Rubio goes to Mumbai.
The US DOJ releases a picture of Epstein and Puri.
Dear BJP and RSS workers,
which anti-national traitor do you think they're blackmailing?
रुबियो मुंबई पहुँचे।
US DOJ ने एपस्टीन और पुरी की तस्वीर जारी की।
प्रिय BJP और RSS कार्यकर्ताओं,
आपको क्या लगता है - ये किस देश-विरोधी गद्दार को ब्लैकमेल कर रहे हैं?
Remember the faces. We will be back every single day until we snatch your kursi, Mr. Gyanesh Kumar.
Congress on the ground, fighting Vote Chori while the regime and its lapdog media cover it up. Your days are numbered!
#VoteChori#GyaneshKumar#DemocracyFightsBack
एक रिपोर्ट में नीति आयोग ने बताया कि 15 से 29 साल के 8 करोड़ 70 लाख लोग ऐसे हैं, जो न तो स्टूडेंट हैं, न उनके पास नौकरी है और न ही वो नौकरी के लिए कोई ट्रेनिंग ले रहे हैं. रिपोर्ट बताती है कि 90 फ़ीसदी से ज़्यादा भारतीय जिनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री है, वो ऐसी नौकरी कर रहे हैं जिसके साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता मेल ही नहीं खाती. इस वीडियो में हम ये समझने की कोशिश करेंगे कि भारत में बेरोज़गारी आख़िर कितनी बड़ी समस्या है.
रिपोर्ट: अभीक देब
शूट, एडिट: प्रभात कुमार
ग्राफ़िक: चेतन सिंह
काहे मोहन के नाम को बदनाम कर रहे हो
माता जी के गले में VIP का पास है
लेकिन माता जी के पास कुर्सी नहीं
मोदी जी ने मंच से देखा
मोदी जी ने कुर्सी देने को कहा
बाकी के नेता क्या भजिया तल रहे थे
या PR एजेंसी ने कहानी बनाई थी
राष्ट्रीय कलाकार को अभिनय करने के लिए 🕵️
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
आपल्या महान राष्ट्रपती महोदयांनी
परमात्मा धिरेंद्र शास्त्री यांची भेट घेतली व अनेक राष्ट्रीय प्रश्नांवर चर्चा केली!
देश आगे जा रहा है
राष्ट्रपती महोदयाना मी प्रबोधनकार ठाकरे यांचे “ देवळांचा धर्म आणि धर्माची देवळे “ हे क्रांतिकारी पुस्तक भेट म्हणून पाठवले आहे!
मेरी फिलोसोफी
(आलोचना और प्रशंसा)
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अगर हर किसी से आप 'तारीफ़' और 'आलोचना' स्वीकार करने लग गए,
तो आपकी खुद की सोच और पर्सनालिटी बर्बाद हो जायेगी....
ना हर बुराई पर दिमाग लगाना चाहिए, ना ही हर किसी की तारीफ से खुश होना चाहिए....
ये दोनों बातें उस इन्सान से स्वीकार करनी चाहिए जो आपको बहुत अच्छे से जानता हो, साथ ही साथ वो खुद बहुत समझदार और निष्पक्ष हो आपको लेकर...
वो इन्सान जिसे आप बहुत बेहतर चरित्र का मानते हो, उसकी तारीफ और आलोचना पर ध्यान देना चाहिए, वहीँ बदलाव है....