उत्तर प्रदेश के उन्नाव के इस लड़के ने Reel बनाने के लिए अपनी जान जोख़िम में डाल दी।
उन्नाव के इस लड़के ने एक Reel बनाई जिसमें यह ट्रेन की पटरी पर लेट जाता है और पूरी ट्रेन इसके ऊपर से निकल जाती है,
यह लड़का इस Reel को Instagram पर पोस्ट किया है,
अब पुलिस ने संज्ञान लेते हुए इस लड़के पर कार्यवाही की है और इसे जेल जाना पड़ा है।
*श्री हरिवंश राय बच्चन जी की एक "सुंदर कविता", जिसके एक-एक शब्द को, बार-बार "पढ़ने" को "मन करता" है-_*
ख्वाहिश नहीं, मुझे
मशहूर होने की,"
_आप मुझे "पहचानते" हो,_
_बस इतना ही "काफी" है।_😇
_अच्छे ने अच्छा और_
_बुरे ने बुरा "जाना" मुझे,_
_जिसकी जितनी "जरूरत" थी_
_उसने उतना ही "पहचाना "मुझे!_
_जिन्दगी का "फलसफा" भी_
_कितना अजीब है,_
_"शामें "कटती नहीं और_
-"साल" गुजरते चले जा रहे हैं!_
_एक अजीब सी_
_'दौड़' है ये जिन्दगी,_
-"जीत" जाओ तो कई_
-अपने "पीछे छूट" जाते हैं और_
_हार जाओ तो,_
_अपने ही "पीछे छोड़ "जाते हैं!_😥
_बैठ जाता हूँ_
_मिट्टी पे अक्सर,_
_मुझे अपनी_
_"औकात" अच्छी लगती है।_
_मैंने समंदर से_
_"सीखा "है जीने का तरीका,_
_चुपचाप से "बहना "और_
_अपनी "मौज" में रहना।_
_ऐसा नहीं कि मुझमें_
_कोई "ऐब "नहीं है,_
_पर सच कहता हूँ_
_मुझमें कोई "फरेब" नहीं है।_
_जल जाते हैं मेरे "अंदाज" से_,
_मेरे "दुश्मन",_
-एक मुद्दत से मैंने_
_न तो "मोहब्बत बदली"_
_और न ही "दोस्त बदले "हैं।_
_एक "घड़ी" खरीदकर_,
_हाथ में क्या बाँध ली,_
_"वक्त" पीछे ही_
_पड़ गया मेरे!_😓
_सोचा था घर बनाकर_
_बैठूँगा "सुकून" से,_
-पर घर की जरूरतों ने_
_"मुसाफिर" बना डाला मुझे!_
_"सुकून" की बात मत कर-
-बचपन वाला, "इतवार" अब नहीं आता!_😓😥
_जीवन की "भागदौड़" में_
_क्यूँ वक्त के साथ, "रंगत "खो जाती है ?_
-हँसती-खेलती जिन्दगी भी_
_आम हो जाती है!_😢
_एक सबेरा था_
_जब "हँसकर "उठते थे हम,_😊
-और आज कई बार, बिना मुस्कुराए_
_ही "शाम" हो जाती है!_😓
_कितने "दूर" निकल गए_
_रिश्तों को निभाते-निभाते,_😘
_खुद को "खो" दिया हमने_
_अपनों को "पाते-पाते"।_😥
_लोग कहते हैं_
_हम "मुस्कुराते "बहुत हैं,_😊
_और हम थक गए_,
_"दर्द छुपाते-छुपाते"!😥😥
_खुश हूँ और सबको_
_"खुश "रखता हूँ,_
_ *"लापरवाह" हूँ ख़ुद के लिए_*
*-मगर सबकी "परवाह" करता हूँ।_😇🙏*
*_मालूम है_*
*कोई मोल नहीं है "मेरा" फिर भी_*
*कुछ "अनमोल" लोगों से_*
*-"रिश्ते" रखता हूँ।*
*श्री हरिवंश राय बच्चन जी की एक "सुंदर कविता", जिसके एक-एक शब्द को, बार-बार "पढ़ने" को "मन करता" है-_*
ख्वाहिश नहीं, मुझे
मशहूर होने की,"
_आप मुझे "पहचानते" हो,_
_बस इतना ही "काफी" है।_😇
_अच्छे ने अच्छा और_
_बुरे ने बुरा "जाना" मुझे,_
_जिसकी जितनी "जरूरत" थी_
