बिनोद साहनी की हत्या हो गई। गोंडा जातिवादी संघर्ष के मध्य है क्योंकि साहनी चार वर्षों से राजपूतों को मुगलपूत और ब्राह्मणों को मुखपुत्र बोल कर मजे लेता था। @Uppolice को लोग टैग कर के थक गए एक्शन नहीं हुआ। पुनः इस भीम आर्मी वाले को देखिए कि क्या लिख रहा है।
क्या सवर्णों की बेटियों पर ऐसे आक्षेप हम सहते रहें @BJP4India@narendramodi?
🚨 जाह्नवी कपूर दिन-ब-दिन मेरी पसंदीदा बनती जा रही हैं।
गरबा आयोजनों में मुस्लिमों के प्रवेश पर VHP के फैसले को लेकर काफी विवाद हो रहा है और इसे मुस्लिमों के साथ अन्याय बताया जा रहा है।
जाह्नवी कपूर ने इस पर सवाल उठाते हुए कथित दोहरे मापदंडों की ओर इशारा किया। उनका तर्क है कि कई लोग हिंदू त्���ोहारों और परंपराओं का विरोध करते हैं, लेकिन गरबा में शामिल होने को लेकर उत्साहित रहते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया— अगर गरबा सिर्फ मनोरंजन है, तो मुस्लिम महिलाएं बड़ी संख्या में इसमें क्यों नहीं आतीं? और अगर गरबा एक धार्मिक आयोजन है, तो क्या मुस्लिम पुरुषों के लिए इसमें भाग लेना उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप है? अगर गरबा इतना अच्छा है, तो मस्जिदों या मुस्लिम संगठनों ��्वारा ऐसे आयोजन क्यों नहीं किए जाते?
"किरोड़ी लाल मीणा" एक ईमानदार नेता हैं और साफ-साफ कह रहे हैं कि जब मैं MLA बन गया, मेरा भाई प्रशासनिक अधिकारी बन गया, तो मुझे आरक्षण की क्या जरूरत है? मेरे बराबर में जो एक और मीणा है, पत्थर तोड़कर अपना गुजारा करता है, उसे आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए? क्रीम�� लेयर लागू क्यों नहीं होनी चाहिए?
मुझे पहली बार विश्वास हुआ कि कुछ मीना अभी भी ईमानदार हैं, दूसरों का हक नहीं खाना चाहते ..
कुछ लोग जब चाहें तब किसी को भद्दी गालियां दें, सोशल मिडिया पर पूरी जाति के लिए अभद्र बातें कहें, और पलट कर कोई उत्तर दे दे तो कठोर कार्यवाही?
इस देश में देवी देवताओं को गाली दी जा सकती है, पवित्र ��्रंथो को भला बुरा कहा जा सकता है, और किसी ने पलट कर बात भी दुहरा दी तो अपराधी हो गया?
SC/ST एक्ट के नाम पर समाज को हम किस दिशा में ले जा रहे हैं?
क्या आप इन्हें पहचानते हैं?
ये अपने चिल्लाने के अंदाज़ से काफ़ी वायरल है
ये Kumar IAS के ऑनलाइन टीचर है। इनका कहना है कि एक छात्रा ने इनके खिलाफ झूठा SC/ST एक्ट का केस दर्ज कराया और 20 हज़ार रुपए लेकर केस वापस ले लिया। पूरा वीडियो देखि�� और इस पूरे मामले को समझिए।
सामान्य वर्ग से महिपाल सिंह मकराना का आह्वान
करणी सेना प्रमुख महिपाल सिंह मकराना जी ने चंडीगढ़-पंचकूला पहुंचकर सामान्य वर्ग से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आपके पुरखों की शौर्यगाथाओं से इतिहास भर��� पड़ा है। हरियाणा का जाट समाज भी सवर्ण वर्ग में आता है। समर्थन देना है तो दीजिए, नहीं देना है तो मत दीजिए, लेकिन अपने बच्चों के भविष्य की चिंता जरूर कीजिए।”
मकराना जी ने कहा कि क्षत्रिय समाज पहले भी मजबूत था, आज भी मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को “आर-पार की लड़ाई” बताते हुए सामान्य वर्ग से साथ आने की अपील की।
न्यूज़24 के PR टाउनहॉल में अभिजीत दिपके की हालत खराब हो गई!! 😂
मनाक: अगर आपको बेस्ट सीएम चुनना हो तो किसे चुनेंगे?
दिपके: मुझे लगता है स्टालिन ने तमिलनाडु की इकॉनॉमी के लिए अच्छा काम किया है।
मनाक: अगर इकॉनॉमी इतनी अच्छी थी तो DMK 5 साल में क्यों हार गई? खुद अपनी सीट ��्यों हारे?
दिपके: मुझे लगता है पिनराई विजयन भी अच्छे थे, उनकी सरकार ने कोविड में अच्छा काम किया।
मनाक: अगर कोविड में इतना अच्छा काम किया तो केरल के हेल्थ मिनिस्टर को कोविड के बाद क्यों हटाया?
दिपके: असल में मुझे लगता है केजरीवाल अच्छे थे, उन्होंने अच्छे स्कूल और अस्पताल बनाए।
मनाक: लेकिन सौरव दास पिछले हफ्ते दिल्ली के एक स्कूल गए थे और देखा कि बिल्डिंग की हालत खराब है!! 4 साल में सारा कंक्रीट ग��र गया और बिल्डिंग अनफिट घोषित हो गई!!
दिपके: मनाक जी, मुझे लगता है हम लेट हो गए हैं… मुझे घर जाकर सोना है, मुझे टाइफॉइड है!! 🤣
🚨 RELEASE THE RHA TEAM | #ReleaseRHATeam
Last night was painful for many people at the protest site. There were reports of a police lathi-charge, and many protesters spent the night in distress.
This morning, Shivam Thakur Bhai and Sumit Bhai went to meet people, listen to what they had gone through and stand with them. They too have now been detained/arrested.
Is listening to the pain of our own people a crime?
We respectfully call upon Delhi Police and the authorities to release the RHA team and ensure that everyone in custody is treated lawfully and humanely.
Our voice will remain peaceful, democratic and constitutional.
Release the RHA Team.
#ReleaseRHATeam
प्रधानमंत्री बनकर अति-पिछड़े, मुख्यमंत्री बनकर दलित का जाप,
सवर्णों के हिस्से क्यों हर बार सिर्फ़ सवाल और संताप?
जाति की राजनीति छोड़ो, सबको मिले बराबर सम्मान—
हर समाज की भागीदारी से ही मजबूत होगा हिंदुस्तान।