आज सुबह जयपुर के 200 फीट बाईपास पर हुए हृदयविदारक सड़क हादसे में 3 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत ने मन को गहरे दुःख से भर दिया। एक ही पल में पूरे परिवार का उजड़ जाना अत्यंत पीड़ादायक है। इस असहनीय दुःख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।
हादसे में घायल महिला से SMS अस्पताल पहुंचकर उनकी कुशलक्षेम जानी और चिकित्सकों से बात कर उन्हें बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें, परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें एवं घायल महिला को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें l
पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
देश और प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उनका संघर्ष सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने मातृ शक्ति को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान भागीदारी की दिशा में प्रेरित कर समाज को नई दिशा दी।
भरतपुर रियासत के पूर्व महाराजा श्रद्धेय सवाई बृजेंद्र सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
जनसेवा, दूरदर्शी नेतृत्व और भरतपुर के विकास के लिए आपका समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा।
लोकतंत्र में कानून संवाद, सहमति और विश्वास से बनते हैं, एकतरफा फैसलों से नहीं। BJP-RSS के लोग सिर्फ माहौल ख़राब करना चाहते हैं।
अगर सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लाना चाहती है, तो सबसे पहले संसद और विधानसभाओं की संबंधित समितियों में विस्तृत चर्चा क्यों नहीं कराई जा रही? चुने हुए सांसदों और विधायकों को आखिर कानून का ड्राफ्ट क्यों नहीं दिया गया?
जब जनप्रतिनिधियों को ही ये नहीं बताया गया कि प्रस्तावित कानून में क्या प्रावधान हैं, तो आम जनता तक सही जानकारी कैसे पहुंचेगी? सिर्फ धारणा बनाकर नफ़रत फैलाना चाहते हैं।
जिन्होंने राम मंदिर को नहीं छोड़ा.. वो देश को क्या छोड़ेंगे?
भगवान श्रीराम और सनातन के नाम पर सत्ता में आने वाले लोग केवल चोरी में लगे हैं।
ज़मीन में चोरी, निर्माण में चोरी, चढ़ावे में चोरी, चंदे में चोरी.. हर चीज में चोरी।
खाद-बीज रिश्वतकांड.. दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है।
लोग बताते हैं कि कृषि विभाग में बड़े स्तर पर लूट-खसोट चल रही थी। ACB जांच कर रही है, लेकिन मंत्री का दामन साफ होने का दावा बयान से नहीं, निष्पक्ष जांच से साबित होगा।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
उनका जीवन समाज सेवा, नेतृत्व और सशक्त विचारों की मिसाल रहा है। देश और प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र में उनका योगदान स्मृति पटल पर हमेशा अंकित रहेगा। उनके आदर्श और कार्य हम सभी को जनसेवा की दिशा में हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
भरतपुर के पूर्व महाराज, श्रद्धेय महाराजा बृजेन्द्र सिंह जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन।
आपका प्रेरणादायी व्यक्तित्व और योगदान भरतपुर ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए सदैव मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
जब चोरी, वसूली, पेपर लीक, भ्रष्टाचार से लेकर यौन अपराध जैसे गंभीर मामलों में बार-बार BJP-RSS या उनसे जुड़े संगठन के लोगों पर आरोप सामने आते हैं.. तो ये केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उस वैचारिक सोच और नैतिकता का भी पतन है, जो खुद को "संस्कार" का वाहक बताती है।
झुंझुनूं में ABVP से जुड़े लेक्चरर सत्यनारायण शर्मा पर सरकारी स्कूल में छात्रा से यौन उत्पीड़न का मामला अत्यंत शर्मनाक और कलंक है।
सवाल ये है कि जो लोग दूसरों को संस्कार, संस्कृति और चरित्र का पाठ पढ़ाते हैं, उनके आसपास या अपनों पर बार-बार ऐसे गंभीर आरोप क्यों दिखाई देते हैं?
