एलडीसी भर्ती 2026 की परीक्षा में चलती परीक्षा के बीच वीक्षक ने ही पेपर खिड़की से बाहर फेंक दिया और बाहर बैठें जानकारों से पेपर हल करवाने की कोशिश की गई।
जिसका परीक्षा दे रहे स्टूडेंट्स ने विरोध किया तो मामला बाहर आया।
मामला को पूर्ण रूप से दबाया दिया जायेगा, जनता के सामने सच की जगह कुछ अलग ही बात सामने लाएं जाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत के बेरोज़गार युवाओं के साथ धोखा होता रहेगा तो मेलोडी और डोनाल्ड ट्रम्प या अमेरिका के लोग थोड़ी आवाज उठायेंगे, आवाज हमें ही उठानी पड़ेगी।
Abhinay Sir:
शिक्षा के लिए
- धर्मेंद्र प्रधान का बेटा USA में है
- निर्मला की बेटी USA में है
- सिंधिया का बेटा USA में है
- पीयूष गोयल का बेटा UK में है
जब उनके अपने बच्चे विदेशों में पढ़ते है, तो उन्हें हमारे शिक्षा सिस्टम की परवाह क्यों होगी?
किसी पेपर लीक का उन पर क्या असर पड़ेगा?
जैसलमेर जिले में नगर परिषद की डंपिंग साइट पर सैकड़ों गायों की मौत की घटना के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों से भी भूख और प्यास के कारण सैकड़ों गौवंश के दम तोड़ने के भयावह, दर्दनाक और हृदयविदारक दृश्य सामने आया हैं। यह मंजर प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता, प्रशासनिक व्यवस्था तथा गौ-संरक्षण के दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
सरकार की नाकामियों और प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही के कारण सीमांत बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर जिलों सहित प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भीषण गर्मी, पेयजल संकट, चारे की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते पशुधन गंभीर संकट से गुजर रहा है लगातार गौवंश की मौतें हो रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक और दुःखद है।
गौ-रक्षा के नाम पर राजनीति कर सत्ता हासिल करने वाले लोगों को अब जनता के सामने जवाब देना चाहिए। मंचों से बड़े-बड़े भाषण देने वालों की संवेदनाएं उस समय कहाँ चली जाती हैं, जब गौमाता भूख, प्यास और अव्यवस्था के कारण तड़प-तड़पकर दम तोड़ रही होती हैं?
सरकार जल जीवन मिशन योजना की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार कर रही है, लेकिन धरातल पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। पशुधन तो दूर, प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में आम नागरिकों को भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि गौवंश संरक्षण और गोशालाओं के लिए दी जाने वाली सरकारी अनुदान राशि आखिर खर्च कहाँ हो रही है? यदि सरकार द्वारा पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, तो फिर गायें भूख और प्यास से मरने को क्यों मजबूर हैं? अथवा क्या गौ-संरक्षण और गोशालाओं को दी जाने वाली अनुदान राशि में कटौती या बंद कर दी गई है?
गौवंश की लगातार हो रही मौतों पर मानवीय संवेदनाएं प्रदर्शित करते हुए सरकार को तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, पशु आहार तथा आवश्यक पशु चिकित्सा सुविधाओं के लिए विशेष राहत शिविर स्थापित करने चाहिए, ताकि इस गंभीर संकट का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
@BhajanlalBjp@RajCMO
पहले विवेक मर जाता है
जनता ने अपना अमूल्य मत देकर उन्हें जनप्रतिनिधि बनाया है। ऐसे में जिला कलेक्ट्रेट के भीतर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्वयं पर पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास करना न केवल महज नौटंकी प्रतीत होता है, बल्कि यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना कदम भी है।
जो युवा अनेक लोगों के लिए आदर्श माना जाता हो, उसे इस प्रकार की नौटंकियां और अमर्यादित आचरण शोभा नहीं देता। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने के अनेक लोकतांत्रिक और मर्यादित तरीके मौजूद हैं, लेकिन आज की यह घटना प्रदेश की राजनीति में काले अक्षरों में दर्ज की जाएगी।
जनप्रतिनिधि जनता के लिए संघर्ष करें, आवाज़ उठाएं… लेकिन लोकतंत्र में आत्मदाह जैसी हरकतें कभी समाधान नहीं हो सकतीं!
शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का ख़ुद पर पेट्रोल छिड़ककर प्रदर्शन करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना और बचकाना कदम है।
एक विधायक यदि इस तरह का संदेश देगा तो युवाओं और समाज पर क्या असर पड़ेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि पेट्रोल बोतल में लेकर प्रदर्शन स्थल तक पहुँचना ही सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
जनता ने नेतृत्व के लिए चुना है, भावनात्मक ड्रामे और ख़तरनाक स्टंट के लिए नहीं!
