@cute_parul_ लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया था। उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उनका नाम FIR या चार्जशीट में आरोपी के रूप में नहीं था। �
The Indian Express
स्पष्ट निष्कर्ष: काशीनाथ चौधरी का नाम जांच/घटना के संदर्भ में आया था, लेकिन पालघर साधु हत्या मामले में वे आरोपी नहीं थे।
@cute_parul_ काशीनाथ चौधरी का नाम इस मामले में आया था, लेकिन एक महत्वपूर्ण फर्क है:
वे पालघर के स्थानीय NCP नेता/पंचायत समिति सदस्य थे और घटना की रात पुलिस के साथ घटनास्थल पर गए थे। CID के बयान में उनका उल्लेख है। �
सूर्य नारायण डूला, नाम में ही जातिवाद!
विदेश जा सकते थे, लेकिन IIT में बच्चों को Energy Science पढ़ाने भारत आ गए, अब अंबेडकरवादियों के resignation calls, भीड़तंत्र के दबाव में suspension और अंततः teaching से हटने का अंतरद्वंद्व झेलिए।
@NaveenSart45653@mbaskjha When you have no argument left, you start showing off your English. Can you provide any proof for what you are claiming,
Making an accusation and then running away is not bravery.
@VishwakarmaJha2@narendramodi अबे pm ki भाषा नहीं याद है क्या।
"मेरे लोगो को पानी नहीं पीने दिया।"
मेरे बच्चों को पढ़ने नहीं दिया।
मौका मिलेगा तो बदला लेंगे के नहीं।
पहले पीएम खुद तय करे उसकी भाषा कैसे थी
@mbaskjha पहले UGC ने 2026 Regulations बनाए और 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित किए।
उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को दखल देकर इनके लागू होने पर रोक/abeyance लगा दी।
अर्थात यह कानून/Regulations बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप है।
साले वरगलाना किसी और को।