क्षत्रिय सदा से ही भारत का मेरुदंड रहे है। अतएव वे ही धर्म और स्वतंत्रता के सनातन रक्षक है देश से अंधविश्वासों को हटा देने के लिए और भारत के इतिहास के आदि से अंत तक अधर्मियों के अत्याचार से साधारण जनता की रक्षा के लिए.. वे स्वयं एक दीवार की भांति खड़े रहे !
~ स्वामी विवेकानंद
अनुसूचित जा��ि और अनुसूचित जनजाति के लोगों को कानूनी सलाह 🙏
जो भी मनुवादी आपको जाति आधार पर पब्लिकली टारगेट करे या सोशल मीडिया के माध्यम से आपको अपमानित करे तो तुरंत FIR करवाए,
1. सर्वप्रथम घटना का विस्तृत विवरण देकर आवेदन दे, SC ST एक्ट की गंभीर धाराएं जुड़वाए,
2. 24 घंटे में अगर लोकल थाना पुलिस FIR नहीं करती है तो, उच्च अधिकारी SP के पास जाएँ,
3. SP को आवेदन देने के बाद भी FIR पंजीकृत नहीं होती है तो लोकल कोर्ट जाए,
4. FIR 100% दर्ज होगी, (अगर पुलिस कार्यवाही नहीं करती है तो पुलिस अधिकारियों पर भी मुकदमा पंजीकृत होता है) 😂😂
और फ़िर भी नहीं होती है भीम आर्मी से संपर्क करें, या मुझे कॉन्टैक्ट करें, आउट ऑफ़ कोर्ट सेटलमेंट भी किया जा सकता है, मामला, 🔥🔥
No bro, you're wrong. I've tested both AI models multiple times. ChatGPT Pro and Gemini Pro, across several tough assessments by uploading long PDF documents. ChatGPT gave many wrong answers, while Gemini consistently got them right.
Gemini 🔥
Since the Jamui video is trending, here is a general tip for the urban chaps on Twitter.
Do not visit any secluded, dark areas in the Great Indian Dehat with your GF/friends unless you are in a car or carrying weapons.
I am saying this because you need to understand a specific facet of the dehati mindset.
Upon seeing a couple, a dehati gets triggered because he is INHERENTLY INCAPABLE of understanding the concept of consent and its exclusiveness.
He believes that if a woman can have physical relations with one guy, she must have a loose character, and then, there should be no issue for her to indulge in the same activities with another guy.
Trust me on this. Countless women have been r@ped and molested in villages due to this mindset and people don't even know because, obviously, victims don't file complaints. Few years ago, one of my college juniors almost faced the same fate due to this mindset.
Sadly, blind Nibbis in towns and villages are the biggest victims of such incidents, and in many cases, their boyfriends are also complicit.
~~ My claims are based on interactions with numerous laborers, villagers, a few well-to-do friends who have suffered and general observation.
ठाकुर साहब सबको पीटते थे,
सबको धौंसियाते थे, सबको गरियाते थे,
ठाकुर साहब अब खुद पिटा गये, सुता गए
सुनो करणी सेना वालों
विपक्षी दलों के नेताओं और दलितों पिछड़ों को गालियां द���ने वाले उद्दंडों, उपद्रवियों
बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ तुम्हें चने के झाड़ पर चढ़ा देंगे, खुद तो सत्ता पा लेंगे और तुम्हारे कपड़े बीच चौराहे फटेंगे यही तुम्हारा भाग्य लिखा है इस भाजपा की सरकार ने
अंधभक्ति में चूर होकर तुम लोग भाजपा और बिष्ट आदित्यनाथ की सत्ता में मदमस्त होकर PDA को अपमानित करते हो, प्रताड़ित करते हो? सम्मान तुमसे हजम नहीं हुआ, निकाल के तलवारें और मुंह से गंदी गंदी गालियां तुमने बहुत PDA को प्रताड़ित किया है, जनता के बहीखाते में सब हिसाब लिखा है
उत्तर प्रदेश में भीमटो को अब पूर्ण भरोसा हो चुका है कि यूपी पुलिस, प्रशासन और सरकार उनके तुष्टिकरण के लिए उनपर कोई कार्यवाही नहीं करेगी।
जैसे @myogiadityanath जी की सरकार में मुसलमानों पर कार्यवाही की जाती है क्या वैसे ही इन आतंकियों पर कार्यवाही होगी?
उत्तर प्रदेश में भीमटो को अब पूर्ण भरोसा हो चुका है कि यूपी पुलिस, प्रशासन और सरकार उनके तुष्टिकरण के लिए उनपर कोई कार्यवाही नहीं करेगी।
जैसे @myogiadityanath जी की सरकार में मुसलमानों पर कार्यवाही की जाती है क्या वैसे ही इन आतंकियों पर कार्यवाही ह��गी?
अलीगढ़ का यह 15 सेकंड का वीडियो बेहद भयावह और चिंताजनक है।
वीडियो में करणी सेना के जिला अध्यक्ष सचिन राघव को सड़क पर भीड़ द्वारा पीटते, थप्पड़ मारते, बेल्ट से पिटाई करते और घसीटते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में ‘जय भीम’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं।
घंटाघ�� के पास चाट खाने के दौरान करीब 50 युवकों ने उन पर हमला किया और उन्हें अम्बेडकर पार्क तक घसीट कर ले गए उनसे जय भीम और अंबेडकर के सम्मान में नारे लगवाये गये। उनके भाई और एक साथी बचाने आए तो उन्हें भी पीटा गया।
इस तरह की घटना को देख कर किसको गुस्सा नहीं आयेगा।गुस्सा आना स्वाभाविक है। उसी गुस्से में अगर कोई व्यक्ति क्रिया की प्रतिक्रिया में अपशब्द बोल दे, तो उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज ��ोकर जेल भेज दिया जाता है।चूंकि गुस्सा में तो अपशब्द ही निकलता है, राम राम तो निकलेगा नहीं।
आज अजीत भारती का उदाहरण सामने है।उनकी टिप्पणी उकसावे के जवाब में थी, जाति के आधार पर अपमान करने का इरादा नहीं था।
फिर क्या! झेल रहे हैं एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा।ट्रायल कोर्ट से राहत नहीं मिली, मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया, अगर यहाँ से भी राहत नहीं मिलेगी तो सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकता है।
इस मामले में ��ब आगे क्या होगा? बहुत होगा तो गाली-गलौज मारपीट का मुकदमा दर्ज हो जाएगा, जिसमें आसानी से जमानत मिल जाएगी। क्योंकि ये तो हैं सवर्ण समाज से है, इनके संरक्षण लिए तो कोई कानून बना नहीं है।
तमाशा देखिए मोदी जी ….
जो एक रोल के लिए किसी के भी सामने टांगे खोल दें, लगता है उन्हें डिग्निटी मैटर करती होगी?
@ReallySwara जैसी runडियां जो हर रात अपना ��ौहर बदलती हैं वो क्या जानें कि जौहर क्या होता है।
Yeh gb road wale bhi bina baloon ke kar lete hain? 🤮
Khair apni iss whorrre ko dhandhe me baloon use karna jarur sikhana taaki iske jaisi ar paida na ho...