"नीट में यह लोग फेलियर हुए, यह अपना गुस्सा निकाल रहे हैं छात्रों पर। हमारी सरकार से मांग है कि छात्रों की मांग को स्वीकार करें और जो मंत्री है वह इस्तीफा दें।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
दिल्ली में छात्रों का समर्थन कर रहें माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना अति निंदनीय है।
लोकतंत्र की है हत्यारी
भाजपा सरकार अत्याचारी
भाजपा के दंभ ने अनादिकाल से चली आ रही सनातनी परंपरा को तोड़ दिया है। जगद्गुरु शंकराचार्य जी का तीर्थराज प्रयाग की धरती पर माघमेले को बिना पवित्र स्नान किये छोड़कर जाना एक अत्यंत अनिष्टकारी घटना है। संपूर्ण विश्व का सनातन समाज इससे आहत ही नहीं बल्कि अनिश्चित भय से आशंकित है।
भाजपा और उसके संगी-साथी चाहते तो सत्ता की हनक और अपने अंहकार को त्यागकर अपने कंधों पर उनकी पालकी उठाकर, उन्हें त्रिवेणी-संगम पर पावन स्नान कराकर, उनके मर्माहत सम्मान का मान रख सकते थे लेकिन भाजपाइयों को भ्रष्ट साधनों से अर्जित अपनी शक्ति का घमंड है, जो उन्हें ऐसा करने से रोक रहा है।
संतो का मन दुखी करके कोई सुख नहीं पा सकता है। भूल करने से बड़ी गलती, क्षमा न माँगना है। कोई भी राजनीतिक पद, संतों के मान से बड़ा नहीं हो सकता। भाजपा सनातन की भी सगी नहीं है। आज हर सनातनी मन से बेहद दुखी है।
धार्मिक अनुष्ठानों में व्यवधान उत्पन्न करनेवालों को क्या कहते हैं, ये भाजपाइयों को समझाने की ज़रूरत है क्या? हमारे महाकाव्यों का यही मूलभूत संदेश है कि घमंड के दंड से कभी कोई दुर्जन नहीं बचता है।
आहत संत अर्थात सत्ता का अंत!
"अजीत पवार जी महाराष्ट्र के बहुत लोकप्रिय नेता रहे। VIP के साथ इस तरह की घटना न हो, और यह बात साफ होनी चाहिए कि आखिरकार यह घटना क्यों हुई।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
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