लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे प्रदेशभर के पंचायत सहायकों की मांग है कि 6 हजार रुपये के मौजूदा मानदेय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए, संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू की जाए।
गांवों में सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में पंचायत सहायक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पंचायत सहायकों की जायज मांगों का न केवल समर्थन करती है, बल्कि उन्हें अपने चुनावी संकल्प पत्र में भी स्थान दिया हुआ है।
@UPGovt से हमारी मांग है कि पंचायत सहायकों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। मेहनत करने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
#ASP_K_Mission2027