पर्यटकों को बंदरों के हमले से बचाइए
फिर 1 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाइए
मुख्यमंत्री जी आपकी ‘भाजपा सरकार’ की छवि तो ‘चंदा-चढ़ावा-दान चोरी’, महाभ्रष्टाचार, बेलगाम अपराध, नक़ली एनकाउंटर, हिरासत में मौतों, भू-माफ़ियाओं-क़ब्ज़ों, अवैध खनन-खदानी, बुलडोज़र के दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल, झूठे बयानों-आरोपों व मुक़दमों, सजातीय पक्षपात, शिक्षा-शिक्षकों, शिक्षालयों के विरोध, पीडीए पर अत्याचार, संविधान के अपमान, सामाजिक न्याय की अवहेलना और संत-महात्माओं, माताओं-महिलाओं, किसानों-मेहनतकशों, गरीबों, शोषितों, वंचितों व युवाओं-छात्रों-अभ्यर्थियों से दुर्व्यवहार के कारण बेहद धूल-धूसरित और धूमिल हो ही चुकी है, उप्र की छवि तो यूँ न बिगाड़िये।
भाजपा के दुर्शासन काल में शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर बिजली-पानी-सड़क जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए जूझ रहे उप्र में खेती-मजदूरी, उद्योग-धंधे, कल-कारख़ाने, काम-कारोबार, कलाकारी-कारीगरी, दुकानदारी-दस्तकारी, नौकरी-रोज़गार सब कुछ बदहाल है, एक ‘पर्यटन’ थोड़ा बहुत बचा है, कम से कम उसे तो बचाइए।
बिहार के सिवान में निहत्थे आंदोलनकारियों पर AK47 जैसे घातक हथियार का प्रयोग किसके कहने पर किया गया?
जो छात्र इसकी घातक फ़ायरिंग में घायल हुए हैं, उनके लिए पूरा देश चिंतित है।
पूरी दुनिया में फैले भारतीयों और ख़ासतौर से बिहार के मूल निवासियों के बीच इससे बेहद आक्रोश फैल गया है।
भाजपा राज में विशेष कृपा प्राप्त लोगों ने नराई, लखनऊ में स्कूल की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करके स्कूल बंद करा दिया है।
बच्चों की पुकार सुननेवाला कहीं कोई ‘संवेदनशील-सहृदय’ है?
घोर निंदनीय!
🔥 केरल से बड़ा मैसेज!
Congress+ को 102 सीटें 👇
हिंदू MLA – 41 🫡
क्रिश्चियन MLA – 31 🫡
मुस्लिम MLA – 30 🫡
यही है Indian National Congress और Rahul Gandhi की राजनीति— Inclusive & United India 🇮🇳
लेकिन “गोडी मीडिया” चुप है… असम दिखेगा, केरल नहीं!
सच अपने आप निकलता है और झूठ सोचकर बोला जाता है। आपने सच कहा, सही कहा ‘पीडीए’ आ रहा है। कोहनी मारकर मुँह से निकले सच को बदलने की कोशिश न की जाए।
सच तो ये है कि मन से तो ये भी पीडीए ही हैं, बस अपने लालच के मारे हैं।
ये है ‘पीडीए’ के साथ वर्चस्ववादियों का व्यवहार क्योंकि ये प्रभुत्ववादी नहीं चाहते हैं कि कोई उनकी सच्चाई जगजाहिर करे।
इसका तात्कालिक न्यायिक संज्ञान लिया जाए और सख़्त दंडात्मक कार्रवाई हो।
#कुंडा_उप्र
पीडीए समाज की एक महिला के पिता को, पुरुषवादी भाजपा सरकार सिर्फ़ इसलिए प्रताड़ित कर रही है क्योंकि हमने ‘बाबासाहेब जी की जयंती’ पर अपनी उस छोटी बहन के यहाँ पूड़ी खा ली थी।
इतनी निकृष्ट राजनीति तो उन अंग्रेजों ने भी नहीं की थी, जिनके लिए भाजपा के वज़ीफ़ाजीवी वैचारिक पूर्वज संगी-साथी मुख़बिरी करते थे। इससे पहले भी हमारे चाय पीने की वजह से एक आत्मनिर्भर पीडीए चायवाले युवा को भाजपा सरकार ने प्रताड़ित किया था।
भाजपा पीडीए विरोधी है, और हमेशा रहेगी।
घोर निंदनीय!
