@VoiceSuren_X@ChiefSecyUP बीएड अभ्यर्थियों प्राइमरी में वैध ही नहीं है, और उच्च प्राथमिक स्तर पर बीएड उच्च प्राथमिक TET पास अभ्यर्थियों लिए कभी सीधी भर्ती दी ही नहीं गई है !
जबकि TET पास बीएड अभ्यर्थियों के लिए उच्च प्राथमिक स्तर पर अवसर मिलना चाहिए वो प्रदेश में मिलता ही नहीं है ! जाने क्यों ?
@GorakhnathMndr चरणों में नमन ।
आप से प्रार्थना है नाथ जी कि प्रदेश के बीएड अभ्यर्थियों जो कलावर्ग से बीएड और UPTET करते है उनके लिए उच्च प्राथमिक स्तर पर सीधी भर्ती का प्रावधान का आदेश देवे ।
उनके लिए उच्च प्राथमिक स्तर पर भर्ती का प्रावधान ही नहीं है, जाने क्यों !!
@rojgarwithankit
उत्तर प्रदेश में बीएड करते समय और TET देते समय, दो विषय वर्ग भरे जाते है , एक है #कलावर्ग
पर आज तक कभी भी उच्च प्राथमिक स्तर पर एक वर्ग को भर्ती देखने नहीं मिली जबकि TET बार बार होते है इसी विषय वर्ग की ।।
@basicshiksha_up
क्या अब यह उम्मीद की जानी चाहिए कि काशी, मथुरा, भद्रकाली, भोजशाला और अटाला पर अब अदालतों में मंदिर के कागज नहीं मांगे जाएंगे ---क्यूंकि यहाँ तो मामला 1500 साल से भी पुराना है ---उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट का मस्जिद के संदर्भ में दिया गया मौखिक निर्देश मंदिरों के मामलों में भी यथावत लागू होगा ---
जगदीप धनखड़ को साधारण मत समझिए, ये व्यक्ति संविधान और क़ानून का इतना बड़ा जानकर है कि 10 CJI इसके सामने पानी माँगें।
पश्चिम बंगाल का राज्यपाल रहते इन्होंने AM-PM की गड़बड़ी के कारण रात के 2 बजे कैबिनेट बैठक का ऐलान कर दिया था। इतनी तनातनी रही ममता बनर्जी से, फिर भी उप-राष्ट्रपति चुनाव में TMC ने विरोधी उम्मीदवार को वोट नहीं दिया। जो व्यक्ति पेरिस स्थित 'इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' का सदस्य रहा हो 3 वर्षों तक, उसे आज न देश में बेवकूफ बना सकते हैं और न विदेश में।
बहुत कम लोगों को पता है कि आज से 35 वर्ष पूर्व जब चंद्रशेखर सिंह प्रधानमंत्री बने थे तब उन्होंने जगदीप धनखड़ को संसदीय कार्यमंत्री बनाया था। ऐसे में संसद और सरकार कैसे काम करती है, उनके अधिकार क्या हैं और सीमाएँ क्या हैं - ये जगदीप धनखड़ को बहुत अच्छे से पता है।
वो राजस्थान हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं। एक किसान परिवार में जन्मा व्यक्ति आज जब इस पद पर है और सुप्रीम कोर्ट पर इतना बड़ा हमला कर रहा है तो उसके एक-एक शब्द को गंभीरता से लीजिए। सवाल जायज है - जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से करोड़ों के कैश मिले 1 महीने हो गए, फिर भी एक FIR तक क्यों नहीं? राष्ट्रपति देश की प्रथम नागरिक हैं, उन्हें आदेश देने वाला सुप्रीम कोर्ट कौन? जगदीप धनखड़ भाजपा के क़ानून मामले के राष्ट्रीय संयोजक रह चुके हैं, भारतीय संस्कृति एवं इतिहास व विचारधारा को लेकर समर्पित हैं।
और हाँ, सैनिक स्कूल का विद्यार्थी अनुशासन को सबसे बड़ी प्राथमिकता रखता है, उससे भी ऊपर रखता है देश को। देश को नुकसान पहुँचाने वाला सुप्रीम कोर्ट ही क्यों न हो, उसे भी वो देख लेगा।
सुप्रीम कोर्ट हिन्दुओं को कहता है यहां क्यों आ गए, हाई कोर्ट जाओ।
वही सुप्रीम कोर्ट मुसलमानों की याचिका स्वीकार कर लेता है और सुनवाई करता है।
सबसे बड़ी अदालत का ये दोहरा रवैया क्यों?
: विष्णु शंकर जैन, अधिवक्ता
"सुपर संसद की तरह काम कर रहे जज, राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती हैं अदालतें", बोले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की कड़ी आलोचना की है, जिसमें राष्ट्रपति को राज्यपालों की ओर से विचार के लिए भेजे गए विधेयकों पर डेडलाइन के भीतर एक्शन लेने का निर्देश दिया गया है. इसे लेकर उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में कभी भी ऐसा लोकतंत्र नहीं रहा, जहां न्यायाधीश किसी लॉ मेकर, कार्यपालिका और यहां तक कि 'सुपर संसद" के रूप में काम करें.
