देश की सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से के.एफ. रुस्तमजी के नेतृत्व में वर्ष 1965 में स्थापित BSF, जवानों के त्याग, शौर्य और पराक्रम के कारण आज राष्ट्रसेवा का पर्याय बन चुकी है। आज नई दिल्ली में आयोजित 'रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान' में BSF के वीर जवानों को सम्मानित किया।