सच इधर है –
गांव के प्रधान, सभासद, विधायक, सांसद से लेकर शिक्षा मंत्री और प्रदेश के मुखिया यानी मुख्यमंत्री तक यह जानते हैं कि बच्चों को मिड-डे मील में आलू-पानी, नमक-चावल और जली हुई चपातियां ही खाने के लिए परोसी जाती हैं।
खैर मेरा क्या,
मैं तो प्रतिबद्ध हूं सच लिखने को।
📍सागर : मध्यप्रदेश
ट्रीपल ईंजन वाली सरकार में अगर बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के लिए नदी , नाले पार करके स्कूल नहीं गए तो फिर छात्रों के जीवन का ये कैसा संघर्ष हुआ?
हमें सरकार का धन्यवाद करना चाहिए हम विश्वगुरु बन गए।🤡
घंटाघर का हाल देखिए। जिस दीवार पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है, "यहां पेशाब करना मना है, उल्लंघन करने पर ₹500 जुर्माना", उसी दीवार के सामने लोग खुलेआम पेशाब कर रहे हैं।
इससे साफ है कि सिर्फ दीवारों पर संदेश लिख देने से कुछ नहीं बदलने वाला। जब तक नियमों का सख्ती से पालन नहीं होगा और जुर्माना वसूला नहीं जाएगा, तब तक ऐसे दृश्य आम रहेंगे।
हालांकि, नगर निगम को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जिस जगह यह चेतावनी लिखी गई है, वहीं सार्वजनिक शौचालय की हालत इतनी खराब है कि लोग उसके अंदर जाने से भी कतराते हैं।
नियम और सुविधाएं, दोनों साथ-साथ चलेंगी तभी शहर सच में स्वच्छ बनेगा। #Kanpur #Ghantaghar
@nagarnigamknp@mayorkanpur@kanpursneed
ट्रेन के खाने पर रेलवे का संसद में जवाब 🍱🚆
- हर साल 58 करोड़ मील परोसता है भारतीय रेलवे, लेकिन फूड क्वालिटी की शिकायतें सिर्फ 0.0008%
- पिछले 3 साल में खराब खाने पर ₹5.13 करोड़ जुर्माना, 54 शो-कॉज नोटिस, 6 कॉन्ट्रैक्ट खत्म और कई लाइसेंसधारक डिब्बा
- रेलवे का दावा—CCTV वाले बेस किचन, QR Code वाले मील पैकेट, फूड सेफ्टी ऑफिसर्स और थर्ड-पार्टी ऑडिट से गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी
#IndianRailways #IRCTC #RailwayFood #LokSabha
@ZeeNews
कानपुर की मसाला फैक्ट्री में चावल में रंग मिला के हल्दी पाउडर बना के पैसा छापा जा रहा था,
fssai ने पकड़ के इनका लाइसेंस रद्द कर दिया।
अरे भाई ये कैंसर बेच रहे हैं इनपे मुकदमा करके जेल में भरो सबको।
हमारे गांव के एक नकारा प्रधान ने बड़ी चालाकी से ग्राम सभा के लोगों का दिल जीत लिया
हमारे गांव के प्रधान की लोकप्रियता लगातार खत्म हो रही थी इसका उसको डर सता रहा था
उसने एक गजब का दिमाग लगाया उसने गांव के ही कुछ लोगों को पैसे का लालच दिया और कहा आप लोग मुझे गंदी गंदी गालियां दो वह लोग सोचने लगे यह कैसा प्रधान है खुद गलियां खाने के लिए पैसे दे रहा है
प्रधान ने जैसा कहा था वैसा ही हुआ प्रधान के खरीदे हुए लोगों ने प्रधान को खूब गालियां दी गांव में चारों तरफ बात फैल गई प्रधान के सहयोगी कहने लगे प्रधान जी आप इतने पावरफुल हैं पैसे वाले भी हैं इनको जेल के अंदर डलवा दो
प्रधान ने उनकी एक न सुनी और अगली सुबह ऐलान कर दिया जिन लोगों ने गालियां दी हैं मैं उन्हें माफ करता हूं
अब गांव में चारों तरफ प्रधान की चर्चा होने लगी प्रधान हो तो ऐसा गालियां खाने पर भी कोई एक्शन नहीं लिया बड़े नरम दिल का प्रधान है, चाहता तो इन लोगों को जेल करवा देता और इस तरह प्रधान की तारीफ होने लगी, लेकिन गांव के लोगों को क्या पता था गलियों की इतनी बड़ी सजा नहीं है की जेल और फांसी हो जाए।
नोट - यह कहानी पूरी काल्पनिक है मनोरंजन के लिए है अगर वास्तविक घटना से इसका कोई संबंध दिखता है तो इसे सिर्फ संयोग मात्र माना जाए।
