साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
दूसरों को गौमूत्र और गोबर से इलाज की सलाह देने वाले कथावाचक खुद अमेरिका के अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा लेते नजर आ रहे हैं। यह मनुवादी पाखंडियो का दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है?
मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है।
मैं पटना में रहकर पढ़ाई करता हूं। हर महीने 10–12 हजार रुपये का खर्च आता है। आखिर मेरी मम्मी कहाँ से इतने पैसे देगी?
आज B.Ed, PG और CTET क्वालिफाइड होने के बाद भी मुझे 20 हजार रुपए की नौकरी नहीं मिलेगी। ऊपर से जब हम आंदोलन करते हैं, तो पुलिस हमें लाठी से मारती है, डिटेन कर लेती है।
📍 प्रयागराज
डरे-सहमे नरेंद्र मोदी ने नेता विपक्ष राहुल गांधी जी के साथ ही विपक्ष के सांसदों को जबरदस्ती धरना स्थल से हटा दिया है।
लेकिन लाख कोशिशें कर लो- हमारा हौसला टूटने वाला नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तो देना ही होगा ✊
छात्रों की गूँज सुनो मोदी जी, छात्र वही बोल रहे हैं जो सही है, देश का हर ज़िम्मेदार नागरिक छात्रों के साथ खड़ा है।
अपने देश के छात्रों पर बर्बरता करते हुए सरकार को शर्म आनी चाहिये।
जंतर-मंतर पर देश का सारा युवा लाखों की संख्या में जमा हो गया है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उनपे लाठी चार्ज करवा रही है। ये ठीक नहीं है।
मैं सरकार से appeal करता हूँ कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं। अहंकार छोड़िये और इनकी बात सुनिए।