माननीय @myogiadityanath जी! विधानसभा सदन में 70k शिक्षकों-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का सकारात्मक आश्वासन व 1-Apr-2005 पूर्व विज्ञापित शिक्षकों का प्रकरण रिव्यू कराने हेतु आभार। बेसिक शिक्षकों हेतु भी शीघ्र OPS शासनादेश जारी करें।*
#RestoreOPSforBasicTeachers@CMOfficeUP
*माननीय @myogiadityanath जी! विधानसभा सदन में 70k शिक्षकों-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का सकारात्मक आश्वासन व 1-Apr-2005 पूर्व विज्ञापित शिक्षकों का प्रकरण रिव्यू कराने हेतु आभार। बेसिक शिक्षकों हेतु भी शीघ्र OPS शासनादेश जारी करें।*
#RestoreOPSforBasicTeachers@CMOfficeUP
शिक्षक अवकाश ,भत्तों व हाज़िरी की व्यवस्था में विभाग के अधिकारी व कर्मचारी से समानता की माँग कर रहे हैं,लेकिन एक योजना के तहत शिक्षकों को केवल डिजिटल हाज़िरी का विरोधी बताया जा रहा है ।यह षड्यंत्र नहीं चलेगा ।
#Boycottdigitalattendance@Aamitabh2@DrDCSHARMAUPPSS
उ प्र शासन द्वारा श्री वी के आनंद जी को जनहित में महानिदेशक स्कूल शिक्षा के पद से हटा दिया गया है ।
सुल्तानपुर में मृतक शिक्षक के परिजन की तहरीर पर आरोपी खण्ड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध तीन दिन बाद आज एफ़आईआर दर्ज हो गई है
हम मा मुख्यमन्त्री जी के आभारी हैं
🙏🙏🙏🙏🙏
मा मुख्यमन्त्री जी बेसिक शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों ने सुल्तानपुर के एक शिक्षक की जान ले ली ।मृतक शिक्षक के परिजन आरोपी अधिकारी के विरुद्ध FIR की माँग कर रहे है जबकि स्थानीय प्रशासन बल पूर्वक अंतिम संस्कार कराना चाहता है
कृ संज्ञान लेकर आवश्यक निर्देश देने की कृपा करें
#शिक्षक_सम्मान_बचाओ
प्रदेश के हज़ारों शिक्षकों ने लखनऊ पहुँचकर स्पष्ट कर दिया कि शिक्षक सरकार से नहीं ,महानिदेशक महोदय की कार्यप्रणाली से त्रस्त हो चुका है।वार्ता में महासंघ के अध्यक्ष जी ने स्पष्ट कहा कि अकारण शिक्षकों के निलंबन व वेतन अवरुद्ध किये जा रहे हैं ।निलंबन से सेवा में बहाली का न्यूनतम रिश्वत एक लाख है ।उन्होंने कहा कि आप चाहें तो सोशल मीडिया या समाचार पत्र के माध्यम से सीधे सर्वे करा सकते हैं कि निलंबन या वेतन बहाली पर रिश्वत की दर क्या है ।शिक्षक बता देंगे कि भ्रष्टाचार का हाल क्या है।मुख्यमंत्री जी के आदेश पर प्रत्येक विभाग में बंपर प्रमोशन हुआ है लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग में गत 6 वर्षों से एक भी प्रमोशन नहीं हुआ क्योंकि बीएसए के काम भी लखनऊ से संचालित हैं।मगर महोदय हैं कि शिक्षक हित की एक भी बात नहीं सुनना चाहते ।
सरकार भी निर्णय ले कि 5 लाख बेसिक शिक्षक व 65 हज़ार माध्यमिक शिक्षक व उनके परिवारों को अपमानित करने की स्वतंत्रता इन महोदय को न दी जाये।
अपने हितों व सम्मान के रक्षार्थ प्रदेश भर के शिक्षक अपना अवकाश लेकर गये थे लेकिन इनके निर्देश पर कल निरीक्षण करने वाले अधिकारियों ने शिक्षकों से यह कहते हुए अभद्रता की है कि “बहुत धरने पर जाते हो ,तुमको निलंबित करके नेता बना देंगे ,धरने पर जाना भूल जाओगे”।यह निरीक्षण कर्ता भ्रष्ट अधिकारी शिक्षकों को डरा नहीं पायेंगे ,न ही लोकतंत्र में अपने आबाज उठाने से रोक पायेंगे ।यह शिक्षकों और सरकार को आपस में लड़ाने का षड्यंत्र रच रहे हैं जिससे शिक्षक सरकार से लड़ते रहें और यह सुरक्षित रहें।लेकिन शिक्षक इनके षड्यन्त्र को जान चुका है और इनके भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आख़िरी सांस तक संघर्ष करेगा ।
