The vote is the foundation of Indian democracy.
From the vote flows the power of our Constitution, the authority of our laws, and the legitimacy of our public institutions - this chain defines modern India.
Today this chain is broken, and this has never happened in India before. By destroying the vote, this government and the Election Commission have attacked the expression of every single Indian.
Everything this government has done on the strength of stolen votes is illegal. An MP elected through vote chori holds an illegitimate seat, and every law passed with that MP's support is an illegitimate law.
पिछले कई वर्षों से काँग्रेस पार्टी और कई विपक्षी दल देश में होने वाले चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। हमें लगातार चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध नज़र आ रही थी। जब हमने सवाल उठाया तो उसे मज़ाक़ में उड़ा दिया गया। आयोग के दरवाज़े बंद कर दिए गए।
आज चुनाव आयोग के भीतर से वही बात देश के सामने आ गई है। तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार लिखकर आपत्ति की। फॉर्म 6 का दुरुपयोग, software का ग़लत इस्तेमाल, वोटर लिस्टों के साथ खिलवाड़, बिना पारदर्शिता के फ़ैसले, ये सब अब देश के सामने हैं।
फिर CEC ज्ञानेश कुमार ने इन आपत्तियों पर क्या किया? SIR के पहले तीन चरणों में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की draft electoral rolls से 13.8 करोड़ नाम बाहर हुए हैं।
श्री @RahulGandhi ने जिस Vote Chori और SIR का लगातार देश के सामने पर्दाफाश किया, आज वो सवाल सही साबित हो रहे है। ये लोकतंत्र से खिलवाड़ है।
24 अप्रैल 2026 को 73 विपक्षी राज्यसभा सांसदों ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए Secretary General को नया Notice of Motion सौंपा था। संसद का Monsoon Session अभी तक prorogue नहीं हुआ है।क्या माननीय राज्यसभा सभापति अब उस लंबित Notice पर निर्णय लेंगे?
आज सवाल केवल Vote Chori का ही नहीं है। सवाल भारत के लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं पर सरकार द्वारा क़ब्ज़ा करने का है। उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता का है। चुनाव आयोग के भीतर से सामने आए ये दस्तावेज मोदी सरकार और भाजपा-RSS की भूमिका पर अत्यंत गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना ही होगा।
भारत के लोगों से लोकतंत्र छीनने का षड़यंत्र करने वालों को मुँह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
#VoteChori
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
"सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है - हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?"
यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा।
गाँव से पढ़ने शहर आई। हॉस्टल है नहीं, तो PG में रहना पड़ता है। सिर्फ़ सुरक्षित रहने में लाखों ख़र्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता, और बेघर होने का डर - इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
कई लड़कियाँ इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ़ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है।
और आवास भत्ता? महंगाई के साथ बढ़ता नहीं, ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।
@narendramodi जी - उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?
दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती।
दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है।
अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ़ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेखौफ घूम रहे हैं।
दरिंदों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कड़ी कार्रवाई और सज़ा मिले, और इस आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही तय हो।
महिलाओं की सुरक्षा के बिना भारत आगे नहीं बढ़ सकता।
The arrest of Congress candidate Milan Pradhan in Nandigram is a brazen attempt at VOTE CHORI and CHUNAV CHORI.
The BJP is so insecure that even in a by-election, it is misusing agencies to target and arrest an Opposition candidate.
The Prime Minister boasts of India as the “Mother of Democracy”. What the BJP is doing in West Bengal is the MURDER OF DEMOCRACY.
Congress will neither be intimidated nor silenced.
A united INDIA will fight back.
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है - लोकतंत्र की हत्या है।
BJP का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं - इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है।
वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुकाबला ही खत्म कर देना चाहते हैं।
कांग्रेस न डरेगी, न झुकेगी।
हम लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी।
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
🎂 Cake? Check.
🎉 Celebration? Check.
📸 Selfies? Check.
🇮🇳 “Viksit Bharat”? Check.
Just one thing seems to be missing— JOBS! 😂
So, on September 17,
remember the Birthday…
and the Unemployment Day too! 😌
#UnemploymentDay#Youth#narendramodi#happybirthdaymodiji#congress
.@narendramodi ji,
Your dear friend “Abki Baar Trump Sarkar” dictates, you capitulate and 140 Cr Indians are left to bear the consequences!
The threat of up to 100% US tariffs on Indian goods shows how your Govt’s Foreign and Trade policies have miserably failed!!
Pharmaceuticals, textiles, engineering goods, chemicals, auto components, gems and jewellery, electronics and technology could face a severe tariff shock.
First came 25% tariffs, then 50%, and now the threat of 100%.
Meanwhile, the Modi Govt agreed to a trade framework that expands American access India’s agricultural products, mortgaging the interests of our farmers!
The framework virtually forces to buy $500 billion worth of American goods over five years.
Yesterday’s surrender on the MDR on UPI is another stark example of your govt’s meekness!
From tariffs and trade to H1B1 immigration, visas and digital payments, the pressure from Washington keeps mounting, and you, ‘Howdy Modi ji’ keeps surrendering!
बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।
इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी सहानुभूति है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील है कि वो आगे बढ़कर प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें। साथ ही, सरकार और प्रशासन से अपेक्षा है कि वो राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ चलाकर प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता जल्द से जल्द पहुंचाए।
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से।
अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।
US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।