मनौरी से चायल के बीच के एरिया में #jio का #नेटवर्क पिछले लगभग एक महीने से सही से न चलने से मोबाइल धारकों को परेशानी का सामना करना पड रहा है
#नेट न चलने के कारण रीचार्ज का पैसा बेकार जा रहा है
@deo__kaushambi@reliancejio@JioCare
@myogiadityanath 3.जिसका मुकदमा
नंबर 16/20 महादेव/सुरेमन जनवरी 2020 से चल रहा है
जो सिर्फ तारीख पर तारीख चल रहा है
और अगली तारीख 23.04.2025 है
जल्द फैसले के लिए #मैने भी मुकदमा किया था नंबर 48/20 राम सुरेमन/महादेव के नाम से चल रहा था जिसका 2024 मे फैसला होने वाला था
लेकिन फाइल गाबय कर दिया गया
@myogiadityanath 2 और मेरी जमीन का निर्माण कार्य मुझे नहीं करने दिया जा रहा है
जबकि मेरा जमीन #दो_हिस्सेदार के बीच में है
और मेरे जमीन के अगल-बगल दोनों तरफ माकान निर्माण कर लिया गया
और मेरे जमीन का निर्माण कार्य रोकने के लिए #महादेव_पटेल ने #ग्रामीण_न्यायालय तहसील #चायल_कौशांबी में मुकदमा किया है
3. देश में बहुजनों के सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक हालात, कांग्रेस की तरह भाजपा शासनकाल में भी अति-दयनीय तथा इनके आरक्षण के संवैधानिक अधिकार पर भी सुनियोजित कुठाराघात होने से अब इनकी स्थिति कुछ ’अच्छे दिन’ के बजाय बुरे दिन वाली ही बन रही है, जो अति दुःखद व चिन्तनीय।
1. यूपी के प्रयागराज के करछना में सामंती तत्वों द्वारा एक दलित की की गयी नृशंस हत्या की घटना अति-दुख��� व चिन्तनीय। प्रदेश में बेलगाम हो रहे ऐसे आपराधिक, असमाजिक व सामंती तत्वों के खिलाफ सरकार ज़रूर सख्त कार्रवाई करके कानून के राज को कायम करे। (1/2)
2. साथ ही, संविधान निर्माता भारतरत्न परमपूज्य बाबा साह���ब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के अनादर की घटनाओं को भी सरकार पूरी गंभीरता से लेकर समाज में तनाव एवं हिंसा पैदा करने वाले ऐसे गुनहगारों के विरुद्ध सरकार सख़्त कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रूक सके। (2/2)
1. वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में हुई लम्बी चर्चा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा कुछ नहीं बोलना अर्थात सीएए की तरह संविधान उल्लंघन का मामला होने के विपक्ष के आरोप के बावजूद इनका चुप्पी साधे रहना क्या उचित? इसे लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश व इनके इण्डिया गठबंधन में भी बेचैनी स्वाभाविक।
2. वैसे भी देश में बहुजनों के हित, कल्याण एवं सरकारी नौकरी व शिक्षा आदि में इन वर्गों के आरक्षण के अधिकार को निष्प्रभावी व निष्क्रिय बनाकर इन्हें वंचित बनाए रखने के मामले में कांग्रेस, भाजपा आदि ये पार्टियाँ बराबर की दोषी। धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी इनके छलावा से बचना जरूरी।
3. इनके ऐसे रवैयों के कारण उत्तर प्रदेश में भी बहुजनों की स्थिति हर मामले में काफी बदहाल व त्रस्त जबकि भाजपाइयों को कानून हाथ में लेने की छूट। साथ ही, बिजली व अन्य सरकारी विभागों में बढ़ते हुए निजीकरण से हालात चिन्तनीय। सरकार जनकल्याण का संवैधानिक दायि��्व सही से निभाए।
1. कांग्रेस पार्टी के अहमदाबाद अधिवेशन में ख़ासकर भाजपा के ’छद्म राष्ट्रवाद’ व दलित एवं पिछड़े बहुजन-हित आदि को लेकर प्रस्ताव छलावा व अविश्वसनीयता से ग्रस्त। इन वर्गों के आरक्षण व अन्य कल्याणकारी संवैधानिक गारण्टियों को लागू करने के मामले में कांग्रेस का रवैया हमेशा छलावापूर्ण।
2. बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा ओबीसी समाज को धारा 340 के जरिए आरक्षण देने व उसे लागू न करने पर कानून मंत्री पद से इस्तीफा व फिर मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के तहत इन्हें आरक्षण दिलाने में बीएसपी की अहम भूमिका जग जाहिर है जबकि कांग्रेस, भाजपा का आरक्षण-विरोधी रवैया सर्वविदित।
3. वास्तव में बाबा साहेब को भारतरत्न से सम्मानित करने से लेकर उनके करोड़ों अनुयाइयों के प्रति कांग्रेस, भाजपा व सपा आदि का रवैया हम��शा ही जातिवादी व बहुजन-विरोधी रहा, जिससे मुक्ति हेतु ही बीएसपी का गठन हुआ, किन्तु अब इन वर्गों के वोटों की खातिर छल व छलावा की राजनीति की जा रही है।
4. साथ ही, मा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्यपालों की मनमानी व राजभवनों के राजनीतिक द्वेषपूर्ण भूमिका पर अंकुश लगाने वाले कल दिए गए चर्चित फैसले का स्वागत। उम्मीद है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी व कल्याणकारी संविधान एवं देश के लोकतंत्र को इससे ज़रूर मजबूती मिलेगी।
1. यू.पी. में आए दिन हर छोटी-छोटी बात पर लोगों का शोषण व उत्पीड़न आदि हो रहा है जिसके तहत् अभी हाल ही में ज़िला फतेहपुर के एक ही किसान परिवार के 3 क्षत्रिय/ठाकुरों की व एक दलित व्यक्ति की भी हत्या कर दी गई है, जिससे लोगों में वहाँ काफी दहशत व्याप्त है। (1/2)
2. सरकार दोषियों के विरुद्ध सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करके वहाँ पीड़ित परिवार को समय से न्याय दे तथा कानून-व्यवस्था को भी सुधारने पर विशेष ध्यान दे। (2/2)
1. संसद में वक़्फ संशोधन बिल पर सत्ता व विपक्ष को सुनने के बाद, निष्कार्ष यही निकलता है कि केन्द्र सरका�� यदि जनता को इस बिल को समझने के लिए कुछ और समय दे देती तथा उनके सभी सन्देहों को भी दूर करके जब इस बिल को लाती तो यह बेहतर होता। (1/2)
2. लेकिन दुःख की बात यह है कि सरकार ने इस बिल को बहुत जल्दबाज़ी में लाकर जो इसे पास कराया है यह उचित नहीं और अब इस बिल के पास हो जाने पर यदि सरकारें इसका दुरुपयोग करती हैं तो फिर पार्टी मुस्लिम समाज का पूरा साथ देगी अर्थात् ऐसे में इस बिल से पार्टी सहमत नहीं है। (2/2)
1. यूपी की रही सपा सरकार की तरह ही महाराष्ट्र, उत्तराखण्ड व यूपी आदि भाजपा सरकार द्वारा जिला, शहरों व संस्थानों आदि के नामों को बदलने की प्रवृति कानून के राज का गवरनेन्स नहीं बल्कि द्वेष व भेदभाव के आधार पर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की अति चिन्तनीय संकीर्ण राजनीति।