एक तरफ चीन के शहर कानपुर की पुलिस को पेट्रोलिंग बोट न्यूजीलैंड से मंगानी पड़ रही है,
दूसरी तरफ मेक इन इंडिया से दुनिया भर को लोहा मनवाने वाला भारत है जो सुई से लेकर हवाई जहाज और रॉकेट खुद बना रहा 🔥
ये तो कुछ भी नहीं चीनी शहर कानपुर ने दस बोट और मंगवाने का प्रपोजल भेजा है , ये करेंगे हमारी बराबरी ।
जिस तरह देश का भांड मीडिया सोनल रघुवंशी के केस को कवर कर रहा और TRP बटोर रहा उसको देखते हुए देश के हर एक पत्रकार और मीडिया हाउस से कुछ सवाल
प्रश्न : क्या इसी तरह आप छात्रों के मुद्दे जैसे बेरोजगारी , पेपर लीक को भी कवर करते हैं?
प्रश्न : किसी ने किसी का मर्डर किया , आपने उसको कवर किया अब आप लोग किस अधिकार से अपने नौटंकीबाज पत्रकारों को भेजकर पीड़ित और अभियुक्तों के परिवार के मुंह में कैमरा घुसेड़ कर मीडिया ट्रायल कर रहे हैं ?
प्रश्न : क्या देश के सभी गरीबी , आदिवासियों , पर्यावरण , लाल फ़ीताशाही , भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंतशील और महत्वपूर्ण मुद्दे खत्म हो चुके हैं?
प्रश्न : अगर अभियुक्त पुणे पोर्शे केस जैसा अमीर होता तो क्या आपकी औकात होती उसके परिवार के मुंह में कैमरा घुसेड़ने की ?
प्रश्न : करोड़ों रुपए आप लोग अपने ऑफिस , एम्पलाइज और इक्विपमेंट्स पर खर्च करके इस ओछे स्तर की पत्रकारिता करने में समय क्यों खराब कर रहे हैं?
प्रश्न : क्या आप लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि देश में पत्रकारिता का हीमोग्लोबिन दिन प्रतिदिन गिर रहा है और लोगों के मन में मीडिया के प्रति निराशा बढ़ती जा रही है ?
प्रश्न : क्या मीडिया का काम केवल सुबह हॉरोस्कोप दिखाना , दोपहर में चूर्ण चटनी और बॉलीवुड स्टारों के कपड़ों की चर्चा करना और शाम को टीवी पर दो पार्टियों के मुर्गों को आपस में लड़वा कर TRP बटोरना ही मीडिया का उद्देश्य रह गया है ?
पहली तस्वीर उस बस स्टैंड की है जहां से नरेंद्र मोदी MP थे ,वडोदरा, गुजरात !
दूसरी तस्वीरें उस बस स्टैंड की है, जहां से "जीतन राम मांझी" MP है, गया जी , बिहार की !
क्या केंद्रीय मंत्री मांझी जी 5 साल में भी ऐसा बस स्टैंड बनवा सकते है ????
SI भर्ती को लेकर एक दिलचस्प वाक्या होने जा रहा हैं
आगमी सुनवाई में अगर आरपीएससी अध्यक्ष को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए जाते है तो निवर्तमान डीजीपी यू आर साहू से कोर्ट का सवाल होगा आपने तो भर्ती रद्द की अनुशंसा कर दी आप ' परीक्षा शुचिता और पारदर्शिता से हुई ' कैसे कह सकते है
ये लड़की मॉडल चाय वाली #सोनम_गुप्ता है
महिला पुलिस इसके कपड़े पकड़कर खींच रही है,
दूसरा पुलिसवाला चुपचाप देख रहा
राहगीर ने गाड़ी में बैठकर बनाया वीडियो
पुलिस कहती है ये बदतमीजी नहीं .
#UttarPradesh#Lucknow
हर दूसरे-तीसरे दिन भ्रष्ट सरकारी मुलाज़िमों या बड़े अधिकारियों के यहां छापों में बरामद अकूत नोटो के बंडल, सोना-चांदी और जेवरात मीडिया में दिखाए जाते हैं। सवाल यह है कि इससे समाज में क्या संदेश जाता है? क्या इससे लोगों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चेतना बढ़ती है या उल्टे कुछ लोगों को प्रेरणा मिलती है?
