By waving jihadist flags and chanting "Naraye Taqbir Allahu Akbar", Pro-Caliphate "Khelafat Majlish" has declared a long march towards the Sanatan Complex in Gaibandha district under Rangpur division and demolish idols of Lord Ram, Lord Shiva and Lord Krishna.
@Musheer1122@sahbazmohd65@ocjain4 मेरा तो पता नहीं लेकिन तेरे अब्बू को मेरे पिताजी ने कहा था कि बढ़िया क्वालिटी का कंडोम पहनकर कर लेकिन तेरे अब्बू ने सस्ता कंडोम पहना और तू पैदा हो गया कुलनाशक 😹😹
@Mansinghyadav92@khurpenchh ये तो बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है पब्लिक द्वारा मतलब भ्रष्टाचार है यह तो फर्जी एसटी सर्टिफिकेट बनवाया जा रहा है एक पूरी जाति के लोगों द्वारा और फिर बोलते हैं कि सरकार भ्रष्टाचार करती है अफसर नेता भ्रष्टाचार करते हैं तो अरे भाई तुम कौन सा दूध के धुले हो तुम भी तो फर्जी काम किए।
>नाम सेजल पवार
>काम MBBS की पढ़ाई करना
>असली काम मरे हुए इंसानों के जननागों के बारे में घटिया जोक मारना
>जब हमने इनके कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर इनका रिजल्ट खंगाला तो पाया कि मैडम ने ST कोटे से सीट कब्जा की है
>पवार नाम की कोई भी ST सेंट्रल लिस्ट में नहीं होते
>हाँ pawra या pawara नाम के ट्राइब भील सब केटेगरी में होते हैं,
>ऐसे में @CMOMaharashtra से अनुरोध है कि सेजल के ST सर्टिफिकेट की एक निष्पक्ष जाँच करवाकर सच सबके सामने लाया जाये,
>अगर उन्होंने फर्जी ST केटेगरी का फायदा उठाया है तो कठोरतम कार्यवाही हो
@CuteAaruhi4 मुस्लिम का संगठन बहुत अंदर तक घुसा होता है वो तुरंत पता लगा लेगा कि ये लडका हिंदू ही है मुस्लिम नहीं बना है, लडका मारा जाएगा, भाग कर शादी करना ही एकमात्र उपाय है मुस्लिम बहुल कट्टर होता है बाद में जेल में बंद हो जाएगा लेकिन मारकर मरेगा। जिहाद करना सर्वोपरि है इस्लाम में।
चंदन गुप्ता हत्या केस को लेकर NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी का फैसला
🫵🏻
3 जनवरी, 2025 को, NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी (वी.एस. त्रिपाठी) ने 26 जनवरी, 2018 को कासगंज के अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता की क्रूर हत्या में मुस्लिम समुदाय के 28 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह भयावह हत्या चंदन की तिरंगा यात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी।
आजीवन कारावास की सजा के अलावा, जज त्रिपाठी ने अपने फैसले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है और वह है पैसे के लिए किसी का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए महंगे वकीलों की तैयारी!
आज तक सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी भी जज द्वारा इस मुद्दे पर कभी टिप्पणी नहीं की गई है।
सजा सुनाते हुए, जज त्रिपाठी ने अपराधियों को बचाने में शामिल राष्ट्रीय और विदेशी NGO की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें रोकने के लिए अपने आदेश की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी है।
जज त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा था कि, “इन एनजीओ को कहां और कौन फंडिंग कर रहा है, उनका अंतिम उद्देश्य क्या है, इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है।
ऐसा आरोप है कि जब भी कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो ऐसे एनजीओ तुरंत उसका बचाव करने के लिए बहुत महंगे वकील उपलब्ध कराते हैं।
यह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है।”
कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित 7 एनजीओ/संगठनों के नाम दिए हैं।
1. सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस, मुंबई
2. पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली
3. रिहाई मंच
4. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी, न्यू यॉर्क
5. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल, वॉशिंगटन डीसी
6. साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, लंदन
7. जमीयत उलेमा हिंद
जस्टिस त्रिपाठी का यह आदेश वास्तव में ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार से समान मांग की है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की फीस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उनकी संपत्ति की घोषणा भी सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित करनी चाहिए।
उन्होंने हर साल कितना आयकर चुकाया है, यह भी सार्वजनिक करना चाहिए; वकीलों की फीस केवल चेक/बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही वसूली जानी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष वकीलों से वकील फीस की प्राप्ति के बारे में शपथपत्र मांगने चाहिए कि उनकी फीस किसने चुकाई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी आतंकवादी संगठन को फंडिंग की गई थी या नहीं।
जज त्रिपाठी के इस ऐतिहासिक आदेश का सभी देशभक्त भारतीयों द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाना चाहिए!
रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की मांग करने वाली एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका 2017 से लंबित है।
दो रोहिंग्या, मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर, जो भिखारी जैसे दिखते थे और खराब हालत में रहते थे, उनके लिए छह उच्च स्तर के वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
ये वकील थे - डॉ. राजीव धवन, प्रशांत भूषण, डॉ. अश्विनी कुमार, कॉलिन गोंसाल्विस, फली एस. नरीमन और कपिल सिब्बल।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका का 10 महंगे शीर्ष वकील विरोध कर रहे हैं।
पूजा स्थल कानून को चुनौती देने वाली उपाध्याय की याचिका का 22 शीर्ष वकील विरोध करते हुए देखे गए हैं। इनमें सांसद, विधायक और पूर्व कानून मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हैं।
ऐसे शीर्ष वकीलों के कारण यह याचिका लंबे समय से लंबित है।
सिर्फ अक्टूबर 2024 में, एक अन्य NGO - सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और केंद्र से "रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को" सरकारी स्कूलों में प्रवेश देने की अनुमति मांगी।
जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उनके पास देश में प्रवेश की कानूनी अनुमति नहीं है और वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तब यह NGO सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और SC ने कहा कि रोहिंग्याओं के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
ऐसे कई वकील और NGO हैं, उन सभी के फंड की जांच होनी चाहिए।
ताकि हमारी निरंकुश और असंवेदनशील न्यायपालिका भी जवाबदेह बन सके ।
@Musheer1122@sahbazmohd65@ocjain4 हां हमारा लक्ष्य अब्दुल पंचरवाला को टाइट करना ही है। भगवान से प्रार्थना है कि किसी प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री में इंदिरा गांधी की आत्मा प्रवेश कर जाए और मुस्लिमो को पकड़ पकड़ कर नसबंदी करवाएं।
🚨 BREAKING 🚨
After Jumma Namaz, jihadists have come out on the streets demanding to destroy the Ram Murti.
They are openly hitting banners featuring Lord Ram’s picture with sandals and shoes.
Does this not hurt the religious sentiments of Hindus?
Does this not hurt the sentiments of the Government of India?
@Musheer1122@sahbazmohd65@ocjain4 भारत में लाखों मंदिर है बच्चे , ऐसे कई ऐरे गेरे नत्थू खेरे आए गए हजारों साल में कई मंदिर तोड़े जलाए लूटे लेकिन आज भी लाखों मंदिर भारत में है और आगे और बनते रहेंगे दो टूटें तो क्या बीस बनेंगे तुम अपना देख ले।
@BDHindus71@narendramodi@PMOIndia@MEABharat क्या यह सत्य है कि बांग्लादेश पीएम ने भगवान राम की मूर्ति निर्माण से रोक दिया है आपलोग क्या कर रहे हैं हिंदुओ की ऐसी दुर्दशा पाकिस्तान और बांग्लादेश में मैंने नहीं देखी हिंदुओ के सत्ता में रहते, कृपया करके अविलंब निर्माण कार्य शुरू करवाएं 🙏🙏
@HridiRehmanRose@BDHindus71 Hah.. you fool little girl. In india there are thousands of masjid and majar, who told you these bullish things, I am waiting for someone like yogi adityanath to be PM so that porkis & u kanguls get treatment of your own medicine, I m fed-up of these converted muslim bullshits.
“Donating Jersey or any other genetically modified Cow, other than the Divine indigenous (Bos-Indicus) Cow, in GoDaan is merely a waste of wealth”
-Swami Shri Niranjan Dev Tirth Ji Maharaj
@BDHindus71 तुम लोग भी लगता है कल्कि अवतार का इंतजार कर रहा है, गीता में भगवान ने कहा है कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना पड़ा तो उठाना चाहिए लेकिन 800 साल की गुलामी ने हिंदुओ की धार कुंद कर दी जो जैसे चल रहा है चलने दो, दुनिया भर में हिंदू का यही मूलमंत्र है भाग्य भरोसे चलते रहो।
@YadavArvind786@MrMishra हाहा, एफआईआर करने के लिए गुदा चाहिए जो टेढ़ी नाक वाले के पास नहीं है वरना उस मौलाना पर सबसे पहले केस ठोकता जो डिंपल यादव पर ज्ञान पेल रहा था ।