ही था जिसने उस दौरान परिसीमन किया था और परिसीमन का उद्देश्य यह था कि संघर्ष वाली सीटों पर भाजपा के वोट कम कर दिए जाएं और कांग्रेस के वोटरों को उस सीट में शामिल कर लिया जाए खासकर मुसलमानों को
सोचिए कांग्रेस ने इस देश में कितने कुकर्म किए हैं और हमारी याददाश्त इतनी छोटी होती है कि हम उसे भूल जाते हैं
In many Islamic societies, a common punishment for women and girls who refuse to wear the hijab is to restrain them and cut off all their hair.
But remember, hijab is a choice, they say.
Lie No 5 of RAHUL GANDHI. 🔔
The 2 Election Commissioner disagreements over SIR prove the ECI is captured by BJP
The Indian Express reported that two Election Commissioners raised procedural concerns 14 times over ten months. This is being presented as proof of a captured institution. The reality is the opposite. The fact that two Commissioners could put concerns on record 14 times, write to the Cabinet Secretary, and continue to function within the same institution is evidence that the ECI is not a captured body. It is a body with internal procedural differences, which is normal in any institution. The final orders of the SIR were signed by all three Commissioners
BREAKING: Benjamin Netanyahu has begun his speech at the UN and immediately fired at the cowards who left the hall:
“Before I begin, just a quick announcement: if there are any other moral cowards who haven’t yet left this hall, please do so now!”