@AamAadmiParty 22000 करोड़ से कितने सरकारी स्कूल ठीक हो सकते थे, बच्चों को स्कूल की शत, पंखे, बैठने के लिए desk, टॉयलेट मिल सकते थे, परंतु ग़रीब से कोई लेना देना नही
@news24tvchannel@KailashOnline इसीलिए ऐसे लोगों को इतनी बड़ी बड़ी पोस्ट दे रखी हैं ताकि हर गलत को support करें, dollor 95 से उपर और फायद्दे ��ह लोग उस के भी गिनवा देंगे
माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय का यह आदेश स्वागत योग्य है। हाथरस की पीड़िता बहिन मनीषा बाल्मीकि की मृत्यु के 6 साल बाद भी उनके परिवार को न्याय, सुरक्षित आवास और रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़े, यह मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की सरकार की संवेदनहीनता और ��्रशासनिक विफलता का गंभीर उदाहरण है।
न केवल हाथरस की दलित पीड़िता के न्याय का मुद्दा, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास का सवाल भी कई बार उठाया गया। इसके बावजूद सरकार ने परिवार की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया।
जब पीड़ित परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रूप से खतरा बता रहा था, तब भी सरकार का अलीगढ़, कासगंज या एटा में घर देने पर अड़ना बेहद चिंताजनक था। पीड़��त परिवार की सुरक्षा सरकार की कृपा नहीं, उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।
माननीय उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप बताता है कि जब सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल होती है, तब न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना पड़ता है। अब सरकार को बहानेबाजी छोड़कर हाईकोर्ट के आदेश को तत्काल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू करना चाहिए।
छह साल, शर्मनाक!
@aajtak सरकार ने 220 लाख करोड़ कर्ज लिया है जब की 2014 तक सिर्फ, 55 लाख करोड़ था, अगर इस कर्ज का 1% भी स्कूल पर खर्च किया होता तो पूरे देश के स्कूलों की हालत आज ऐसी नही होती और देश के ग़रीब बच्चों का भला हो जाता
SC/ST आरक्षण को दोष देने वालो के मुंह पर जोर का करारा तमाचा।
RPSC - Asstt Professor (General Medicine) Cut-off Marks - Result dt. 17.08.2026
General - 75.33
Gen(W) - 65.67
SC - 75
ST - 71
OBC - 67
OBC(w) - 56.33
MBC - 48
EWS - 59
क्या आप उन 15 बहुजन क्रांतिकारियों के नाम जानते हैं जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सबकुछ क़ुर्बान कर दिया?
तिलका मांझी, उदैया चमार, सिदो-कान्हू, मातादीन भंगी, वीरा पासी, बांके चमार, गंगा दीन मेहतर, मक्का पासी, ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई, चेता राम जाटव, बालू राम मेहतर, धरती आबा बिरसा मुंडा, शहीद उधम सिंह और बाबू मंगू राम।
इनमें किसी ने अंग्रेज़ी सत्ता के खिलाफ हथियार उठाए, किसी ने जंगल-जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष किया, तो किसी ने 1857 के विद्रोह में अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।
इनके योगदान को जानना और याद रखना सिर्फ इतिहास पढ़ना नहीं, अपने इतिहास के उन पन्नों को आवाज़ देना है, जिन्हें लंबे समय तक अनदेखा किया गया।
आज़ादी सबकी थी, बलिदान भी सबका था।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी क्रांतिकारियों को नमन। 🇮🇳 #independenceday #india #insta #trending #jaibhim (AI Representative Images)
‘हम सबसे पहले और सबसे आखिर में भारतीय हैं’
बाबा साहब डॉ आंबेडकर जिस भारतीयता की बात करते हैं, हम सबको बस भारतीयता की पहचान को ही अपनाना चाहिए।
जात-पात का भेद छोड़कर भारतीय बनें। आज़ादी के जश्न के मौके पर हमारे सभी दर्शकों को ढेरों बधाई और मंगलकामनाएं।
जय भीम - जय भारत
#IndependenceDay2026 #स्वतंत्रता_दिवस