आवाज़ दे रही है मेरी ज़िंदगी मुझे,
अब जाऊं या ना जाऊं तुझे देखने के बाद।
नजरों में ताब-ए-दीद ही बाकी नहीं रही,
किससे नज़र मिलाऊं, तुझे देखने के बाद।
अब क्या ग़ज़ल सुनाऊँ, तुझे देखने के बाद
कैसे सुकून पाऊं तुझे देखने के बाद।।
उसे बादल पसंद थे और मुझे घनघोर घटाओं से उसके काले बाल,
उसे अदाए पसंद थी और मुझे उसकी खूबसूरती का वो मायाजाल।।
मुझे पसंद थी उसकी चूड़ियां,
उसके कानों की बाली।
उसके आँखों का काजल
और उसके होठों की लाली।।
मुझे पसंद थी उसकी हर पसंद,
मुझे बहुत पसंद थी वो।।।
उसे बारिश पसंद थी और मुझे बारिश में वो
उसे भीगना पसंद था मुझे भीगी हुई वो
उसे रात अच्छी लगती थी और मुझे रात में वो
उसे बातें करना पसंद था और मुझे हर बात में वो
उसे चाँद बहुत पसंद था और मुझे चाँद सी सुन्दर वो।।
उसे नदियां पसंद थी और मुझे बहती सी वो
उसे पहाड़ पसंद थे और मुझे उस पल में ठहरी हुई वो
उसे सागर पसंद था और मुझे उसकी वो गहरी आँखें,
उसे यादगार पसंद था और मुझे उसकी सभी यादें।।
मेरी आँखें थक चुकी है, मैं अब सोना चाहता हूँ।
पलकें बंद करके तेरे ख्यालों में खोना चाहता हूँ।।
मैं तेरी हर खुशी में तुझसे थोड़ा ज्यादा खुश, और तेरे हर ग़म में रोना चाहता हूँ।
और तेरी हर ख़ामोशी के पीछे छिपे शोर से रूबरू होना चाहता हूँ।।
~सुर्ख़ लफ़्ज़
सफ़र में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो,
सभी हैं भीड़ में, तुम भी निकल सको तो चलो।
किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं,
तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो।
यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता,
मुझे गिरा के अगर तुम संभल सको तो चलो।
ख्वाबों में मैं तुझे बाहों में भर लेता हूं,
तेरा हाथ पकड़ के घंटों तेरी बातें सुनता हूं
बस एकटक तुझे देखता रहता हूं
तुझे गले से लगा कर रोया करता हूं।
जब हम किसी शांत नदी किनारे बैठे होते हैं,
तुम मेरे कंधे पर अपना सिर रख देती हो
मेरी बाजुओं को जोर से पकड़ लेती हो...
जीवन भर बहुत संघर्ष किया है मेरी मां ने
पूरी उम्र को अभावों में जिया है मेरी मां ने
जब मैं निराश हो जाता हूं अपनी जिंदगी से, सोचता हूं
इस तरह हारने का गुण तो नहीं दिया है मेरी मां ने।।
मैं कल भी तुम्हारा इंतज़ार करता था
और मैं आज भी तुम्हारा इंतज़ार करता हूं।
हमेशा से मेरा तुमसे रिश्ता, इंतज़ार का ही रहा है।
जिस दिन ये इंतज़ार ख़त्म,
शायद हमारा ये रिश्ता भी ख़त्म।
इसीलिए मुझे लगता है कि,
मेरा तुम्हारे लिए इंतज़ार ज़िंदगी भर चलेगा।।
चहचहाती चंद चिड़ियों का बसर था पेड़ पर
मेरे घर इक पेड़ था और एक घर था पेड़ पर । ❤️
कृपया पक्षियों के लिए एक परिंडा जरूर रखें 🙏
Please keep water for birds 🙏
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