Yoga is gaining tremendous popularity across the world! Tomorrow, on 4th June, a very special competition, the 1st World Yogasana Sports Championship 2026 commences in Ahmedabad. This platform has brought together Yoga enthusiasts from around the world. It is a significant milestone on the global sporting roadmap for Yogasana. I will be joining the event via technology as well at around 6:40 PM tomorrow evening. My compliments to those who have organised such an innovative event and best wishes to all taking part.
@yogasanabharat@worldyogasana
संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम अद्भुत सफलता दे सकता है। इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को भी एक नई ऊर्जा मिलती है।
उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः।
समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥
यह पोस्ट मैं विशेष रूप से युवा स्त्रियों तथा उन परिवारों के लिए लिख रहा हूँ जिनकी बेटियाँ किशोरावस्था में प्रवेश कर रही हैं।
👉 कथा का आधार वाल्मीकि रामायण है।
राम-रावण युद्ध समाप्त हो चुका था। हनुमान जी सीता माता के पास पहुँचे और विजय का समाचार दिया। तत्पश्चात् उन्होंने पूछा कि ,
“माता, अब शेष बचे हुए राक्षस बहुत भयभीत हैं। उनका क्या किया जाए?”
सीता माता ने कहा: “उन्हें क्षमा कर दो।”
हनुमान जी ने आश्चर्य से पूछा: “ऐसा क्यों, माता?”
सीता माता बोलीं: “भूल तो सभी से होती है। जो अपनी भूल पर पश्चाताप करता है, उसे क्षमा कर देना चाहिए।”
हनुमान जी की आँखें प्रेमाश्रुओं से भर आईं।
सीता माता ने आगे कहा: “हनुमान, मुझसे भी भूलें हुई हैं।”
हनुमान जी चकित होकर बोले: “आपसे भूल?”
सीता माता ने कहा: “हाँ, पुत्र! एक ही दिन में मुझसे तीन भूलें हुईं।”
पहली भूल कि सोने के मृग को देखकर मेरे मन में उसके चर्म की लालसा जगी। मैंने स्त्री-हठ करके श्रीराम को उसके पीछे भेज दिया।
दूसरी भूल जब मारीच की पुकार सुनकर मैंने लक्ष्मण की समझाइश नहीं मानी और उन्हें कटु वचन कहकर बाहर भेज दिया।
और तीसरी एवं सबसे बड़ी भूल , जब रावण साधु वेश में आया गेरुए वस्त्र, शिखा-सूत्र धारण करके मेरी प्रशंसा करने लगा तब अपनी प्रशंसा सुनकर मैंने अपना विवेक खो दिया और उस छलावे में फँस गई।
कथा का तात्पर्य-
यह कथा हमें सिखाती है कि कामना, क्रोध और अहंकार ( प्रशंसा का मोह ) कितनी जल्दी विवेक को ढँक लेते हैं। सीता माता जैसी पतिव्रता एवं विवेकशील नारी भी इन तीनों के संयोग से भूल कर बैठीं।
आज के समय में भी कुछ लोग ( संकेत समझ लें ) आकर्षक वेश-भूषा, मीठी बातें और आधुनिक स्टाइल अपनाकर युवतियों को अपने प्रभाव में लाने का प्रयास करते हैं। ऐसे व्यक्तियों का बाहरी रूप भले ही आकर्षक हो, किंतु उनके अंतर्मन की पहचान करना अत्यंत आवश्यक है।
इसी प्रकार घरेलू जीवन में भी छोटी-छोटी तुलनाएँ , जैसे पड़ोसी की बड़ी टीवी, बेहतर गाड़ी या अन्य भौतिक वस्तुएँ अकारण कलह का कारण बन जाती हैं। सोने के मृग की तरह ये चमकदार वस्तुएँ क्षणिक सुख देती हैं, परंतु परिवार में अशांति लाती हैं।
संदेश
प्राचीन कथाएँ हमें जीवन की सीख देने तथा उसे उन्नत बनाने के लिए ही हैं।
युवा स्त्रियों से विनम्र अनुरोध है कि किसी भी व्यक्ति को केवल उसके बाहरी रूप, स्टाइल या मीठी बातों से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, संस्कार और मूल्यों से परखें। सच्चा सुख और सुरक्षा परिवार एवं स्वधर्म के पालन में ही है।
अभिभावकगण भी अपनी बेटियों को इन कथाओं के माध्यम से विवेकशील बनने की प्रेरणा दें। 🙏
स्वर्णवर्णामाज्ञाचक्रस्थितां षष्ठदुर्गां त्रिनेत्राम्।
वराभीतकरां सगपदधरां कात्यायनसुतां भजामि॥
जगद्धात्री माँ भगवती की उपासना के पावन पर्व चैत्र नवरात्रि के षष्ठम दिवस पर माँ कात्यायनी के चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूँ।
माँ कात्यायनी से प्रार्थना है कि वे सभी भक्तों को साहस, शक्ति और विजय का आशीर्वाद प्रदान करें।
जय माँ कात्यायनी!
