𝐖𝐇𝐎 𝐆𝐀𝐕𝐄 𝐓𝐇𝐄 𝐎𝐑𝐃𝐄𝐑 𝐓𝐎 𝐒𝐇𝐎𝐎𝐓 𝐒𝐓𝐔𝐃𝐄𝐍𝐓𝐒?
Delhi Police has no answer.
No I/O number.
No FIR.
But students and citizens are asking.
Amit Shah, you cannot run away from accountability.
We stand with Sahil. We stand with every student.
𝗙𝗶𝗹𝗲 𝗙𝗜𝗥 𝗡𝗼𝘄!!!
Amit Shah is solely responsible for the police brutality against India’s students.
If he ordered the attack, he is culpable. If he was unaware, he is incompetent.
छात्रों पर बर्बरता के ज़िम्मेदार अमित शाह हैं!
या तो उन्होंने इस हमले का आदेश दिया - ऐसे में वो सीधे गुनहगार हैं।
या फिर उन्हें हमले की कोई जानकारी नहीं थी - ऐसे में वो नाकाबिल गृह मंत्री हैं।
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
“The Congress Party’s role as many of you have stated, is to unite all of you together with love and affection.”
My speech to the INDIA Alliance leadership on 8th June.
https://t.co/Ct3STc5BM8
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।
यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं।
अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?
प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार।
लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं - क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें?
और हरियाणा? वहाँ तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है।
जो संस्थाएँ अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं - वो ख़ुद “remote controlled” हैं।
उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।
Some in the Congress, and others, are gloating about TMC’s loss.
They need to understand this clearly - the theft of Assam and Bengal’s mandate is a big step forward by the BJP in its mission to destroy Indian democracy.
Put petty politics aside. This is not about one party or another. This is about 🇮🇳.
ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आग लगने की दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।
सभी शोकसंतप्त परिजनों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं।