It's time for judicial review of the amendments made in 2018 to SC/ST Atrocities Act which removed the safeguards laid down by the Supreme Court to check its rampant misuse.The Amendments have made it worse. Every affected party must prefer a constitutional challenge to the Act.
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ये आज पूरी रात तो ट्रेंड करेगा ही, कल दिन में भी ये टॉप ट्रेंडिंग में रहेगा। ये बता रहा है कि लोग अब इसके दुरुपयोग से त्रस्त हो चुके हैं
#StopMisuseOfSCSTAct
कविता के माध्यम से सवर्ण समाज और सामान्य वर्ग से जुड़े अपने अनुभव, पीड़ा तथा आरक्षण व्यवस्था के प्रभाव को लेकर अपनी भावनाएँ व्यक्त करने लगे हैं;
सुनिए, दुर्भाग्य से सवर्ण हूँ!
अगर आपको भी लगता है कि इस क़ानून का दुरुपयोग बंद होना चाहिए तो,
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#StopMisuseOfSCSTAct
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
आज का लाइव ऐसा होगा
फिर कभी नहीं जैसा होगा
एट्रोसिटी एक्ट के खोलेंगे धागे
रख कर दलितों को ही आगे
चुन-चुन कर वीडियो लाएँगे
सब तथ्य दिखाए जाएँगे
मंचों के बोल भी आएँगे
हर इमेज सजाए जाएँगे
सवर्णों की भी बेटी होती है
उसकी भी इज्जत होती है
वो राह चलती वेश्या नहीं
मैं चुप सुनने वाला प्रेश्या नहीं
हर रंग दिखाऊँगा तुमको
धो-धो के सुखाऊँगा सबको
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मित्रों, आप सबके स्नेह और समर्थन का आभार! मेरी बहन आपकी भी बहन है, और आपकी बहन मेरी भी बहन है। मेरे वचन तब कटु हुए जब किसी ने उसे राह चलती किसी वस्तु की तरह देखा। मेरी बहन का ऑब्जेक्टिफिकेशन किसी नारीवादी को नहीं दिखा, पर जब एक कथित रावण समर्थक को मैंने लक्षित करके कुछ कहा तो तुम्हें ध्यान आया कि मेरी मानसिकता सड़ी हुई है।
मैं जहाँ से आता हूँ, यदि यह बात मुझे कोई सामने से कहता तो मेरे ऊपर यह धाराएँ नहीं लगती, वो कोई और धारा होती। मैं आत्मनियंत्रण वाला व्यक्ति हूँ और ट्रोल की ट्रोलिंग को उसी तरह से थामना जानता हूँ।
बाकी, जो भी होगा वह प्रारब्ध है। पर हाँ, सवर्णों की बेटियाँ किसी भी शोषित-वंचित के डिजिटल उपभोग या विकृत यौन मानसिकता के प्रयोग की वस्तु नहीं।
कौन-सा संघर्ष रहा रामविलास पासवान जी का? यही न कि कैसे UPA में भी मंत्री बनें और कैसे NDA का भी हिस्सा बन जाएँ?
पासवान और चमार, बिहार का सबसे अधिक SC आरक्षण पाते रहे हैं। आप स्वयं अपना विकास आरक्षित सीट से कर रहे हैं। आपने मुसहर, डोम, चंडाल, भुइयाँ के कितने नेताओं को आगे बढ़ाया है?
मैं भी बिहार से हूँ। हाँफ-हाँफ कर मोदी जी का नाम लेने से कुछ नहीं होता।
बकवास बंद कीजिए और महादलितों का हक दीजिए। अब बहुत हो गया। पर आपका सही है, सत्ता बदलेगी फिर भी आप मंत्री बन ही जाओगे! आपको कुछ भी कहना बेकार ही है।
@ajeetbharti यह खुले मंच से ब्राह्मण बेटियों का आवाहन कर रहा है यह कितनी शर्म की बात है ब्राह्मण समाज के लिए
और मोदी सरकार ऐसे लोगों को सुरक्षित रखने के लिए और कानून बना दिया
ब्राह्मण भाइयों क्या कानून के डर से हम अपने बहन बेटियों का अपमान बर्दाश्त करेंगे
बरदाश्त की भी एक हद होती है