दादूपाल धाम,भैराना जयपुर
रीको आने से पेड़ो को काटकर साफ़ कर दिया गया है
वन्य जीवो के हालत आप फोटो में देख सकते है
विकास इस कीमत पर कौन चाहेगा भला
राजस्थान में लोग बारी-बारी से बीजेपी और कांग्रेस की सरकार बनवाते हैं ये दोनों ही बराबर तरीके से प्रदेश का बंटाधार करते हैं
हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा चुके और अभी और काटे जाएँगे
सुनने वाला कोई नहीं है
जब Mother Dairy का दूध खरीदा गया, जिसकी एक्सपायरी 90 दिन बताई जाती है,
तो फिर एक्सपायरी से 11 दिन पहले ही दूध सड़कर बदबूदार कैसे हो गया?
कुछ सीधे और ज़रूरी सवाल 👇
• क्या पैकिंग से पहले बैच की माइक्रोबायोलॉजिकल जांच हुई थी?
• कोल्ड चेन में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई?
• स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन की निगरानी कौन करता है?
• क्या हर बैच की शेल्फ-लाइफ वास्तव में टेस्ट की जाती है या सिर्फ़ कागज़ों में?
• ग्राहक की शिकायत पर सैंपल उठाकर तुरंत जांच क्यों नहीं होती?
एक ट्वीट के बाद से FSSAI पूरे देश में ट्रेंड कर रहा है ,
देश में कैंसर ,डायबिटीज , BP , हाइपरटेंशन , हार्ट अटैक जैसी बीमारियां अपने आप नहीं बढ़ रही हैं,इनको बढ़ाया जा रहा है या कहो कि परोसा जा रहा है,
जिस पैकेज्ड फूड को हम चाव से खाते हैं, अगर सही से जांच की जाए तो शायद ही कोई प्रोडक्ट FDA और यूरोपियन स्टैंडर्ड्स को भी मैच कर पाए
देश की संस्थाएं मिलावट खोरों के साथ मिली हुई हैं, आसानी से सर्टिफिकेशन मिल जाना और कभी पकड़े जाने पर आसानी से छूट जाना , लेकिन कोई जवाबदेही न होना ,
ये सब बहुत संगठित तरीके से किया जा रहा है, देश की संस्था @fssaiindia हांथ पर हांथ धरे बैठी है , हम इस पर काफी दिनों से काम कर रहे हैं, कुछ दिनों में इस संगठित भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करेंगे ।
सोनम वांगचुक ने गिरफ्तारी के पहले अपना बयान दिया था, उन्होंने कहा मुझे जेल भेजने की पूरी तैयारी की जा रही है। एक ऐसे कानून के तहत जेल में डालना चाहते हैं जिसमें दो साल तक कोई जमानत नहीं होती। #ISupportSonamWangchuk
3 महीने से सोनम वांगचुक जेल में हैं।
बिना कसूर।
गांधी को मानने की सज़ा 💔
मीडिया ने झूठ बेचा, हम चुप रहे।
सोनम की पत्नी अकेली लड़ रही हैं -
हर आरोप को झूठा साबित करती हुई।
बस एक उम्मीद…
कभी तो सोई जनता जागे 😞
माउंट आबू स्थित अर्बुदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर, साधु-संतों का आशीर्वाद लेकर अरावली आंदोलन का संकल्पबद्ध आग़ाज़ किया।
यह आंदोलन जल, जंगल, ज़मीन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।
माँ अरावली की रक्षा के लिए यह संघर्ष अब रुकेगा नहीं, झुकेगा नहीं।
इसके लिए हम सब मिलकर संघर्ष कर माँ अरावली की रक्षा करेंगे।
#अरावली_आंदोलन #हम_सब_अरावली_बचाएंगे
#SaveAravali #अरावली_बचाओ
#निर्मल_संग_अरावली_बचाएंगे
#NirmalChoudhary
यह तस्वीर मेरे करौली ज़िले के अरावली की तलहटी में बसे करीरी गाँव की है। यह क्षेत्र मुख्यतः मीणा–गुर्जर बहुल है। आज करौली के कटकड़ गाँव में भी अरावली को बचाने के लिए विशाल सभा हुई। मैं गारंटी देता हूँ मेरे लोग अरावली की रक्षा के लिए अंतिम साँस तक लड़ेंगे।https://t.co/oD1DCFUCOj
यह देश अदानी या मोदी की जागीर नहीं है। अरावली को नष्ट करने की विनाशकारी नीति को जनता द्वारा करारा जवाब मिलेगा। यह चेतावनी नहीं, जनता का अल्टीमेटम है। अब सड़कों पर ऐसा आंदोलन होगा कि केंद्र की सत्ता हिल जाएगी।