Hello @merohittsaxena कैसे सलाहकार हैं आप ? रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर ऐसी स्थिति है और लगभग 1 वर्ष होने वाला है आप लोगों से 50 मीटर की सड़क का काम नहीं हो पाया ,शर्म आनी चाहिए ऐसे पद की उपयोगिता तभी खत्म हो जाती है जब हो जनता की समस्याओं के समाधान कराने में असफल हो। #Kanpur@irameshawasthi
"सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक और जनता से संवाद की तस्वीरें तो खूब दिखाई जाती हैं, लेकिन कर्रही रोड की यह हालत भी देख लीजिए।
25 साल से ज़्यादा समय से प्रतिनिधित्व करने के बावजूद लोग टूटी सड़कों, जलभराव और धूल-मिट्टी से जूझ रहे हैं।
माननीय सतीश महाना जी, मॉर्निंग वॉक के दौरान कभी इस सड़क पर भी पैदल चलकर देखिए, शायद जनता की तकलीफ़ का एहसास हो जाए।"
#Kanpur @Satishmahanaup@UPGovt
आज मन बहुत व्यथित है…।
एक तरफ़ सरकारें "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का नारा देती हैं, वहीं दूसरी तरफ़ हमारी बेटियाँ दरिंदगी का शिकार हो रही हैं।
बिहार के समस्तीपुर में सैन /सविता ठाकुर (नाई) समाज की 13 वर्षीय बेटी सोनम की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया। उस मासूम की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें डायल 112 पर तैनात एक सिपाही द्वारा नाई समाज की एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित रूप से दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। 😡😡
आख़िर कब तक...?
कब तक हमारे बच्चों और बेटियों का बचपन यूँ ही छीना जाता रहेगा?
कब तक हमारा समाज केवल आँसू बहाता रहेगा?
नाई समाज आज राजनीतिक रूप से लगभग शून्य प्रतिनिधित्व वाला समाज बनकर रह गया है। विधानसभा हो या लोकसभा, हमारी पीड़ा को बुलंद आवाज़ देने वाले हाथ गिने-चुने हैं। क्या इसी वजह से हमारा समाज बार-बार शोषण और उपेक्षा का शिकार बन रहा है?
यह समय किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि इंसानियत का है।
मैं अपने समाज से भी आग्रह करता हूँ—
अब मौन नहीं… एकजुट होने का समय है।
आवाज़ उठाइए, न्याय की माँग कीजिए,
अगर आज भी हम नहीं जागे, तो कल बहुत देर हो जाएगी।
बेटियाँ किसी एक समाज की नहीं होतीं, वे पूरे राष्ट्र का सम्मान होती हैं।
#JusticeForSonam
#JusticeForInnocentChild
#SainSamaj
#SavitaSamaj
#NaiSamaj
#SainSavitaSamaj
#SainSavitaSamajKiAawaz
#BetiBachao
#StopViolenceAgainstChildren
#JusticeForEveryChild
#ChildSafety
#RaiseYourVoice
#UnitedForJustice
#NoMoreSilence
इस बार पेपर लीक वाले प्रोटेस्ट के बाद एक रील डाले थे, ऐसा रेस्पॉन्स आया कि फिर इन्होंने समझ लिया है कि जनता से कैसे कनेक्ट करना है, पूरा इंस्टाग्राम हिला कर रख दिया है.. कुलमिलाकर देखा जाये तो "आपदा को अवसर में बदलने" वाली बात कोई मज़ाक नहीं थी..जब जब सरकार पर आपदा आई है, इन्होंने उसको अवसर में बदल कर रख दिया है..खुद की लाइन को खुद ही गजब तरीके से फॉलो कर रहे हैं मोदी जी
100 बेड हॉस्पिटल चुनाव के नज़दीक उद्घाटन कि प्लानिंग का जिक्र..
17 जुलाई को बोला गया है कि 3 महीने के अंदर खुल जायेगा अस्पताल देखते है और कितनी राजनीति झेलेगा ये हॉस्पिटल
📍नौबस्ता मौरंग मंडी
जनसुनवाई
महोदय सचिव साहब द्वारा अधूरा निस्तारण किया गया शिकायत एक तालाब के लिए नहीं कि गई बल्कि गांव में ग्राम पंचायत में कुल कितने तालाब थे और वर्तमान में कितने तालाब है । उन सभी तालाबों को चिन्हित कर कब्जामुक्त करा कर साफ सफाई कर जल निकासी के संदर्भ में थी
@Dmpilibhit