#09अक्टूबर_लखनऊ_चलो
ऐसा लगता है कि प्रतिदिन शिक्षकों को अपमानित करना ,निलम्बित करना एवं वेतन रोकना ही अधिकारियों का गुड वर्क होता जा रहा है
अब सफ़ाई कर्मचारी विद्यालय की गतिविधियों का सत्यापन करेंगे ।
इससे पूर्व में रसोईया को गेंहूँ पिसाने भेजा तो शिक्षक निलम्बित
फ़र्रुख़ाबाद के बीएसए द्वारा मा उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने से तंग आकर शिक्षक ने जान दे दी लेकिन प्रकरण में निलंबित बीएसए के स्थान पर शिक्षक हुआ
शिक्षक विशुद्ध वेतन भोगी है उसका मकान निर्माण ,बच्चों की पढ़ाई ,बच्चों के विवाह सब बैंक लोन से हो रहे हैं जैसे ही उसका वेतन रोका जाता है या निलम्बित किया जाता है उसका पूरा परिवार तिलमिला जाता है ।
शिक्षकों के ऊपर निलंबन या वेतन रोकने की कार्यवाही बेवजह और उच्च अधिकारी को खुश करने के लिए की जाती है ।बेसिक शिक्षा में भ्रष्टाचार इतना गहरा गया है कि निलम्बन या वेतन बहाली में शिक्षक का वेतन लूट लिया जाता है ।
विद्यालय में शिक्षक केवल शिक्षण के लिये उत्तर दायी होना चाहिये
लेकिन शिक्षक को ग़ैर शैक्षणिक कार्यों के लिए ज़िम्मेदार ठहरा कर उसके विरुद्ध कार्यवाही करके शोषण किया जा रहा है और शोषण करने वालों को मीटिंग्स में ताली बजवा कर सम्मानित कराया जाता है
शिक्षक तनाव में जी रहे हैं क्योंकि किसी भी विभाग का कोई भी अधिकारी विद्यालय का निरीक्षण करके किसी भी बात पर शिक्षक को बेइज्जत कर जाता है या कार्यवाही करा देता है
अधिकारियों की दमनात्मक एवं भ्रष्ट कार्यशैली से शिक्षकों में ज़बरदस्त आक्रोश है लेकिन यही शिक्षक जब अधिकारियों के भ्रष्टाचार के विरोध में उतरते हैं तो अधिकारी बड़ी चालाकी से इन शिक्षकों को सरकार विरोधी साबित कर देते हैं
यह ऐसे अधिकारी हैं जो पिछली सरकार में कुछेक के पैर छूकर मलाई मार रहे थे अब यही काम यहाँ पर जारी है
यह तो मलाई मार कर चले जाते है लेकिन इनके कुकृत्यों से नाराज़ शिक्षक या कर्मचारी नुक़सान सरकार का करते हैं
इनकी तानाशाही व भ्रष्टाचार के विरोध में संघ के पदाधिकारी 9 अक्टूबर को शिक्षा निदेशालय पर धरना देंगे ।
ब्लॉक गौण्डा जनपद अलीगढ़ में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की कार्यकारिणी आगामी प्रस्तावित आन्दोलन को सफल बनाने की रूपरेखा बनाते हुए...जय शिक्षक... जय भारत ...उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिन्दाबाद 💐💐
1 Aug से 6 Aug तक पुनः सघन चैकिंग होगी।
लगभग 5 लाख शिक्षकों के सापेक्ष 3599 ही अनुपस्थित मिले।
साथियों! आपकी कर्तव्य की आजमाइश हो रही है। अविश्वास करने वालों को दिखा दीजिए शिक्षक दायित्वों के प्रति पूर्ण कटिबद्ध है।
इसबार आंकड़ा सबसे न्यूनतम होना चाहिए।
आपके हवाले।
#StaySafe
स्थानान्तरण की मांग की तो 7 साल बाद समायोजन किया जा रहा है,
कैशलेश चिकित्सा की दरकार थी, तो प्रीमियम वाली योजना मिली।
अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण दूर तक नहीं है।
आकांक्षी जनपद वालों को 6-7 साल से इंतज़ार है स्थानांतरण का।
अर्थात,
जो मांगो नहीं देंगे,
जो देंगे वो ले नहीं पाओगे।
मा मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कि अपने आदेश के क्रम में अधिकारियों से जानना चाहिये कि क्या केश लेस चिकित्सा का अभिप्राय 18 से 76 हज़ार रु का सालाना प्रीमियम वाला स्वास्थ्य बीमा होता है।
यह शिक्षकों के साथ मज़ाक़ है शिक्षक इस पोलिसी को स्वीकार नहीं करते।