@Rajasthanwalla हेलो भाया!
ट्विटर पर राजस्थानी अर भोजपुरी री मान्यता री मांग सबसे ज्यादा दिखे है। दोनों ही आठवीं अनुसूची में शामिल कराने वास्ते जोरशोर सूं मुहिम चलावा रिया है।
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अनशनरत छात्र नेता श्री शुभम रेवाड़ से एसएमएस अस्पताल में मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत की :
पत्रकार: सर, आप शुभम से मिले हैं, आपने बातचीत की है ?
जवाब : लंबे अरसे से सभी लोग मांग कर रहे हैं, शुभम भी मांग कर रहा था कि चुनाव होने चाहिए। यह समझ के परे है कि चुनाव क्यों नहीं करवा रही सरकार? हमारे वक्त में चुनाव उस साल हमने इसलिए नहीं करवाए थे, चुनाव के आचार संहिता लागू होने वाली थी। तो हमने कहा कि यह समाप्त होते ही चुनाव होंगे। और लगातार हम लोग पैरवी कर रहे हैं, सोशल मीडिया में लिख रहे हैं। यह पॉपुलर डिमांड है राजस्थान के नौजवानों की।
सबको मालूम है कि छात्र संघों से निकले हुए लोग कहां तक पहुंचे? इनको नहीं मालूम एबीवीपी वालों को? अरुण जेटली जी थे केंद्र में वित्त मंत्री, वो भी छात्र संघ अध्यक्ष थे दिल्ली के अंदर। यहाँ हमारे रघु शर्मा जी हैं, महेश जोशी जी हैं, राजेंद्र राठौड़ जी हैं जो इनके खुद की पार्टी के नेता हैं। आप बताइए कितने लोग पहुंचे हैं जो कि छात्र राजनीति से आए । मैं खुद हूँ, मैं तो चुनाव हार गया था छात्र संघ का, जिनके नाम मैं ले रहा हूँ चुनाव जीते हुए थे और मैं हार के भी पहुँच गया जहाँ पहुँचना था मुझे।
तो यह कोई बात नहीं हो कि आप चुनाव बंद करके जो नई पीढ़ी आने वाली है, अभी जेन - ज़ी आने के बाद में इनको समझ में नहीं आ रही है क्या कि जेन - ज़ी की ताकत क्या होती है ? भारत सरकार को भी झुका दिया, इस्तीफा होना पड़ा शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी का।
तो सरकार को समझना चाहिए, आगे आ के बात करनी चाहिए। इसको गंभीरता से लेना चाहिए। 15 दिन हो गए आज भूख हड़ताल पे, पानी पीना छोड़ दिया, मैंने जबरदस्ती पानी भी पिलाया उनको अभी।
तो आप मुझे बताइए कि एक इंसान अग��� अपनी भावना रिप्रेजेंट कर रहा है लाखों बच्चों की, छात्रों की, मेरे वक्त में ही गुरुचरण छाबड़ा जी ने नशामुक्ति को ले के तीन बार उन्होंने अनशन किया, इसी SMS के अंदर। तब मैं खुद फोन करता था उनको, एज़ ए मुख्यमंत्री , समझाता था उनको, मेरे मंत्रियों को मैंने भेजा उनके पास में, आखिर में हमने समझौता करके उनका तुड़वाया अनशन। तीसरी बार मेरी सरकार चली गई थी, फिर वो अनशन में बैठ गए। वो भारतीय जनता पार्टी के एमएलए रहे हुए थे। अफसोस इस बात का, उनकी पार्टी का पूर्व एमएलए था, वरिष्ठ नेता था, वही 15 दिन तक भूख हड़ताल करते रहे, कोई नहीं आया यहाँ पर। तब मैं खुद आया यहाँ पर, विपक्ष में रहते हुए मैं आया। उनको मैंने बहुत समझाया। पर उन्होंने मेरी बात नहीं मानी, कि 'नहीं-नहीं, मैं बिल्कुल ठीक हूँ, यह है, वो है'। दूसरे दिन खबर आई क��� वो सीरियस हो गए हैं और अगले दिन खबर आई कि वो मर गए।
कोई बीजेपी नेता, बड़े-बड़े उनके घर पर दाह संस्कार में नहीं जा पाए, इतना घबरा गए थे वो,गिल्टी कॉन्शियस थे। आखिर में छिप-छिप के गए उनके यहाँ बैठने के लिए। यह स्थिति थी, अभी तक मुझे याद है वो बात। उनके परिवार वाले लोगों ने बहुत आंदोलन चलाए बाद में , वो बंद हो गए।
तो कहने का मतलब यह है कि ऐसे मामलों में सरकार चाहे किसी पार्टी की हो, मुख्यमंत्री खुद को बात करनी चाहिए। उनके मंत्री बात करें और जो आमरण अनशन इन्होंने शुरू किया है उसको तुड़वाएं, यह मेरी मांग है मुख्यमंत्री से।