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, बेटियों की सुरक्षा पर केवल भाषण नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच कर कठोर सजा सुनिश्चित करना जरूरी है।
@RajCMO
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मोदी राज में मंत्रियों के निजी स्टाफ में होने वाली सभी प्रमुख नियुक्तियों की जांच और मंजूरी प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा की जाती है।
अब केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के चार करीबी सहयोगियों को लगातार दो दिनों में दो बैच में बर्खास्त कर दिया गया है। इनमें से एक सहयोगी को संबंधित मंत्री का सबसे करीबी विश्वासपात्र माना जाता है।
साफ कि इस महत्वपूर्ण मंत्रालय में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हाल के वर्षों में यह मंत्रालय पर्यावरण और वनों की रक्षा करने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के मामले में लगभग पूरी तरह विफल रहा है।
इस बीच, देशभर में पारिस्थितिक विनाश लगातार जारी है-जिसमें ग्रेट निकोबार, मध्य और पूर्वी भारत के घने वन क्षेत्र, अरावली पर्वतमाला और जैव विविधता से समृद्ध अन्य पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं। वायु प्रदूषण लगातार जनस्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है और जिन मानकों को अपडेट कर सख्ती से लागू किया जाना चाहिए, वे आज भी नहीं किए जा रहे हैं। समस्याओं की सूची अंतहीन है। लेकिन क्या मोदी शासन को इसकी कोई परवाह भी है? पर्यावरण मंत्रालय अब प्रवचन मंत्रालय बनकर रह गया है।
जब तक राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की बात सामने नहीं आई थी, तब तक हर रोज 16-18 लाख रुपए दान के रूप में जमा होते थे।
लेकिन जैसे ही मंदिर में चोरी का खुलासा हुआ, उस दिन से रोजाना 24-26 लाख रुपए जमा होने लगे।
यानी- हर दिन करीब 10 लाख रुपए का हेरफेर किया जाता था।
राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत लाल दास ने रथ यात्रा के दौरान कहा था कि इसे धार्मिक स्थान ही रहने दो, राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए।
इसके बाद, पहले उन्हें पद से हटाया गया और फिर बाद में उनकी हत्या कर दी गई।
: @shaktisinhgohil जी
📍 दिल्ली
काम: 0%
वादे: 100%
प्रचार: 100%
भाषण: 100%
यही है BJP सरकार का रिपोर्ट कार्ड ज़मीन पर काम कम लेकिन दावे, विज्ञापन और प्रचार भरपूर।
जनता को नतीजे चाहिए, सिर्फ़ डायलॉग नहीं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा की इस्तीफे मंजूर करके राम मंदिर ट्रस्ट ने पूरी तरह यह स्वीकार कर लिया है कि पिछले एक महीने से देश को हिला देने वाली 'चंदा चोरी' की रिपोर्टें वाकई सत्य हैं।
यह स्वागत योग्य खबर है कि प्रभु राम के पावन मंदिर से वे लोग हटाए जा रहे हैं जो वर्षों तक इसे लूटते रहे।
लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।
हास्यास्पद बात यह है कि यह घोषणा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष द्वारा की गई - वही व्यक्ति जिस पर इसके वित्त की निगरानी, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इसकी संपत्तियों की रक्षा करने का दायित्व होता है। वह अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता, और न ही ट्रस्ट का कोई अन्य सदस्य इस दायित्व से किनारा कर सकता है, जिनकी देखरेख में इतना बड़ा रैकेट वर्षों तक फलता-फूलता रहा।
मूर्खता यहीं समाप्त नहीं होती। आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्णमोहन को राम मंदिर ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त कर दिया गया है, जबकि खुद उन पर इस घोटाले को दबाने में भूमिका के आरोप हैं। उन्हें बड़े दायित्व से पुरस्कृत करने के बजाय ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए था।
देश टुकड़ों-टुकड़ों में इस्तीफे नहीं चाहता। उसे ट्रस्ट को पूरी तरह भंग करके उसका पुनर्गठन चाहिए। देश ट्रस्ट के हर सदस्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट-निगरानी में एक स्वतंत्र जांच चाहता है।
जवाबदेही सिर्फ ट्रस्ट पर समाप्त नहीं होनी चाहिए। नरेंद्र मोदी तक भी ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए, जिन्होंने ट्रस्ट का गठन किया और उसके कई सदस्यों की नियुक्ति की; योगी आदित्यनाथ सरकार तक, जिसने वर्षों तक इस लूट और डकैती को प्रभावी जांच के बिना चलते रहने दिया; और उस आरएसएस-वीएचपी माफिया की भी जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है, जिसने दशकों से करोड़ों भारतीयों की कीमत पर खुद को मालामाल करने के लिए भगवान राम के नाम का दोहन किया है।