#Rajasthan
यू ट्यूब पर इस गाने को 100M से ज्यादा लोगों ने सुना था, उसके बाद सरकार ने इस गाने पर बैन लगा दिया और यू ट्यूब से डिलीट करवा दिया। अब पुनः इस गाने को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास है।
2014: Give me 60 months.
2016: Give me only 50 days.
2023: Give me just 5 years.
2025: Give me time until 2035.
2026: Now my target is 2047.
What will be next, Modi ji?
आरक्षण व्यवस्था को तो देखिए!
10 हजार पदो की LDC भर्ती मे OBC को 21% आरक्षण की जगह 15% आरक्षण दिया गया😳 जिसके कारण OBC वर्ग के 475 पद कम कर दिए गए😲
सुपरवाइजर भर्ती मे SC को 16% आरक्षण होना चाहिए लेकिन उसको 0% आरक्षण दिया गया
Assistant Professor 2025 भर्ती मे SC/ST का आरक्षण आधा कर दिया गया ये घोर अन्याय सरकार द्वारा संस्थागत तरीके से किया जा रहा है
- मनीष यादव
परिवहन मंत्री का बेटा अगर गाड़ी नहीं चलाएगा तो क्या तुम चलाओगे?
परिवहन मंत्री ही ऐसे हैं जिन्होंने अपने बेटे का 25 हज़ार रुपये का चालान कटवा दिया। मेरा बेटा अभी अठारह साल का ही हुआ है। मेरे ज़माने में उससे जुड़ी कोई बात सामने आ गई थी। तब मैंने उस अधिकारी से कहा था मेरे बेटे की चिंता छोड़ो, पहले अपने बेटे को संभालो।
परिवहन मंत्री का बेटा अगर गाड़ी नहीं चलाएगा तो क्या तुम चलाओगे? जैसा बाप होगा, वैसा ही तो बेटा होगा।
पूर्व परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास यह बताते हुए नज़र आते हैं कि उनके कार्यकाल में वे किस तरह परिवहन मंत्री के पद का दबदबा बनाए रखते थे। यह हमें सोचने पर मजबूर करता है कि एक समाज के रूप में हम किन कृत्यों का सौंदर्यीकरण और महिमामंडन करते हैं, और उससे आने वाली पीढ़ियों को क्या संदेश जाता है।
एक मंत्री के रूप में, पद ग्रहण करने से पूर्व हर व्यक्ति संवैधानिक शपथ लेता है कि वह कानून और संविधान के अनुसार ही कार्य करेगा।
@DrPremBairwa द्वारा 25 हज़ार रुपये का चालान भरना वास्तव में एक सराहनीय उदाहरण है। यदि हम इसे हीन भावना या तंज़ के साथ प्रस्तुत करते हैं, तो यह समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। ईमानदारी और नियमों के पालन जैसे उदाहरणों की जगह यदि हम पद के दुरुपयोग या दबदबे को महिमामंडित करेंगे, तो एक समाज के रूप में यह हमारी असफलता होगी।
भारत एक गणतांत्रिक राष्ट्र है, जहाँ नियम और कानून सभी के लिए समान हैं। पद का दुरुपयोग करना किसी भी स्थिति में समाज के लिए आदर्श नहीं बनना चाहिए।
रोस्टर और OMR घोटाले के नाम पर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ जिस बेरहमी से खिलवाड़ किया जा रहा है, उसके खिलाफ बाड़मेर में आयोजित धरने में शामिल होकर बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ को पूरी मजबूती से बुलंद किया।
यह सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया की खामी नहीं, बल्कि ईमानदार मेहनत, वर्षों की तैयारी और सपनों पर किया गया सीधा प्रहार है। रोस्टर व्यवस्था में जानबूझकर की गई गड़बड़ियाँ, OMR शीट से जुड़े घोटाले और चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का अभाव यह साबित करता है कि व्यवस्था युवाओं के साथ न्याय करने में पूरी तरह विफल रही है।
योग्य युवाओं को हाशिये पर धकेलने वाली किसी भी साज़िश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक दोषियों की जवाबदेही तय नहीं होती, निष्पक्ष जांच नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।
प्रदेश का युवा आज सड़क पर है क्योंकि उसके साथ अन्याय हुआ है। यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या भर्ती की नहीं, बल्कि युवाओं के सम्मान, अधिकार और भविष्य की है और इस लड़ाई को आख़िरी मंज़िल तक पहुँचाया जाएगा।
#OMR_घोटाला