मैंने जयपुर कलेक्टर से बात करी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मैं लगा हुआ हूँ, अधिकारियों से बात कर रहा हूँ और मैं बात पहुँचा रहा हूँ आप सब की वहाँ सीएमओ के अंदर। शाम को 4-5 बजे तक की बात करी है। शुभम ने कहा है कि 4-5 बजे का मुझे कहा गया है। मैं��े इनको कहा अगर वो पॉजिटिव जवाब नहीं दें आपको, तब भी आप यह अनशन तोड़ो। हम सब मिलकर के आगे आह्वान करेंगे, बल्कि तुम आगे आओ। अगर वहाँ जेन - ज़ी दिल्ली में देश भर में आ सकते हैं सड़कों पर, यह भी मुद्दा ऐसा ही है। पूरे छात्र संघ इसमें सहयोग करेंगे, हो सकता है एबीवीपी के छात्र भी साथ आ जाएंगे छात्रों के। मांग तो कॉमन मांग है, यह तो कोई कांग्रेस-बीजेपी की थोड़ी है! वो तो मुख्यमंत्री जी इनको चाहिए था ऐसी मां���ों पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखें, यह मेरा मानना है।
आज जयपुर के SMS अस्पताल पहुंचकर 15 दिन से अनशनरत छात्र नेता श्री शुभम रेवाड़ से मुलाकात कर कुशलक्षेम जानी।
श्री रेवाड़ ने कल से पानी भी त्याग दिया था। उनकी गिरती सेहत को देखते हुए उन्हें जल पिलवाया एवं अनशन समाप्त करने हेतु समझाइश की।
युवाओं के प्रति भाजपा सरकार का ऐसा रवैया बिल्कुल उचित नहीं है। राज्य सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द इनकी मांगों पर ध्यान देकर समाधान निकालना चाहिए।
राजस्थान में पहली बार ऐसी संवेदनहीन सरकार देखी है, जिसे एक अनशनरत युवा की बिगड़ती सेहत भी दिखाई नहीं दी।
जिस राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने की मांग भाजपा वर्षों तक उठाती रही, आज उसी मांग को लेकर एक नौजवान शुभम रेवाड़ 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठा रहा लेकिन सरकार ने कोई परवाह नहीं की। छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग भी भाजपा नेताओं की रही है, लेकिन आज सत्त�� में आते ही वही मांगें सरकार को दिखाई नहीं दे रहीं।
एक युवा राजस्थानी भाषा, छात्रहित और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहा है। उसकी जान पर बन आई है, फिर भी सरकार का नजरअंदाज करती रही, ये दुर्भाग्यपूर्ण है।
ये दुःखद है कि सरकार अपने विवेक से नहीं, पर्चियों से चल रही है। उसे युवाओं की चिंता नहीं है। लेकिन हमें राजस्थान के भविष्य की चिंता है। 36 कौम को अपने युवाओं की चिंता है, उन��े सपनों को यूं दम तोड़ने नहीं देंगे।
ग्राम पंचायत खींवसर में मुख्य कोटड़ी राजपुत वास (मोतीकला), खालत राजपुतों का वास (मोतींकला), गोगदेव (बोहा), कोडियाला, जगों की बस्ती, भील समाज वास, मेघवाल समाज वास, अमरसिंह का सभा भवन, कच्छबाराम ���ड़ की ढाणी, हरचंदराम की ढाणी, सांगाराम ओड़ की ढाणी व केसुराम ओड़ की ढाणी व
बाड़मेर जिले के गांव असाड़ी मे कोजाराम मेघवाल की दिन दहाड़े पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
@Barmer_Police द्वारा गुंडों को पकड़ना तो दूर अभी FIR तक दर्ज नही की गई है।
राजस्थान मे SC/ST पर हो रहे अत्याचारों एवं अपराधियो का संरक्षण करने वाली सरकार इन जघन्य अपराधो के लिए ज़िम्मेदार है।
Demand immdt arrest & stern action against all culprits of deadly attack on 19th March at Jaisalmer on meghwal youth Harish Inakhiya who was demanding action against drug mafia at Jaisalmer for long.@JaisalmerPolice@DmJaisalmer@Igp_Jodhpur@RajCMO@PMOIndia@NCSC_GoI