आम व्यक्ति किसी देश की एम्बेसी से वीजा लेता है, तो उसके पासपोर्ट नंबर की एंट्री हो जाती है।
फिर एयरपोर्ट पर,जैसे ही वह इमिग्रेशन पर खड़ा होता है, वहाँ -पासपोर्ट औऱ वीजा दोनों स्केन होते है। उसका डेस्टिनेशन, फ्लाइट डिटेल्स, सब कुछ विदेश मंत्रालय की निगाह मे होता है।
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पर अगर वह व्यक्ति सांसद - MP है -
तो उसके पास टाइप D डिप्लोमेटिक पासपोर्ट है।
अब उसे किसी भी यात्रा के लिए सरकार से प्रायर "पॉलिटिकल क्लियरेंस" की जरूरत है।
आवेदन कम से कम यात्रा के 3 हफ्ते पहले दिया जाता है। जिसे पूरी ऐटेनरी पढ़, समझ, जानकर ही - सरकार अनुमति देती हैं।
फिर संबंधित एम्बेसी को "पॉलिटिकल क्लियरेंस" की सूचना दी जाती है, ताकि उस देश मे हमारी एम्बेसी, पॉलिटिकल क्लियरेंस की शर्तो नियमों का कम्प्लायंस पक्का करवा सके।
इसके बाद ही, किसी MP की विदेश यात्रा संभव हो पाती है।
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अब अगर वह LOP हैं
तो आपने सुरक्षा कर्मी भी दिए है। जो साथ घूम रहा है। वह सरकारी कर्मचारी है, पर असल मे सरकारी खबरी है। यह बात तो ऑफिशियल हैं, सबको पता है।
अनऑफिशियल, उसके स्टाफ मे आपने तमाम आदमी घुसा रखें है। फोन मे पैगासस डाल रखा है। यात्रा की इटेनरी आपके पास है, तो उसके होटल, कमरे मे बग डाले होंगे।
कई दर्जन जासूस सादे कपड़ो मे होंगे।।
फोटो बाजी हो रही होगी।
दूरबीने लगी होंगी।
(न लगी, तो आप गधे हो)
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अब त्रिवेदी जी की मानी जाये, तो राहुल गाँधी, बिना पासपोर्ट, बिना वीजा, बिना मोदी गवर्मेँट की पॉलिटिकल क्लियरेंस के - शायद किसी स्मगलर की डोंगी मे बैठकर, कोस्ट गार्ड से बच बचा के किसी "अज्ञात" देश गए है???
औऱ "संदिग्ध "लोगो से मिल रहे है??
जिनकी पहचान, फोटो, खबर कुछ भी नहीं।
तो वो नहीं , आपका पूरा गैंग पप्पू है।
यह तो त्रिवेदी जी के विदेश मंत्रालय, इंटेलीजेंस सर्विसेज, तमाम खुफिया तंत्र, औऱ उस देहाती जेम्स बॉन्ड के गाल पर धूमधाम से मारा गया तमाचा है।
यदि त्रिवेदी जी की बात सत्य है, तो उन्हें ऐसी भोंदू सरकार से तुरंत इस्तीफा मांगना चाहिए।
🙏😊
आज मेरे पति का जन्मदिन है : हमारा विवाह सनातन और आदिवासी सरना आस्था की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है
🌸 आज भी मुझे सरना आस्था और परंपरा को पालन करने की स्वतंत्रता है क्यूंकि मेरे पति सनातनी हैं । बल्कि मेरे पति भी धर्मेश और माँ चाला के पूजा पद्धति में शामिल होते हैं और मेरा साथ देते हैं
🌸 आज मैंने विदेशी धर्म वाले से शादी की होती , तो मुझे यह आज़ादी नहीं मिलती
🌸 हमारा साथ इसी का संदेश है कि विविधता में एकता ही हमारी भारतीय संस्कृति की वास्तविक शक्ति है
मेरे पति , शक्ति और संवेदनशीलता के सुंदर संगम हैं। महादेव अपना आशीर्वाद उनपर सदा बना कर रखें
जय महादेव 💐💐🙏🏼🙏🏼
(pic: महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग , उज्जैन , मध्य प्रदेश )
दिल्ली पुलिस गलती से गलत आदमी को डिटेन कर लिया 🤣
भाई ये @ULLUTVNEWS के राजीव तलवार बहुत बड़ी तोप है यार..