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।
जगज्जननी माँ दुर्गा के षष्ठ स्वरूप, माँ कात्यायनी भक्तों के भय, रोग एवं शोक-संतापों को हरने वाली हैं।
माँ भगवती की कृपा से अखिल संसार का कल्याण हो, हर हृदय में शांति, शक्ति और सद्भाव का वास हो, यही प्रार्थना है।
जय माँ कात्यायनी!
जब मन ध्यान में स्थिर होता है, तब सीमाएँ मिटती हैं और मानवता एक परिवार बन जाती है. यही है भारत की सनातन चेतना.
#ऋषिकेश स्थित #महर्षिमहेशयोगी आश्रम ध्यान, शांति और वैश्विक चेतना का केन्द्र है.
70 के दशक में यहाँ से प्रवाहित हुई आध्यात्मिक ऊर्जा ने पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों को एक सूत्र में बाँधा. 🕉️🌍
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भारतवासियों की असीम शक्ति ही देश के विकास की धुरी है। अपने सामर्थ्य और परस्पर विश्वास से हम हर संकल्प को साकार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।
स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।
पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥
#WATCH | सहस्त्रबाहु अर्जुन ने कामधेनु गौमाता को केवल एक पशु समझकर उनका हरण किया, जिससे भगवान परशुराम क्रोधित हो उठे।
देखिए 'कामधेनु गौमाता' शुक्रवार, शाम 6:30 बजे, सिर्फ डी डी नेशनल पर।
#KaamdhenuGaumata#DeshkaPehlaChannelDeshkaApnaChannel
भारत की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले करीब 13 साल से अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़े गाजियाबाद के हरीश राणा को पैसिव युथनेसिया (इच्छा मृत्यु) देने की मांग पर फैसला सुनाते हुए उसे इच्छा मृत्यु की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि हरीश राणा को AIIMS के पैलिएटिव केयर में भर्ती किया जाएगा ताकि मेडिकल ट्रीटमेंट वापस लिया जा सके। बता दें कि भारत में ये पैसिव यूथेनेसिया का पहला मामला है।
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को पैसिव युथनेसिया यानी इच्छा मृत्यु की मंजूरी देते हुए कहा कि ये निश्चित किया जाना चाहिए कि डिग्निटी के साथ इस प्रक्रिया को पूरा किया जाए। बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के घरवालों से बात भी की थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पारदीवाला ने कहा था कि यह बेहद दुःखद रिपोर्ट है। यह हमारे लिए मुश्किल फैसला है। पर हम इस लड़के को यूं अपार दुःख में नहीं रख सकते। हम उस स्टेज में है जहां आज हमें आखिरी फैसला लेना होगा।
100 फीसदी दिव्यांगता के शिकार हो चुके बेटे के ठीक होने की उम्मीद छोड़ चुके हरीश के माता-पिता ने ही उसे इच्छा मृत्य देने की मांग की है। एम्स की रिपोर्ट के मुताबिक हरीश के ठीक होने की उम्मीद नहीं है।
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#WATCH एर्नाकुलम, केरल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के पलक्कड़ और तमिलनाडु के पोलाची के बीच एक नई ट्रेन सर्विस को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
(सोर्स: DD)