When we reached a school in Greater Noida for inspection, the authorities got the school doors locked and didn’t let us in.
But what we witnessed outside the school premises was even worse.
जमुई कांड में आरोपी नंदन कुमार यादव का हाफ एनकाउंटर हुआ।
प्रशंसनीय।
फुल एनकाउंटर क्यों नहीं?
भरत तिवारी का फुल एनकाउंटर होगा लेकिन एक नाबालिक के साथ गलत करने वाले मानसिक अपराधी का हाफ एनकाउंटर क्यों ?
कौन सा कानून इसको बचा रहा है ?
दूसरी बात:-
आरोपी पूरे 06-07 हैं तो जाति केवल नंदन कुमार यादव का ही क्यों बाहर लाया गया ? बाकी की जातीय पहचान क्यों छुपाई जा रही है ?
जब अपराध सबका बराबर है तो फिर सिर्फ एक का एनकाउंटर क्यों बाकी 5-6 का एनकाउंटर क्यों नहीं ?
अपराधियों को क्यों बचाया जा रहा है ?
भरत तिवारी को तो बीच सड़क पर गोली मारी गई थी इन 06 को कब गोली मारी जाएगी या कानूनी खेल में ये सब बचा लिए जायेंगे?
मुख्यमंत्री जी खुलकर बिहार की जनता को कहा है कि हरा गमछा वाले अपराधी हैं उनका एनकाउंटर होता रहेगा।
फिर भगवा गमछा वालों का बचाव क्यों ?
सभी 6 का फुल एनकाउंटर कब ?
बाकी सभी 05 का जातीय पहचान क्यों छुपाई गई है?
मुख्यमंत्री जी जवाब दें।
- Copied
बिहार में सुशासन नहीं गुंडाराज चल रहा है। किसी भी इंसान के लिए जमुई का वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है।
‘एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, उनका उत्पीड़न किया जाता है, बच्ची हाथ जोड़कर विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे’
गुंडों के ‘सम्राट’ जवाब दे कि शाम 7 बजे के बाद बिहार की बेटियाँ सुरक्षित क्यों नहीं हैं?
भाजपा के लोग कितने दोगले हैं आपको इस बात से पता चल जाएगा...
रेखा गुप्ता यमुना नदी में कोई भी गणेश विसर्जन करेगा तो उस पर फ़ाइन लगा देंगी और वही सेम चीज़ तेलंगाना सरकार करती है बेरिकेट्स लगाकर नदी के किनारे तो बीजेपी और आरएसएस के लोग वहां जाकर तोड़फोड़ करते हैं.....
जमुई की वीभत्स घटना पर जमुई की विधायक और प्रदेश में मंत्री साहिबा श्रेयसी सिंह ने मीडिया में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि आरोपियों ने पीड़िता के साथ 𝐌𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐢𝐧𝐠 सही तरीके से नहीं की। श्रेयसी सिंह का कहना है कि (𝐌𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐢𝐧𝐠) नैतिक पुलिसिंग सम्मानजनक तरीके (𝐑𝐞𝐬𝐩𝐞𝐜𝐭-𝐟𝐮𝐥𝐥 𝐌𝐚𝐧𝐧𝐞𝐫) से होनी चाहिए थी।
मतलब अब एनडीए सरकार के 𝐁𝐉𝐏 मंत्री चाहते है कि 𝐌𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐢𝐧𝐠 के अंतर्गत छेड़खानी, यौन शोषण, नशा-तस्करी, मर्डर और बलात्कार "𝐑𝐄𝐒𝐏𝐄𝐂𝐓𝐅𝐔𝐋𝐋 𝐌𝐀𝐍𝐍𝐄𝐑" में सात्विक तरीक़े से होने चाहिए। मंत्री साहिबा को अब 𝐌𝐎𝐑𝐀𝐋 𝐏𝐎𝐋𝐈𝐂𝐈𝐍𝐆 पर ट्यूशन देना चाहिए।
Big Breaking:-
जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव का फुल एनकाउंटर करने की बजाय पैर में दिखावटी गोली इसलिए मारी गयी है क्योंकि वो जमुई के बगल में झारखंड के कोडरमा सांसद सह केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी यादव के संबंधी भूपेंद्र यादव का दूर का रिश्तेदार है। जिसका ननिहाल प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री रामकृपाल यादव के परिवार में तथा फुआ घर नित्यानंद राय के यहाँ है। वह बालू का कारोबार इन्हीं के संरक्षण में करता है।
नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव ने आरोपी को फाँसी की सजा देने की माँग कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर न्यायिक चरित्र का उदाहरण पेश किया है। साथ ही तेजस्वी यादव ने 6 अन्य आरोपियों को सजा देने की भी मांग की है।
जमुई में एक युवा लड़के और लड़की के साथ हुई दरिंदगी किसी को भी झकझोर कर रख देगी
लेकिन जमुई की विधायक और मंत्री श्रेयसी सिंह को लगता है कि बजाय ज़ोर ज़बरदस्ती के “moral policing dignified और elegant ढंग” से की जाये तो कोई दिक्कत नहीं है
बिहार सरकार के मंत्री शरण कुमार और JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा इसे पहले ही “छिटपुट घटना” बता चुके हैं
किस मिट्टी के बने हुए हैं यह भाजपाई और उनके घटक दल
मैडम, moral policing ग़लत है. किसी को यह हक़ नहीं कि वो अपनी opinion किसी और पर थोपे, वो किसी लड़की को बताए कि वो क्या पहने, कहाँ जाए, किससे मिले
यह लोग कौन सी दुनिया में रह रहे हैं? वो ज़माने लद गए. अपनी गुफा से बाहर आ जाओ - लड़कियों की आज़ादी, उनकी मर्ज़ी, उनकी अभिव्यक्ति, उनकी ना और उनकी हाँ को समझो
यह संघ की शाला नहीं, संविधान से चलने वाला देश है - जहाँ औरतों को पूरी आज़ादी और बराबरी का हक है
नेशनल TV चैनलों पर रोज़ prime time में शाम 5 से रात 10 बजे के बीच 30-35 डिबेट होते हैं. कल शाम को जमुई में हुई दरिंदगी पर महज़ 4 डिबेट हुए
और वो भी बड़े वाले चैनलों पर नहीं. उन बेचारों को हिंदू-मुस्लिम से ही फुर्सत नहीं
ये बस महिला सम्मान का ढोंग करना जानते हैं, फर्जी बकबकाते रहते हैं - ढोंग करते हैं
यह तेलंगाना या कर्नाटक नहीं है।
यह ओडिशा है, जहाँ हमारी पार्टी के पास सिर्फ 1 सांसद और 14 विधायक हैं। लेकिन भीड़ देखिए ओडिशा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में 70,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए। 🤯
सही तरीके से जोर लगाया जाए, तो 2029 में कांग्रेस ओडिशा से 14+ सीटें जीत सकती है। 🔥
ये है उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगा श्री लक्ष्मीकांत सैंगर जी...
