रोगियों के लिए हस्पताल बना हुआ है, पागलों के लिए पागलखाना अपराधियों के लिए जेल खाना।
सीमा को सुरक्षित रखने के लिए सीमा सुरक्षाकर्मी है।
फिर ये अमानवीय व्यवस्था क्यों?
@HMOIndia@PMOIndia@rashtrapatibhvn
अगर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) देश के युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए लाई गई होती तो एक दशक से ज्यादा समय गुज��� जाने के बाद भी देश में करोड़ों युवा बेरोजगार नहीं घूमते।
10-20 हजार के पदों की भर्ती के लिए 30-40 लाख फॉर्म नहीं भरे जाते।
और यह जो दावा किया जा रहा है कि 1 करोड़ 64 लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है यह भी एक जुमलेबाजी है।
कुछ दावे बाज कहते थे कि हम हर साल 2 करोड़ नौकरियां देंगे अगर 2 करोड़ नौकरियो का 25% भी दिया गया होता तो देश में हर साल ग्रेजुएट होने वाले 50 लाख युवा बेरोजगारों को नौकरियां मिल��� होती।
सीधी सी बात है कि सरकार बस नाम की योजनाएं लाती है और उसमे हजारो करोड़ रुपए जनता के टैक्स का बर्बाद कर देती है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती है।
क्योंकि सरकार के पास ऐसा कोई सिस्टम और विजन ही नहीं है कि वह युवाओं को आज के दौर के हिसाब से शिक्षित-प्रशिक्षित करके योग्य बना सके।
#PMKVY #unemployment #system
Lucknow के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 से ज्यादा छात्रों की दुखद मृत्यु हो गई।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन 15 नौजवानों के मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है���
जब 29 मई को Allahabad में प्रतियोगी छात्रों ने पेपरलीक आदि को लेकर आंदोलन किया तो..
कई कोचिंग संस्थानों को fire safety के ��ाम पर सिर्फ इसलिए सील कर दिया गया क्योंकि वो छात्रों के आंदोलन को समर्थन दे रहे थे।
और आज अलीगंज में 15 छात्र कोचिंग में आग लगने के कारण असमय काल के गाल में समा गए तब ये fire safety चेक करने वाले कहां थे??
प्रशासन कहां था??
सरकार कहां थी??
जब इतने सारे लोग इकट्ठे हो रहे है और ये आवाज उठा रहे ह��� कि #uplekhppal में गड़बड़िया है
तो क्या सरकार को संज्ञान लेकर इस पर कोई जाँच नहीं करनी चाहिए कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए ?
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि पुलिस संविधान और कानून के प्रति पूरी तरह वफादार नहीं दिखती, बल्कि कई बार अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए काम करती नजर आती है.
ये भले ही एक फिल्म का सीन है, लेकिन आज के एजुकेशन सिस्टम की सबसे खौफनाक हकीकत है!
सुरक्षा के नाम पर एक ईमानदार छात्रा का दुपट्टा हटा दिया जाता है, लेकिन धांधली करने वाले दलालों के लिए ओएमआर शीट बदलने के पूरे दरवाज़े खुले रहते हैं। NEET में भी तो हमने यही देखा! सेंटर के बाहर बच्चों के जूते-कपड़े तक उतरवा लिए गए, और दूसरी तरफ पूरा का पूरा पेपर बिक गया..😡
छत्तीसगढ़ में फिल्म देखकर आ रहे इस नौजवान को टीआई चंद्रजीत साहू ने रोक लिया। थप्पड़ मारा। पत्नी और बेटी साथ थी। युवक गुस्से से भर गया। वीडियो बना रहा, उस वीडियो में भी टीआई कह रहा- तुम क्यों बोल रहा। मतलब थप्पड़ मारा है और इज्जत भी चाहता है।
वीडियो वायरल हुआ, लगा कि इन पुलिसवालों पर कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब उस नौजवान एस. किशोर की ही जांच की जा रही। शायद इसलिए ताकि आगे कोई इस तरह से वीडियो न बनाए। पुलिस मारती है तो मार खाकर घर चला जाए।
ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री तक को हस्तक्षेप करना चाहिए। उस नौजवान को पक्ष लेना चाहिए जिसने वीडियो बनाकर इनके कुकृत्य को उजागर करने की हिम्मत दिखाई।
रिपोर्टर: अब NEET पेपर एयरफोर्स से भेजा जाएगा।
खान सर 🎯: टाइफाइड के इंजेक्शन से मलेरिया का इलाज नहीं होता! दिक्कत भेजने में नहीं, प्रिंटिंग प्रेस में है। लीक करने वालों को सजा दो।
गरीब बच्चा सिर्फ एक ही चीज मांगता है: ईमानदारी स��� एग्जाम करा दो।
अब ये मोहतरमा शिक्षकों को समझाएंगी कि उन्हें क्या आता है क्या नहीं,
हमें कितने कौड़ी का ज्ञान है यह हमसे जुड़े हमारे लाखों छात्र, युवा और उनके माता-पिता बखूबी जानते हैं पर आपको लगता पत्रकारिता का कौड़ी भर ��्ञान नहीं है इसीलिए आप पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी, खस्ताहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की बात नहीं करती आप बात करती हैं झालमुड़ी के इतिहास की, मेलोडी टॉफी के मिठास की,
आपको शर्म आनी चाहिए देश के शिक्षकों के बारे में कुछ भी बोलने से पहले।
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सरकारी परीक्षाओं म���ं अव्यवस्था अब खबर नहीं,
लगभग routine ही बनती जा रही है।
Video में seriousness देखिए !
Exam hall के अंदर खुलेआम mobile लेकर paper दिया जा रहा है।
अब इस पर क्या ही कहा जाए?
यहां सीधे-सीधे exam centres की व्यवस्था,
निगरानी, और जिम्मेदार लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं।
लेकिन शायद उन्हें भी पता है कि
ना कोई बड़ी कार्रवाई होनी है,
ना blacklist होना है..........
अगली बार फिर Centre मिल ही जाएगा।
फिर अंत में वही statement जारी होगा
परीक्षा पूर्ण पार��र्शिता और सुचारु रूप से सम्पन्न हुई।
इतनी “पारदर्शिता” कि आराम से mobile से answer check करके exam दिया जा सके।
सबसे दुखद बात यही है कि
अब लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटना भी system को गंभीर समस्या नहीं लगता।