उपराष्ट्रपति ने कहा कि "हम ऐसी स्थिति नहीं बना सकते जहां आप भारत के राष्ट्रपति को निर्देश दें और किस आधार पर?...जिन न्यायाधीशों ने राष्ट्रपति को आदेश जारी किया...वे संविधान की शक्ति को भूल गए हैं" इसके अलावा उन्होंने अदालतों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि "हमने इस दिन के लिए लोकतंत्र की कभी कल्पना नहीं की थी, राष्ट्रपति से डेडलाइन के तहत फैसले लेने के लिए कहा जा रहा है और अगर ऐसा नहीं होता है, तो यह कानून बन जाता है"
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मुर्शिदाबाद हिंसा में नया खुलासा ।
दंगे की ट्रेनिंग 3 महीने से दी जा रही थी ।
इसके लिए फंडिंग तुर्की से हुई ।
हिंसा के लिए 500₹ प्रति व्यक्ति दिया गया ।
सबसे बड़ी बात, ये दंगा रामनवमी को होना था, पर सुरक्षा कड़ी होनेे के कारण इसे टाल दिया गया ।
फिर वक्फ विरोधी प्रदर्शन में इसे अंजाम दिया गया ।
Auraiya Murder Case:पत्नी और प्रेमी की साजिश में मारे गए दिलीप यादव हत्याकांड में पुलिस का बड़ा ENCOUNTER!
Auraiya Murder Case: औरैया के दिलीप यादव जिनकी इसी महीने 5 मार्च को शादी हुई..बताया गया कि दिलीप ने अपनी भाभी की सगी बहन प्रगति यादव से लव मैरिज की लेकिन प्रगति के दिल-ओ-दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था तभी तो उसने अपने प्रेमी अनुराग यादव के साथ मिलकर अपने ही पति को शादी के सिर्फ 15 दिन से अंदर ही मौत की नींद सुला दिया..बकायदा इसके लिए उसने भाड़े के किलर्स को हायर किया था..वहीं अब इस मामले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है..आपको बता दें कि पुलिस ने इस मामले में शिवम यादव और दुर्लभ का एनकाउंटर कर दिया है..बताया जा रहा है कि ये दोनों भी इस हत्याकांड में शामिल थे और पुलिस को लगातार चकमा देकर फरार चल रहे थे..पुलिस ने इनके ऊपर 25-25 हज़ार का इनाम भी घोषित कर रखा था..पुलिस को सहार के पास शाहबाज़पुर बंबा पर चेकिंग के दौरान दो बाइक पर सवार लोग आते दिखे..जो थोड़े संदिग्ध नज़र आए..जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो बताया जा रहा है कि उन्होनें पुलिस पर ही फायर झोंक दिया..जिसमें जवाबी फायरिंग पुलिस की ओर से की गई..दोनों की आरोपियों के पैर में गोली लगी और वो घायल हो गए..आरोपियों की पहचान दिलीप हत्याकांड में शामिल शिवम यादव और दुर्लभ जो कि चमरौआ थाना क्षेत्र दिबियापुर के रहने वाले हैं, के तौर पर हुई है..दोनों को फिलहाल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है..
#auraiya #murdercase #dilipyadavmurdercase #accusedarrested #upnews
@dpradhanbjp
जी देश में करोड़ो बीएड धारी एनसीटीई की 28 जून 2018 अधिसूचना पर अध्यादेश की मांग कर रहे है। इस मामले को संज्ञान में लेकर बीच का रास्ता निकाले
#बीएड_मांगे_अध्यादेश
#WeWantOrdinanceForBED#WeWantBEDInPRT
*प्रेस विज्ञप्ति*
B.Ed संयुक्त मोर्चा हरदोई के बैनर के तले B.Ed के सभी अभ्यर्थियों ने अपनी मांग के लिए हरदोई के मुख्य मार्ग जैसे डीएम चौराहे सिनेमा चौराहा बड़ा चौराहा सिनेमा चौराहा गांधी चौराहा आदि चौराहों एवं मार्गों पर शांतिपूर्वक पैदल मार्च और कैंडल मार्च निकाला बीएड अभ्यर्थियों ने बताया कि एनसीटीई ने अभी तक B.Ed की स्थिति को क्लियर नहीं किया है बीएड अभ्यर्थियों का इस सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर में किसी प्रकार का कोई दोस नहीं है क्योंकि बीएड अभ्यर्थियों ने एनसीटीई 2018 के बजट के अनुसार ही ऐड किया था अतः हमारी सरकार और एनसीटीई से यही अनुरोध है कि हमारे भविष्य की चिंता की जाए और 2018 से 2023 तक के बच्चों की किसी प्रकार से वैध मानकर PRT में शामिल किया जाए पैदल मार्च में B.Ed संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष उत्कर्ष पांडे और सदस्य कमल कांत दीक्षित आकाश द्विवेदी प्रवेश प्रजापति शिवम वर्मा सलिल मिश्रा हिमांशु मिश्रा हिमांशु त्रिवेदी कुलदीप आदि मौजूद रहे।
निवेदक- बी. एड. संघर्ष मोर्चा हरदोई