इनके पास एक शराबी आदमी की पत्नी अपने पति की शिकायत लेकर गई थी, कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है, और इस समय घर में कुछ भी खाने के लिए नहीं है बच्चे भूंखे है...
दरोगा जी उस महिला को वहीं बिठाकर उसके घर पर पहुंच गए और जब वहां जाके बच्चों से बात की तो सुनकर हैरान रह गए...
क्योंकि बच्चे सच में भूंखे थे और घर में जरा सा भी खाने का राशन नहीं था...
भूख से व्याकुल बच्चों की तड़प दरोगा जी से देखी नहीं गई, उन्होंने तुरंत उन बच्चों के लिए खाने पीने और कुछ जरूरत के कपड़े आदि व्यवस्था कर दी...
और उस शराबी आदमी को बड़े प्यार से समझाया कि शराब के चक्कर में क्यों अपने घर का विनाश करने पर तुले हुए हो...
दरोगा जी की बात सुनकर शराबी आदमी की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसने आगे से ऐसी गलती ना करने का वादा किया...
इस घटना में अगर शायद कोई और दरोगा जी होते तो शायद वो भूंख से व्याकुल बच्चों की पीड़ा को ना देखते हुए शराबी आदमी को अंदर कर देते...
लेकिन सेंगर साहब ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल कायम की है जो अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी...
जेपी नड्डा कुछ तो कीजिए। दिन दहाड़े दिखाई हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने दवाओं की कीमतों पर सुनवाई के दौरान कहा:
“कैंसर की जरूरी दवाएं खुदरा बाजार में 27,000 रुपये में बिक रही हैं, जबकि उनकी PTR (Price to Retailer) कीमत सिर्फ 2,700 रुपये है। यह दिनदहाड़े डकैती जैसा है। जिस दवा को निर्माता 2,700 रुपये में रिटेलर को बेचता है, उसकी MRP 27,000 रुपये कैसे हो सकती है? यानी 10 गुना कीमत!”
यह टिप्पणी दवाओं की कीमतों पर तय की जाने वाली मूल्य-सीमा (price ceiling) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की गई।
एक पुरानी पोस्ट:-
कैंसर एक ऐसी बीमारी ने जिसने करोड़ो घर तबाह किए हैं ।
सिर्फ मरीज ही नहीं बल्कि मरीज के परिवारों को ।
दवाइयों का खर्च वहन करते करते लोग टूट जाते हैं ।
और कैसे नहीं टूटेंगे अगर 600 रुपये की दवाई पर सरकार ने छूट दे रखी है 12000 रुपये MRP रखने की ।
जी हाँ ।
दवाई है Paclitaxel ।
रिटेलर खरीदते हैं 600 में और MRP है 12000.
एक मरीज को कई बार 20-30 vial की ज़रूरत पड़ती है ।
और ये कोई एक दवाई की बात नहीं ।
कीमोथेरेपी की ज़्यादातर दवाइयों का यही हाल है ।
200% मार्जिन भी समझ में आता है लेकिन 1900% margin??
वो कैंसर जैसी बीमारी में , जिसका इलाज वैसे भी काफ़ी लंबा चलता है??
ग़रीब तो मर ही जाएगा ना?
ये तो ठीक नहीं हैं ना साहब ?
@PMOIndia
https://t.co/TNzzvf5gAl
काफी समय हो गया, लेकिन @JamuiPolice के तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया। हमने 12 घंटे से ज्यादा इंतजार किया, ताकि पुलिस इस मामले में कार्रवाई करे।
अब मैं आरोपी गमछा वाले व्यक्ति का चेहरा सार्वजनिक कर रही हूँ। यह मेरी टीम की पिछले 2–3 दिनों की लगातार मेहनत और रिसर्च का नतीजा है। मेरी टीम ने इस दौरान ठीक से आराम तक नहीं किया।
यहाँ तक जो जानकारी सामने आई है, वह सिर्फ शुरुआत है। इसकी दूसरी करतूतों से जुड़ी जानकारी भी सामने लाऊँगी।
फिर भी मेरी @bihar_police और @samrat4bjp
जी से अपील है कि मेरी टीम पुलिस की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। जो भी जानकारी हमारे पास है, हम जांच में साझा करेंगे।
हमारा उद्देश्य महिला सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रशासन की मदद करना है ,सच सामने लाना और कानून के तहत कार्रवाई करवाना है। अब आगे की जिम्मेदारी पुलिस की है।