"मैं ब्राम्हण हूँ, मेरा दोस्त SC समुदाय से है। हम जयपुर में जब भी रूम लेने जाते है तब मुझे खुद की जाति बतानी पड़ती है और दोस्त को भाई बोलकर परिचय देना पड़ता है क्योंकि अगर दोस्त की जाति बताऊंगा तो कोई रूम नही देगा। तो आरक्षण हटाने की बात मैं कैसे करू?"
-समझदार ब्राम्हण युवक
Madhya Pradesh’s Baiga Adivasis are still struggling for basic healthcare, education and a dignified life.
After 79 years of Independence, how is this still acceptable?
रायबरेली
➡‘घूस के पैसे दो या अपनी बेटी भेज दो’
➡रायबरेली में लेखपाल दिनेश सविता पर आरोप
➡रिपोर्ट लगाने के नाम पर लेखपाल पर आरोप
➡मुआवजे की रिपोर्ट लगाने के लिए रुपए मांगे
➡पीड़िता का कच्चा मकान बारिश में गिर गया था
➡मुआवजे के लिए लेखपाल की रिपोर्ट लगनी थी
➡पीड़िता ने कहा, लेखपाल दिनेश ने रिश्वत मांगी
➡पैसे न होने पर कहा, अपनी बेटी भेज दो- पीड़िता
➡शिकायत पर अफसरों ने मामले को झूठा बताया
➡सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के मलकेगांव का मामला
@dmraebareli@raebarelipolice@Uppolice@UPGovt@CMOfficeUP@adgzonelucknow
8 वें वेतन आयोग में विभिन्न लेवल के लिए प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर और नए अनुमानित मूल वेतन की संभावित सूची.!
देखिए किस लेवल पर कितना बढ़ेगा आपका वेतन! 📊💼
#8thPayCommission
आरक्षण इसलिए नही दिया जाता कि दलित-पिछड़े कमजोर है आरक्षण इसलिए दिया जाता है क्योंकि आज भी सिस्टम में बैठे द्रोणाचार्य दलित-पिछडो को आगे नही बढ़ने देते है।
कुछ लोग आजकल SC-ST एक्ट को लेकर रोना रो रहे है तो उन्हें बता दूं इस मामले में भी SC-ST एक्ट के तहत कार्यवाही हुई थी और ऐसे ही जातिवादियों के लिए SC-ST एक्ट बना है ।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस मामले में चारों दोषी सवर्ण थे ये रहे उनके नाम 👇
- वी के शर्मा
-जयश्री भट्टाचार्य
-शोभा दास
-राज गुप्ता
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय का झंझोड़ देने वाला वीडियो सामने आया है जहां एक मासूम दलित छात्र ने अपनी ही शिक्षिका पर गंभीर जातिगत भेदभाव और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि वंदना मैडम उसे स्कूल से भगा देती हैं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करती हैं
क्या आप जानते है कि,
ऑर्गन केयर सिस्टम (OCS) एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें डोनर के हृदय को शरीर से बाहर निकालने के बाद भी गर्म, ऑक्सीजनयुक्त और पोषक तत्वों वाले रक्त का लगातार प्रवाह दिया जाता है। इससे हृदय को धड़कती अवस्था में रखा जा सकता है और ट्रांसप्लांट तक उसकी स्थिति की लगातार निगरानी की जाती है।
इस दौरान लैक्टेट, रक्त प्रवाह, दबाव, तापमान और हृदय की कार्यक्षमता जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों की निगरानी होती रहती है। इससे डॉक्टर यह आकलन कर सकते हैं कि हृदय ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त है या नहीं।
यानी अब डोनर के दिल को सिर्फ बर्फ में सुरक्षित रखने के बजाय, एक विशेष मशीन में गर्म और ऑक्सीजनयुक्त रक्त के साथ “जिंदा और धड़कती अवस्था” में ट्रांसप्लांट सेंटर तक ले जाना संभव है। ❤️
95 साल की उम्र में हाथ में डंडा लेकर ट्रैक पर उतरीं फिर पैर जमाए और दौड़ पड़ीं। ❤️
उम्र सिर्फ एक नंबर है असली ताकत हौसले में होती है।
जब जज्बा जिंदा हो तो कोई उम्र रास्ता नहीं रोक सकती।
भारत में हम ऐसा सोच भी नहीं सकते।
AI वीडियो नहीं, उज्जैन की असली खबर है
सड़क चौड़ीकरण के लिए 170 साल पुराने खड़े हनुमान जी के मंदिर का ढांचा तोड़ दिया गया, पर मूर्ति 4 दिन, 4 कोशिशों में JCB-क्रेन से 1 इंच भी नहीं हिली।
प्रशासन ने मशीनें रोकीं, अब ASI स्कैनिंग करेगी। परमार काल की 1000 साल पुरानी बेसाल्ट प्रतिमा बताई जा रही है।
आस्था जीती, मशीनें हारी। जय बजरंगबली 🚩
जय श्री राम जय वीर हनुमान
सत्य निकेतन का हादसा… मलबे में दब गईं कई उम्मीदें 💔
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के अचानक ढहने की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। जिस इमारत में छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए रह रहे थे, वही पल भर में मलबे के ढेर में बदल गई। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए हैं।
सबसे पीड़ादायक दृश्य उन परिवारों का है, जो अपनों की सलामती की खबर के लिए बेचैनी से इंतजार कर रहे हैं। किसी मां का बेटा, किसी पिता का सहारा और किसी परिवार की उम्मीद इस मलबे के नीचे दबी हो सकती है।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। 🙏
रेस्क्यू टीमों के प्रयासों से हर जिंदगी सुरक्षित बाहर आए—यही प्रार्थना है।
यह हादसा हमें यह भी याद दिलाता है कि इमारतों की सुरक्षा में लापरवाही की कोई कीमत इंसानी जिंदगी से बड़ी नहीं हो सकती। जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।