आपको अगर बाज़ी खेलने के लिए भारतीय क्रिकेट 🏏 की वन डे टीम बनानी है और कैप्टन के लिए दो ही ऑप्शन है: रोहित शर्मा और धोनी, तो आप किसे चुनेंगे? आपको अपना सिलेक्शन इस आधार पर करना है - मुश्किल समय में दिमाग़ ठंडा रखना, सबको साथ लेकर चलना, पर्सनल परफ़ॉर्मेंस, मैच फ़िनिश करने का दम।
क्या आपने हाल-फिलहाल यह फिल्म देखी है जिसमें एक बहुत बड़े कलाकार हाथ में कुछ जानी-पहचानी वस्तु पकड़े हुए है?
कलाकार एवं फिल्म का नाम बताने की कृपया करें।
विश्व कुश्ती में भारत का नाम रौशन करके गौरवपूर्ण स्थान पाने वाली भारतीय बेटियाँ कुश्ती फेडरेशन आफ इण्डिया के प्रमुख पर शोषण के गंभीर आरोपों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग को लेकर आन्दोलन करने को मजबूर हैं। इन बेटियों को न्याय दिलाने के लिए केन्द्र सरकार को जरूर आगे आना चाहिए।
Can't wait for you all to see the trailer of this hilarious crazy ride of a film !
#Carryonjatta3#carryonjatta3 in cinemas on 29th June 2023! Trailer out at 6pm tomorrow 😇❤️
फ़्री का खा-खा कर इन #चुनमंगतों की तोंद निकल गयी ,
इन पाखंडियों को चार्टर्ड विमान से बुलाया गया पर पुलमावा मे चार्टर्ड विमान नहीं दे पाये ये धूर्त अगर दे देते तो एक माँ अपना बेटा, एक पत्नी अपना सुहाग और बेटा -बेटी के ऊपर से एक पिता का साया ना उठता पर इन धूर्तों को पाखंडियों पर लाखों- करोड़ों खर्च करना है !😔 रंडवे राजा है गृहस्थ लोगों की समस्याओं,भावनाओं,जरूरतों के प्रति संवेदना शून्यता भरी हुई है।
नये संसद भवन के आज किये गये उद्घाटन के लिए केन्द्र को शुभकामनायें। इस नए संसद भवन का परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मानवतावादी सोच तथा उनके बनाये गये पवित्र संविधान की नेक मंशा के हिसाब से देश व जनहित में सही व भरपूर इस्तेमाल हो, यह उचित होगा।
स्त्री, वैश्य और शूद्र पापयोनी है। ये बात कृष्ण बोल रहा है भागवतगीता 9/32 में। और ये बात गीता का पहला भाष्यकार शंकर (९वी सदी हालाँकि गीता भाष्य 13 वि सदी म्धवाचार्य द्वारा लिखित बताया जाता है) कह रहा है।
यही नहीं बाल्मीकि रामायण उतरकांड 74 सर्ग, संबूक हत्याकांड में नारद भी राम को बताता है की उस कालखंड यानी त्रेतायुग में वैश्य भी शूद्र समान है और दोनों को ब्राह्मण क्षत्रिय जैसे तपस्या इत्यादि का क़तई हक़ नहीं है।
ख़ास बात यह है की 11 वी सदी में अलबरूनी भी यही बात अपने नोट्स में लिखता है की अगर वैश्य और शूद्र वेद का उच्चारण करे तो ब्राह्मण उन्हें पकड़ कर ले जाते थे और जीभ कटवा देते थे। यानी अलबरूनी के समय त्रेतायुग चल रहा था?
फिर भक्ति काल कृष्ण भक्ति सुरू हुई यानी द्वापरयुग आ गया?
तो क्या यह मान लिया जाए की अंग्रेजों के आते ही कलयुग सुरू हो गया?
कुल मिलाकर स्त्री और शूद्र की ही तरह वैश्य भी ब्राह्मणवादी सिस्टम में बुरी तरह से हाँसिये पर रहा है।
पत्रकार बबिता गौतम अपने हर वीडियो की शुरुआत 'जय भीम' के साथ करती थीं। 'द मूकनायक' के मालिक राजा पांडेय और मीना कोतवाल ने कहा कि यह लाइन मत बोलो, इससे उनके सवर्ण दोस्त नाराज हो जाएंगे।
जय भीम से इतनी नफरत? जवाब दो राजा बाबू!