बोधिसत्त्व बाबासाहेब डॉ आम्बेडकर ने कहा था कि मुझे विश्वास है कि हमारे लोग भारत में बौद्ध धर्म की पुनर्स्थापना हेतु अपना सब कुछ बलिदान कर देंगे। रास्ते में अनेक आंधियाँ आएँगी, कई परेशानियाँ आएँगी, लेकिन आपको रुकना नहीं है। शिक्षा और दीक्षा की गति निरंतर चलती रहनी चाहिए।
वैसे, ये किसी परिचय के मोहताज तो नहीं हैं | फिर भी मैं बताना चाहुगा |
नाम : सूरज कुमार बौद्ध
कार्य : शोषित, वंचित, एवम बहुजन समाज के ऊपर हो रहे अत्याचार और शोषण के अवाज़ उठाने वाले @SurajKrBauddh जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई |
जय भीम |
न किसी ने अपने आप को "जगतगुरु" कहा।
न किसी ने अपने आप को अन्य से श्रेष्ठ कहा।
लेकिन पूरा अमरीका इनके सम्मान में फूल लेकर अभिवादन की मुद्रा में स्वागत करता रहा। सम्मान फर्जी पदवी लगाने से नही बल्कि अर्जित किया जाता है।
Walk for Peace के अंतर्गत बौद्ध भिक्षुओं की लंबी यात्रा का समापन वाशिंगटन में हो गया।
।उद्देश्य "शांति" था।
इस शांति के संदेश को बौद्ध भिक्षु फैला रहे थे। जो गौतम बुद्ध का संदेश है। जब जब गौतम बुद्ध का संदेश की बात होगी तब तब भारत भूमि के प्रति लोगो का सम्मान बढेगा।
ओशो ने सही कहा है कि भारत को केवल गौतम बुद्ध की वजह से सम्मान की नजरों से देखा जाता है।।
नमो बुद्धाये। जय भीम।
विकास कुमार जाटव
यह लड़का अंधा है, लेकिन संत शिरोमणि गुरु रविदास, बाबासाहेब आम्बेडकर जैसे अपने पुरखों के त्याग एवं अपने शास्ता भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को देख सकता है।
हमें बहुत गर्व है कि हमारे युवा आज अपनी आगामी पीढ़ी को धम्म सांस्कृतिक चेतना से जागृत करने में लगे हुए हैं।
इस बेहद अहम मुद्दे का संज्ञान लेने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया माननीय सांसद जी। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुकी है और कल कांग्रेस पार्टी का भी प्रदर्शन है।
हमें उम्मीद है कि बहुजन समाज पार्टी दिल्ली प्रदेश भी इस मुद्दे पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगी।