Starlink is licensed in over 165 countries and has spent five years complying with every single law and requirement of the government of India, so why still no license?
Is Ambani the real boss of India?
#VishwaBhrashtachari 😑
Sar chakra Raha hai ye sab Dekhkar 😵💫😵💫
Satta me baithe logo Ko Ghonta Parwah Hai Janata ke jaan Ki 😑😑
HIGHWAY SAFETY SCAM?
Crash barriers meant to save lives are allegedly snapping like plastic by hand.
A local activist claims substandard rods are being used instead of genuine GFRP turning safety infrastructure into a potential death trap.
Who approved this? Who is accountable?
#HighwaySafety #RoadSafety #NHAI #Infrastructure
E20 PETROL MILAVTI पेट्रोल पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान आया है
कल राज्यसभा में नितिन गडकरी ने खुद स्वीकार किया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से कुछ गाड़ियों में रबर पार्ट्स और गास्केट बदलने पड़ सकते हैं। ऑयल फ्यूल पंप खराब हो रहा है, बहुत कंज्यूमर की कंप्लेन है E20 पेट्रोल मिलावटी से।
हमसे जुड़ें। Please follow
During Mumbai Student Protests, a Young Man observed that the Police were arresting Every Youth Criticizing Modi on Camera.
We are living under a Dictator.
RSS द्वारा देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर क़ब्ज़े की कहानी : भाग 2
आजकल शिक्षा जगत पर RSS के बढ़ते प्रभाव और विश्वविद्यालयों के भगवाकरण को लेकर देशभर में गंभीर चर्चा चल रही है। ऐसे समय में मैं आपके लिए कुछ ऐसे सबूत साझा करने की यह श्रृंखला लेकर आया हूँ, जिन्हें हमने पिछले कई वर्षों से लगातार आपके सामने रखा था, ताकि समय रहते आपको आगाह किया जा सके। आज वही सवाल राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुके हैं।
यह वीडियो भी कुछ महीने पुराना है, जिसे मैंने अपने सोशल मीडिया संग्रहालय से आपके लिए निकाला है। इस वीडियो को स्वतंत्र पत्रकार @harshdelhise ने बनाया था। आज इसे दोबारा साझा करने का उद्देश्य केवल इतना है कि लोग देखें—जो बातें तब कही जा रही थीं, वे आज किस तरह वास्तविकता के रूप में हमारे सामने खड़ी हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में "युवा कुंभ" जैसे आयोजनों के नाम पर RSS से जुड़े कार्यक्रम खुलेआम आयोजित किए जा रहे थे। कई जगह कॉलेज प्रशासन अलग-अलग नामों से अनुमति देकर इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनता दिखाई दिया। ऐसे आयोजनों को लेकर छात्र संगठनों और शिक्षकों के एक वर्ग ने विश्वविद्यालय की संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठाए और विरोध भी दर्ज कराया।
विश्वविद्यालय विचार, बहस, शोध और आलोचनात्मक चिंतन के केंद्र होने चाहिए। लेकिन जब सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग किसी एक वैचारिक एजेंडे के प्रचार के लिए होने लगे, तो यह केवल एक कार्यक्रम का सवाल नहीं रह जाता, बल्कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक चरित्र का प्रश्न बन जाता है।
छात्र विरोध में उतर चुके हैं, जनता सवाल पूछ रही है और कैंपस का माहौल बिगाड़ने की यह कोशिश अब सबके सामने है। सरकारी संस्थानों को किसी भी वैचारिक या राजनीतिक प्रभाव का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति पर गंभीर बहस और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।
यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। दस्तावेज़ों, वीडियो और तथ्यों के साथ हम उन घटनाओं को सामने लाते रहेंगे, जिन्हें उस समय नज़रअंदाज़ किया गया, लेकिन जिनके परिणाम आज पूरे देश के सामने दिखाई दे रहे हैं।
I compared Fanta sold in France with the one sold in India.
French Fanta contains around 4 teaspoons of sugar.
Indian Fanta contains around 10 teaspoons of sugar.
French Fanta does not contain artificial colours.
Indian Fanta contains artificial colours.
French Fanta contains real oranges.
Indian Fanta does not contain oranges and uses “orange flavours”.
French Fanta contains around 69 calories.
Indian Fanta contains around 168 calories.
Same brand. Same drink. Completely different product.
The question is simple:
Why are healthier formulations possible abroad, but not in India?
INDIANS DESERVE BETTER!