पेपर सेटर पेपर लीक करेगा तो हिंसक छात्र आंदोलन को पूरा समर्थन - लेकिन सरकार पेपर लीक करे नौकरी बेचे तब छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं कर सकते — श्री राहुल “ गद्दी गई गैंडी “ शर्म आती हैं या नहीं , #राहुलगांधीजवाबdo
Brutal lathi charge on students in Congress-ruled Jharkhand. Where are Rahul Gandhi’s champions of democracy now? Why are they silent when students are beaten for raising their voices?
प्रदर्शनकारी संजय महतो ने बताया कि उनके सिर और पैरों में दर्द है और सिर से खून बह रहा है।
आज झारखंड में विधानसभा मार्च कर रहे छात्रों के साथ सरकार ने इस तरह का बरताव किया।
ये छात्रों को रोकने की तैयारी नहीं, INDI गठबंधन सरकार का डर और तानाशाही वाली सोच दिखाती तस्वीर है।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा मार्च को रोकने के लिए लगाए गए ये बैरिकेड और कंटीले तार व्यवस्था नहीं, बल्कि सरकार के डर की निशानी हैं। जो सरकार अपने हक की बात कर रहे छात्रों से डर जाए, उसकी नीयत और आत्मविश्वास, दोनों पर सवाल उठते हैं।
याद रखिए, कंटीले तार रास्ते रोक सकते हैं... लेकिन अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे झारखंड के युवाओं के हौसले नहीं।
झारखंड की राजधानी रांची में अपने हक, रोजगार और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागना लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
नौकरी में धांधली और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांग रहे युवाओं की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
जो विपक्षी नेता हर मंच से खुद को युवाओं और छात्रों का हितैषी बताते हैं, वे आज इस दमन पर मौन क्यों हैं?
क्या युवाओं के अधिकारों की लड़ाई भी राजनीतिक सुविधा और स्वार्थ के हिसाब से तय होगी?
राहुल गांधी जवाब दो!
छात्रों के साथ हुए इस अन्याय पर चुप्पी क्यों?