_उसने उतना ही "पहचाना "मुझे!_
_जिन्दगी का "फलसफा" भी_
_कितना अजीब है,_
_"शामें "कटती नहीं और_
-"साल" गुजरते चले जा रहे हैं!_
_एक अजीब सी_
_'दौड़' है ये जिन्दगी,_
-"जीत" जाओ तो कई_
-अपने "पीछे छूट" जाते हैं और_
_हार जाओ तो,_
_अपने ही "पीछे छोड़ "जाते हैं!_😥
_बैठ जाता हूँ_
_मिट्टी पे अक्सर,_
_मुझे अपनी_
_"औकात" अच्छी लगती है।_
_मैंने समंदर से_
_"सीखा "है जीने का तरीका,_
_चुपचाप से "बहना "और_
_अपनी "मौज" में रहना।_
_ऐसा नहीं कि मुझमें_
_कोई "ऐब "नहीं है,_
_पर सच कहता हूँ_
_मुझमें कोई "फरेब" नहीं है।_
_जल जाते हैं मेरे "अंदाज" से_,
_मेरे "दुश्मन",_
-एक मुद्दत से मैंने_
_न तो "मोहब्बत बदली"_
_और न ही "दोस्त बदले "हैं।_
_एक "घड़ी" खरीदकर_,
_हाथ में क्या बाँध ली,_
_"वक्त" पीछे ही_
_पड़ गया मेरे!_😓
_सोचा था घर बनाकर_
_बैठूँगा "सुकून" से,_
-पर घर की जरूरतों ने_
_"मुसाफिर" बना डाला मुझे!_
_"सुकून" की बात मत कर-
-बचपन वाला, "इतवार" अब नहीं आता!_😓😥
_जीवन की "भागदौड़" में_
_क्यूँ वक्त के साथ, "रंगत "खो जाती है ?_
-हँसती-खेलती जिन्दगी भी_
_आम हो जाती है!_😢
_एक सबेरा था_
_जब "हँसकर "उठते थे हम,_😊
-और आज कई बार, बिना मुस्कुराए_
_ही "शाम" हो जाती है!_😓
_कितने "दूर" निकल गए_
_रिश्तों को निभाते-निभाते,_😘
_खुद को "खो" दिया हमने_
_अपनों को "पाते-पाते"।_😥
_लोग कहते हैं_
_हम "मुस्कुराते "बहुत हैं,_😊
_और हम थक गए_,
_"दर्द छुपाते-छुपाते"!😥😥
_खुश हूँ और सबको_
_"खुश "रखता हूँ,_
_ *"लापरवाह" हूँ ख़ुद के लिए_*
*-मगर सबकी "परवाह" करता हूँ।_😇🙏*
*_मालूम है_*
*कोई मोल नहीं है "मेरा" फिर भी_*
*कुछ "अनमोल" लोगों से_*
*-"रिश्ते" रखता हूँ।*
🚩 श्री गणेशाय नमः🚩
■■■
दिनाँक- *"31"* मार्च *2025*
वार- *सोमवार* _शुक्ल पक्ष
माह- *चैत्र*, तिथि- *द्वितीया*
हाथ में कलावा व माथे पर तिलक जरूर लगावें
🕉️🕉️🕉️🕉️
घुट रहे हो खुद के अंदर, प्रकृति की गोद में चला आ
खुद को पा लेगा यहांँ, शांति मिलेगी तुम्हें इतनी यहांँ
🕉️🍁🍁🕉️
◆ मित्र_"सूती कपड़े के सुख *बहुत ही निराले हैं*- शरीर, सूती कपडे पहनने से ही *अच्छी सांस* लेता रहता है, पसीना आसानी से सूखता है, बदन पर बोझ नहीं महसूस होता। *ऐतिहासिक तथ्यों से पता चलता है* कि *सूती कपड़े* के उत्पादन/उपयोग की तकनीकों का विकास *औद्योगिक क्रांति* और *औपनिवेशीकरण के पहले तक भारत में ही हुआ।* हमारे देश के *देशप्रेमी उद्योगपतियों ने* स्वदेश में कपड़ा मिलें स्थापित करके, अपनी तरह से *ब्रितानिया हुक़ूमत* के गोरो की *आकाओं को चुनौती* दी। *वाडिया, साराभाई, मफतलाल, श्रीराम* परिवारों के साथ इंदौर के *हुकुमचंद जैन* भी उल्लेखनीय हैं। *आज भी इंदाैर में* उनकी *कई मिलों की चिमनियां* उस *दौर की गवाही* देती हैं।
