नागौर, राजस्थान में मुस्लिम प्रिंसिपल मोहम्मद अख्तर नदीम के तबादले के विरोध में हिंदू गांव वालों ने धरना दिया।
गांव वालों का कहना है कि मोहम्मद नदीम बच्चों को प्राइवेट स्कूल से बेहतर शिक्षा देते थे इसलिए आस पास के प्राइवेट स्कूल बंद हो चुके थे।
गांव वालों का ये भी कहना है कि मोहम्मद नदीम गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाते थे साथ ही उनका कहना है कि वो हमारे गांव के लिए कलाम से कम नहीं है।
Many Pakistani Hindu migrants facing serious challenges and hardships in India are now returning to their homeland, Pakistan, in search of safety, stability, and a better life.
ट्रांसफार्मर से करंट लगने से एक गाय की मौत हो गई,
तो गांव के लोग ! ट्रांसफार्मर से लड़ रहे
लड़ना चाहिए था सरकार से के हमरे लिए सेफ्टी का इंतजाम क्यों नहीं किया लेकिन लड़ रहें है ट्रांसफार्मर से ।
इन पागलो पर 12 नहीं 1200 साल भी कोई भी गधा हुकूमत कर सकता है
इनके सोचने समझने को सलाहियत खत्म हो चुकी है ।
इन्हें कोई अखरोट ही खिला दो
नई दिल्ली: दिल्ली के प्रेस क्लब में उमर खालिद की आदिवासियों पर लिखी किताब पर आयोजित चर्चा के दौरान पत्रकार अरफा खानम ने कहा,
देखिए, कितना इत्तिफाक है कि ये सरकार चाहती है कि उमर को जितना मुसलमान बनाया जाए, उतना अच्छा है। लेकिन उमर अपनी पहचान से ऊपर उठता है और हर उस व्यक्ति, हर उस शख्स के साथ इंसाफ की बात करता है, जिसके साथ नाइंसाफी हुई है।
उमर चाहते तो मुसलमानों के लिए किताब लिख सकते थे, लेकिन उन्होंने आदिवासियों के लिए लिखा। मैं उम्मीद करती हूं कि जब वह जेल से बाहर आएंगे, तो मुसलमानों के लिए भी जरूर लिखेंगे।
उमर का दिल हर उस इंसान के लिए धड़कता था, जिसके साथ नाइंसाफी हुई है। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे उमर को, उमर की तरह जानने का मौका मिला।
Mob attacks. Demolitions. Hate speech.
Through the stories of victims, witnesses, lawyers, and journalists, this documentary examines the rise of anti-Muslim hate in India.
Watch the full documentary: https://t.co/Ul3HVlJky0
After Hanuman, now they get people dressed up as Lord Shiva and Goddess Parvati to dance.
No mockery of faith now?
Feelings only get offended when a Kunal Kamra @kunalkamra88 says
"Using the name of Sita's husband, this govt is doing the work of Nita's husband".
भाजपा को जंतर मंतर वाला पढ़ा लिखा युवा नहीं चाहिए..उसे ये वाला युवा चाहिए…ये वाला युवा कांवड़ निकालता है…ये वाला युवा सरकार से कुछ नहीं मांगता है..ये वाला युवा सरकार को किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार भी नहीं ठहराता है…ये वाला युवा जो मांगता है भगवान से मांगता है…अच्छे बुरे के लिए भगवान को जिम्मेदार ठहराता है..ये वाला युवा हर चीज के लिए भगवान को उत्तरदायी मानता है..इसीलिए भाजपा इस वाले युवा के ऊपर फूल बरसाती है…और जंतर-मंतर वाले युवा पर बंदूकों से पैलेट दागती है..आंसू गैर के गोले दागती है..PRAGYA KA PANNA पर पूरी रिपोर्ट- कुछ देर में... https://t.co/HtlvGZ0lKk