बेहतर होता कि मीडिया में इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ हुई दंडात्मक कार्यवाही और सजा को प्रमुखता से दिखाया जाए -ताकि ऐसे कार्यवाही उदाहरण बने और बाकियों का मनोबल टूटे।
मैं LBSNAA में RTI लगाकर उस ट्रेनिंग मॉड्यूल/कोर्स/किताब की प्रति मांगने जा रहा हूं ,
जिसके बाद वहां से निकलने वाले हमारे अधिकारीगण लाखों करोड़ों की घूंस लेना सीख जाते हैं।
जब मोदी सरकार 11 साल की “सेवा” का जश्न मना रही है, तब देश की हक़ीक़त मुंबई से आ रही दर्दनाक ख़बर में दिखती है - ट्रेन से गिरकर कई लोगों की मौत।
भारतीय रेल करोड़ों की ज़िंदगी की रीढ़ है, लेकिन आज असुरक्षा, भीड़ और अव्यवस्था की प्रतीक बन चुकी है।
मोदी सरकार के 11 साल = न जवाबदेही, न बदलाव, सिर्फ़ प्रचार।
सरकार 2025 पर बात करना छोड़, अब 2047 के सपने बेच रही है।
देश आज क्या झेल रहा है, ये कौन देखेगा?
मैं मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
पेड़ से पानी निकलता देख लोग फूल चढ़ाकर पूजने लगे, लीकेज पेड़ के नीचे की पाइपलाइन फटने की वजह से था
मोदी जी तीसरी बार इसी देश के प्रधान मंत्री बने
#Pune
ये खबर सच है क्या ? कोई बताएगा ??
महाराष्ट्र के बीड जिले में 843 गन्ना मजदूर महिलाओं के गर्भाशय ज़बरदस्ती निकाल दिए गए ताकि वे गर्भवती न हो सके और लगातार खेतों में काम करती रहें !!
DM साहब के सामने बक्सर के डुमरांव के इस SDO राकेश कुमार की औकात कैसे हुई अपने मालिक के ऊपर हांथ उठाने की ??
कोई व्यक्ति गलत करे उसको जेल में डालो लेकिन हांथ उठाने का अधिकार किसने दिया ?
समय : 18 मई 2025
मेरे पास सारे कागज़ हैं"
ये सुनकर बक्सर के SDM राकेश कुमार बौखला गए और गरीब ड्राइवर को सरेआम थप्पड़ मार दिया!
ये कैसा सिस्टम है जहां सच बोलना गुनाह और गरीब होना अपराध बन गया?
थप्पड़ गूंजा बक्सर में, पर सवाल पूरे बिहार से है!
विजेंद्र जोशी
रैंक 284 निवासी लक्ष्मणगढ़ सीकर
ये भाई साब ईमानदार थे और धरने में और मंत्रियों के द्वार पर पहुंचने में सबसे आगे थे
लेकिन कुदरत का ऐसा दौर है ये धरे गए है SOG के हाथों
जैसे ये वीडियो 5 दिन पुराना है , वैसे ही ये सवाल भी पुराना है — लेकिन जरूरी है :
पुलिसवाले जिस बेशर्मी से गरीबों, ठेलेवालों, रिक्शेवालों और सब्ज़ी बेचने वालों को थप्पड़ मारते हैं , क्या वही हिम्मत उनके अंदर मंत्रियों, विधायकों , सांसदों और ठेकेदारों के लिए भी है, जब वो कानून तोड़ते हैं?
अगर नहीं है , तो फिर किस हक़ से ये अपनी ही जनता — अपने मालिकों ... पर हाथ उठाते हैं?
क्या वर्दी वाकई न्याय की पहचान है या सिर्फ़ ताक़तवरों की गुलामी और गरीबों पर ज़ुल्म का लायसेंस.?
जहाँ अफसर के कुत्ते की तबीयत भी सरकारी एम्बुलेंस से इलाज करवाए ,
लेकिन गाँव में बच्चा बिना ऑक्सीजन मर जाए —
तो क्या आम आदमी माफियाओं का शिकार नहीं होगा?
जहाँ मजदूर को दिनभर की मज़दूरी 2000 की जगह 500 में मिलती हो,
बाक़ी 1500 नेता, ठेकेदार और बाबू की जेब में जाती हो,
जहाँ मनरेगा के नाम पर मिट्टी भी बिना कमीशन नहीं खुदती,
जहाँ सरकारी योजनाएँ विज्ञापन में पूरी और ज़मीन पर अधूरी दिखती हों —
तो उस देश में न्याय नहीं , राजाओं का राजतंत्र है।