आज दिल्ली में लोक सभा अध्यक्ष श्री @ombirlakota जी से संसद भवन स्थित उनके कक्ष में मुलाकात करके #अरावली_पर्वतमाला को बचाने के लिए लोक सभा के स्तर से हस्तक्षेप करने की मांग रखी | मैंने लोक सभा अध्यक्ष जी से कहा कि अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए उठ रही आवाज किसी एक पहाड़ी को बचाने का विषय नहीं है बल्कि यह जनस्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ मामला है | दिल्ली -एनसीआर से लेकर हरियाणा व राजस्थान के एक दर्जन जिलों मे फैली अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है और दिल्ली–एनसीआर के लिए यह सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि जल, वायु और जैव-विविधता की जीवनरेखा है। दुर्भाग्य से आज यह पर्वतमाला गंभीर संकट से जूझ रही है और इन सब हालतों के मध्य भारत सरकार द्वारा गठित एक कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की परिभाषा ही बदल दी जिससे इस पर्वतमाला के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए | मुझे आश्चर्य इस बात का है कि एक तरफ देश के उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-NCR की हवा को बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण “स्वास्थ्य आपातकाल” कहा है और प्रदूषण रोकने के लिए जल्दी कदम उठाने की बात कही मगर दूसरी तरफ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ही अरावली की जो नई परिभाषा तय की है वो अरावली को बर्बाद करने की एक नई परिभाषा बनेगी जिस पर सुप्रीम कोर्ट को पुनर्विचार करना चाहिए | पिछले कुछ दशको में अरावली की पहाड़ीयों का विनाश इतने बड़े पैमाने पर हुआ है कि राजस्थान मे अजमेर से झुंझनू और हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक फैली अरावली मे 12 से ज़्यादा दरारें खुल गई जहाँ से थार रेगिस्तान की धूल दिल्ली- एनसीआर तक उड़ रही है ,ऐसा पर्यावरण से जुड़े जानकारो ने मुझे कहा है | अरावली की नई परिभाषा से खनन को बढ़ावा मिलेगा और पहाड़ीयां ज़मीदोँज हो जाएगी तथा भारत की प्राचीन पर्वतमाला निरंतरता खो देगी जिससे ज़्यादा गैप और दरारें बन जाएगी, अरावली राजस्थान की भी लाइफ लाइन और पहचान है क्योंकि इस पर्वतमाला की 692 KM लंबाई मे से लगभग 550 KM राजस्थान से गुजरती है और अरावली का नुकसान होने से मरुस्थल का विस्तार होगा, गर्म हवाओं का व्यापक असर राजस्थान मे बढ़ेगा और बंगाल की खाड़ी से आने वाले मानसून से होने वाली बारिश भी प्रभावित होगी तथा इससे निकलने वाली नदियां भी लुप्त होगी |
@LokSabhaSectt@loksabhaspeaker@RLPINDIAorg
हवाई जहाज से अरावली कुछ यूँ नजर आती है। जो ढाल बनकर खड़ी है।
हैदराबाद जाते समय अरावली को अपने कैमरे में कैद किया था और आज उसे बचाने के लिए चिंता हो रही है ।
#अरावली_बचाओ
हमने सालों में न जाने कितने लोगों को कैंसर से जाते देखा वो लोग भी जिन्होंने कभी सिगरेट,शराब तक को हाथ नहीं लगाया। आज हालत ये है कि खाना तक ज़हर बन चुका है, और यह प्रकृति की गलती नहीं…
यह मिलावटखोरों और लालची कंपनियों की देन है।
सबसे डराने वाली बात यह है कि आज जो समस्या दिख रही है, कल वही जानलेवा संकट बनकर खड़ी होगी। लेकिन हम असली मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय फ़ालतू बहसों, झूठे नैरेटिव और बेकार के विवादों में उलझे पड़े हैं।
टाटा वाले इंस्टाग्राम को पैसा दे रहे है कि कोई भी सियारा का नाम ले विडियो में तो विडियो को वायरल कर दिया जाये। जिसे पोजीटिव PR कहा जा रहा है।
हम ठहरे पर्यावरण प्रेमी थोड़ा सा दिमाग लगाया ओर अरावली का दर्द इसके साथ जोड़ दिया।अब ये विडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया लाखों लोगों तक पहुंच चुका है।
आपको ये हमारे @imJpooniya की ये विडियो बनाने का आइडिया कैसा लगा मित्रों।
ट्रेंड का उपयोग इस तरह से करना भी एक स्किल है
पूरे देश को लकवाग्रस्त कर दिया है अपनी झूठी शान और बेईमानी से.. इनके लिए सत्ता में बने रहना देश और नागरिकों से सर्वोपरि है.. वैक्सीन को लेकर ज़बरदस्ती किया लोगों के साथ, अब लोग भुगत रहे है, कई आकस्मिक हार्ट अटैक इसके दुष्परिणाम देखे गये है, लेकिन इतने गुनाहों के बाद, देश को खोखला करने के बाद बस यही राष्ट्रभक्त भी बने घूम रहे है और इसे नया भारत बोलते है ये..