आयी हुई और लायी हुई भीड़ का अंतर समझ आ जाता है। कल प्रधान संसदीय क्षेत्र बनारस में नारी सड़कों पर बेहोश हुई और आज जिन बसों को ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ के ‘प्रधान उद्घाटन’ में लगाया गया है उनके ड्राइवरों-कंडक्टरों के लिए खाने-पानी-रहने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ये भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का निकृष्टतम रूप है।
गर्मियों की छुट्टियों में जबकि बसों की माँग बढ़ी हुई है, एक सरकारी कार्यक्रम के लिए 2-3 दिनों के लिए बसों को दिखावटी काम में लगाना, जनता को प्रताड़ित करना है।
इन बसों का खालीपन बता रहा है, हवा का रुख़ भाजपा के ख़िलाफ़ जा रहा है।
बिहार Youth विधानसभा में आदित्य राज सिंह ने UGC मुद्दे पर ऐसी सच्चाई रखी कि पूरी सभा सन्न रह गई।
“सच बोलोगे तो कीमत चुकानी पड़ेगी… मैं भी शीश कटाने आया हूँ, घायल भारत की सच्चाई दिखाने आया हूँ।”
ऐसी आवाज़ों को दबाया जाएगा या सुना जाएगा?
भाजपा के बेधड़क भ्रष्टाचार काल में अब तो कैमरे का भी लिहाज़ नहीं रहा, अंडर टेबल तो सुना था, यहाँ तो ओवर टेबल पैसा लिया जा रहा है। अब टेबल के ऊपर से घूस लेने में अधिकारियों को कोई झिझक नहीं है क्योंकि ऊपर तक जाता भी है।
भाजपा राज में पैसे के पहिये लगाये बिना कोई फ़ाइल आगे नहीं बढ़ती है। कैमरे के सामने इस तरह का अवैध कार्य करने की प्रेरणा के पीछे चंडीगढ़ का भाजपाई महाकाण्ड है
देखते हैं इस घूसख़ोर पुलिसवाले का निलंबन होता है या ‘गुड वर्क’ के प्रशंसा-पत्र के साथ प्रमोशन।
भाजपा राज़ मतलब महाभ्रष्टाचार!
UPSC शिक्षक खान सर ने अपनी क्लास में उन्नाव रेप पीड़िता के लिए आवाज़ उठाई..
“मुझे यह सिस्टम समझ नहीं आता जहाँ एक रेपिस्ट को ज़मानत मिल जाती है और 140 करोड़ लोगों में से किसी में हिम्मत नहीं कि उस विधायक के खिलाफ आवाज़ उठा सकें?”
लेकिन भारत का मीडिया इसपर कब डीबेट करेगा?
बरेली में BJP के पाले हुए बजरंग दल के गुंडों ने एक लड़की की बर्थडे पार्टी में जाकर मारपीट की, उत्पात मचाया
इन छुट्टा साँड़ों को लोगों को आतंकित करने का लाइसेंस किसने दिया है?
इनको क़ानून का डर नहीं है क्योंकि बचाने वाले तो वहीं बैठे हैं
वैसे मामले में पीड़ित पर FIR कर दी गई🤦♀️
उप्र की पुलिस पर ड्यूटी पर मद्यपान का आरोप बेहद गंभीर है, जिसके कारण हाथरस में जनाक्रोश अनियंत्रित हो गया। उप्र में ऊपर से लेकर नीचे तक नशे का ही सिक्का चल रहा है। लगता है अपराध के ख़िलाफ़ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ का जुमला भी मदमस्त होकर कहीं पड़ा होगा, तभी उप्र में अपराधी-माफ़िया निर्भय होकर अपना नशीला-ज़हरीला कारोबार चला रहे हैं।
किसी भी तरह का नशा-पानी उप्र की पहचान नहीं होनी चाहिए।
सुध में आने पर सुध लें।