अब एक कार्य यह भी सोशल मीडिया के माध्यम से करनी चाहिए कि जितने सवर्ण बीजेपी की सदस्यता लिए है उनकी सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए
तब शायद बीजेपी की आंखे खुलेंगी @Bharat_Yatra_@Karnisenaindia@RRKarniSena
जिन 70 घरों के अधिकारों और न्याय के लिए आप संघर्ष कर रहे थे, यदि उनमें से 10 लोग भी उस कठिन घड़ी में आपके साथ दृढ़ता से खड़े हो जाते, तो शायद आज यह दुखद घटना न होती। जिस सड़क के लिए आपने आवाज़ उठाई, उसी सड़क पर, उन्हीं घरों के पास , उन्हीं लोगों के सामने आपकी हत्या कर दी गई, लेकिन उस समय कोई आगे नहीं आया। यह दुखद सत्य है !!
ब्राह्मण समाज का इतिहास विश्व के लिए, सनातनी समाज के लिए त्याग, तप और बलिदान की असंख्य गाथाओं से भरा पड़ा है। महर्षि दधीचि के अस्थि-दान से लेकर, मुगलों के दांत तोड़ने वाले वीर बाजीराव पेशवा, स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम क्रांतिकारी शहीद मंगल पांडेय, वीरांगना लक्ष्मीबाई, महावीर चंद्रशेखर तिवारी आजाद से लेकर आप तक, असंख्य महापुरुषों, वीर योद्धाओं ने समाज, धर्म और राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया है उसी शूरवीरता से भरी त्यागमयी परंपरा को आपने भी अपने जीवन से आगे बढ़ाया है !!
विदेशी विधर्मी लोग सत्य सनातन धर्म को कमजोर करने की अपनी साजिश के तहत हमारे ही हिन्दू भाईयों से हमेशा ब्राह्मणों को ही गाली दिलवाते और देते आए है आज भी दिलवा रहे है, उन्हें पता है जितना ब्राह्मण कमजोर होगा उतना ही सनातनी समाज कमजोर होगा और कमजोर समाज का धर्मपरिवर्तन कराना बेहद ही आसान है इसलिए पहले ब्राह्मणों को समाज में कमजोर करना अति आवश्यक है बिना इन्हें कमजोर किए ये अपना धर्मपरिवर्तन का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते, पर ब्राह्मण समाज ने सच्चाई को समझते हुए सनातन धर्म हित राष्ट्रहित सर्वोपरि को मानते हुए कभी भी इन गालियों की परवाह नहीं की इसे सदैव अनदेखा किया है और सर्वसमाज हित की अपनी महान परंपरा पर अपनी अडिगता बनाए रखी है, आगे बढ़ाया है !!
समाज का मार्ग प्रशस्त करने वाले लोग अक्सर स्वयं सबसे बड़ी कीमत चुकाते हैं, लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाता। आपका संघर्ष न्याय, स्वाभिमान और जनहित के लिए था, और इसी रूप में सदैव स्मरण किया जाएगा।
हमें आप पर गर्व है !!
वीर बलिदानी भरत तिवारी अमर रहें!
आपके संघर्ष और बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
ॐ शांति।
शहीद भरत तिवारी को शहीद कराने में मुख्य नाम भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा के पुत्र और और तत्कालीन शाहपुर विधायक राकेश ओझा का आ रहा है बताया जा रहा है मामला ₹8 करोड़ के घूसखोरी का है,जो पुलिस पर दबाव बना यह घटना कराई।इतने घूसखोर सब भजपा में हीं क्यों हैं,क्या जांच होगी?
भोजपुर की महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह है कि जनता अब पुलिसिया दमन के आगे झुकने वाली नहीं है। पीड़ित पिता काशीनाथ तिवारी जी के आंसुओं का हिसाब होना चाहिए। जब तक पक्षपात करने वाले एसपी साहब पर गाज नहीं गिरती, यह जन आंदोलन जारी रहेगा।
#भोजपुर_SP_को_निलंबित_करो
भरत तिवारी की माँ की लिखित शिकायत पर जगदीशनगर डीएसपी और तत्कालीन थाना प्रभारी पर हत्या की FIR दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद भोजपुर एसपी ने अब तक आरोपी पुलिसवालों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? क्या खाकी की आड़ में हत्यारों को संरक्षण दिया जा रहा है? #भोजपुर_SP_को_निलंबित_करो