मैने इसके जैसा जिगरा नहीं देखा मुंह पर गाली देता है चाहे कोई नेता हो ,पुलिस हो,
गाली देता है सही जगह और खुद जहां गलत वहाँ सीना ठोंककर स्वीकार भी करता है कि मैं गलत हूं।
इनके जैसे 2 - 4 - 1 0 पत्रकार अगर और आ गए जंतर मंतर पर तो नोएडा के बहुत से पत्रकार स्टूडियो छोड़कर भाग जाएंगे! 🔥
इसकी पत्रकारिता सबसे अलग है बोले तो नंबर 1।
जनसाधारण से अपील, सरकार से भी अपील
एक संवेदनशील पत्रकार, @IIMC_India के स्कॉलर और प्यारे शख्स प्रकाश आज जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रकाश को एक रेयर कैंसर है जो अब उनके लिवर तक फैल चुका है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन के कई थका देने वाले दौर से गुजरने के बाद भी कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका में इसे टारगेट करने वाली दुनिया की पहली जीवनरक्षक दवा को मंजूरी मिली है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जान बचाने के लिए अब यही एकमात्र रास्ता बचा है।
उनकी पत्नी रश्मि ने अब तक इस पूरी लड़ाई को अकेले लड़ा है और अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी है। लेकिन इस नई दवा को अमेरिका से मंगाने और पूरे इलाज का खर्च करीब 3 करोड़ रुपये आ रहा है। इसे इस परिवार के लिए अकेले जुटाना नामुमकिन है। आप सभी से अपील है कि नीचे दिए गए Ketto लिंक पर जाकर जितनी संभव हो उतनी आर्थिक मदद करें। इसमें बीमारी और इलाज से जुड़ी सारी प्रामाणिक जानकारी मौजूद है।
अगर आप डोनेट नहीं भी कर पा रहे हैं, तो इस पोस्ट को आगे जरूर शेयर करें ताकि यह सही लोगों तक पहुंच सके। आपका एक छोटा सा प्रयास भी प्रकाश को नया जीवन दे सकता है।
https://t.co/9pAzPAq9F7
क्या ही ज़िंदगी जी रहे हैं हम?
@Swiggy के इंस्टामार्ट से Dr Hen कंपनी के अंडों का ट्रे मंगाया था।देख लीजिए अंडे के नाम पर क्या निकल रहा है।
एक नहीं लगभग हर अंडा ऐसा निकला
सारा टैक्स भरने के बाद और पैसा खर्च करने के बाद ढंग का खाना तक नहीं मिल रहा।
पहले ज़हर खाइए और अस्पताल जाइए
फिर नक़ली दवाईयां अलग इंतज़ार कर रहीं
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए।
बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह ( DJ concert) को अनुमति प्रदान करना ना केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। आदि गुरु शंकराचार्य महाराज जी द्वारा इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण मे शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी उल्लेखनीय है की इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है परंतु हम उसे भूलकर शोर शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा तो कर ही रहे है साँथ में इतनी ऊचाई पर हजारों लोगो के नाचने से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी उपेक्षा कर रहे है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृती के रूप में परिणीत किया जा रहा है।
मैं भारतीय संस्कृति के अनुयायीयों तथा विशेषकर पूजनीय शंकराचार्यों तथा महात्माओं से यह अनुरोध करता हूँ कि वह संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाये, मैं केंद्र एवं राज्य सरकार से भी आग्रह करूँगा कि वह ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर देवभूमि की मर्यादा को बनाये रखें,
हिमालय देवात्मा है भगवान शंकर का निवास माँ गंगा का उद्गम है इसे नाच ग्रह बनाना करोड़ो भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक और इन्वेस्टिगेशन.
चुनाव आयोग में क्या है गड़बड़? क्यों हो रही है आयुक्तों की आपसी अनबन? किसको रखा जा रहा है अंधेरे में? और कौन लगातार कर रहा है किसकी शिकायत?
सारे जवाब पाएं हमारी लेटेस्ट इन्वेस्टिगेशन में.
इंडियन एक्सप्रेस हिंदी के यूट्यूब चैनल और फ़ेसबुक पेज पर.
23 सितम्बर, सुबह 7 बजे.
@ChouhanShivraj mama ji gajab jhut bol rhe ho AAP..... Modi ji ki प्रशंसा ना हो तो, फिर .......... Samjh hi rahe hain aap ..... Waise hmare modi ji superstar to hain ..... Chahe kaise bhi ho.
ग्रोवर साहब ने तो एक सांस में सरकार-न्यूज चैनल दोनों का दोगलापन उजागर कर दिया.
और एंकर से ये भी कह दिया- आप खुद मिसलीडिंग हेडलाइन दिखाकर सरकार की तरफदारी कर रहे हो.
@Ashneer_Grover
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का वायरल वीडियो देखा और देखते ही बंद कर दिया। बिल्कुल हँसी नहीं आई। उदास कर गया। जिसने भी किया है, ग़लत किया है। किसी के भी खाते समय कैमरा लगा देंगे तो कुछ अजीब लम्हे क़ैद हो जाएंगे। अफ़सर कई दिनों से भाग रहे होते हैं। किसी का बीपी नीचे जा रहा होता है तो किसी का ऊपर। भूख लगना स्वाभाविक बात है। वहाँ पर खाने-पीने की चीज़ें इसीलिए रखी जाती हैं। पता है यह सब सोशल मीडिया का साइड इफेक्ट है लेकिन इस खेल में किसी की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। शर्मनाक है।
फंड के नाम पर कुछ भी करने वाले ज़रूर सुनें👇
▪️छात्र: रजनीगंधा का प्रचार विश्विद्यालय में क्यों?
▪️दैनिक जागरण: कार्यक्रम के लिए फंड की जरूरत है, वो फंड रजनीगंधा दे रहा है हैं तो उनका नाम जाएगा
▪️छात्र: फिर तो शराब की कंपनी भी दे सकती है, उसका जाना चाहिए
📍पटना यूनिवर्सिटी