👇 *इतिहास के झरोखे*
*√सृष्टि संवत् _ 1,95,58,85,125*
√युगाब्द 5126, शक संवत् 1946,
√ *विक्रम संवत् 2082*
√🔹 31 मार्च 1889- एफिल टावर दिवस, फ्रांस के पेरिस में आज ही के दिन इस गगनचुंबी इमारत का उद्घाटन किया।
√🔹 _इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर डे ऑफ विजिबिलिटी (किन्नर समाज) हर साल वैश्विक स्तर पर "31 मार्च" को मनाया जाता है।
√🔹 31 मार्च 1990 भीमराव अंबेडकर को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया
√🔹 31 मार्च 1774 - भारत में पहला डाक सेवा कार्यालय खोला गया।
√🔹 31 मार्च1867 - बंबई में "प्रार्थना समाज" की स्थापना हुई।
√🔹 31 मार्च 1959 - तिब्बती धर्म गुरु 14 वें दलाई लामा को भारत में शरण ली।
√🔹 31 मार्च 1504 : सिखों के गुरु अंगद देव जी का जन्म।
√🔹 31 मार्च 1727 _महान भौतिकशास्त्री आइजैक "न्यूटन" का 84 वर्ष की आयु में लंदन में "निधन" हुआ।
√🔹 31 मार्च 1865 - आनंदी गोपाल जोशी का जन्म - भारत की प्रथम महिला डॉक्टर
√🔹 31 मार्च 1930 - श्यामजी कृष्ण वर्मा का निधन, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक ।
🔹🔹🔶🔹🔹
*शुभ-प्रभात*
आपका दिन शुभ हो।
🚩 *जय श्री राम*🚩
*꧁!! Զเधॆ Զเधॆ !!꧂*
*जय सनातन धर्म ओर हिंदू राष्ट्र की*
🚩 *जय माता जी की सा*🙏
@Surajfarmer
राजस्थान में नौकरी वैसे ही बहुत कम है और मुश्किल से कितने वर्षों बाद चतुर्थ श्रेणी की भर्ती आई है मुझे लगता है कि इससे बड़ा उन बच्चों के लिए कोई मौका नहीं हो सकता जो कई वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इसमें राजस्थान जीके का वेटेज का नहीं बढ़ाना कहीं ना कहीं उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने जैसा है सब तथ्य जानते हुए भी राजस्थान जीके का वेटेज क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है यह समझ से परे है यदि गणित और इंग्लिश के आधार पर ही चयन करना है तो फिर चतुर्थ श्रेणी क्यों बना रहे हो इस पद के अनुसार योग्यता में सबसे अधिक राजस्थान की आधारभूत जानकारी ,सामान्य व्यवहार कुशलता और अभिवृत्ति और आईसीटी संबंधी योग्यता का मापन किया जाना चाहिए ना सेंट्रल वाले पाठ्यक्रम को लागू करके यहां के बच्चो को बाहर करना ssc वाले पाठ्यक्रम का क्या मतलब है
#चतुर्थ_श्रेणी_में_राजGK_बढ़ाओ
अध्यापक भर्ती लेवल -1 महिला आरक्षण 50% लागू हो गया है।
यह बीएसटीसी वाले भाईयों के साथ अन्याय कर रही है राजस्थान सरकार।।
बेरोजगार हितेषी नेताओं को एकजुट होकर यह लड़ाई लड़नी चाइए
क्यो की सबका एक ही टारगेट होना चाइए छात्र हिट सर्वोपरि
आओ सड़को पर हक़ की लड़ाई में बुलावे नहीं आते