दिल्ली जंतर-मंतर📍
भरत तिवारी जी को न्याय दो। परशुराम दल के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा रहा हैं
RAW एजेंट लकी बिष्ट समेत कई लोग उपस्थित है।
ठाकुर का कुआं तुम खुद रहे थे और अपना कुआं नहीं खुद पा रहे थे, ये सब फर्जी कहानियां फैलाई गई की दलितों के पीछे मटकी, झाड़ू बांध कर घुमाया जाता है।
इन बातों का कहीं कोई प्रमाण नहीं है।
— अजीत भारती
ब्राह्मणों के बच्चे कभी खाते हैं - कभी भूखे सो जाते हैं स्थान: रायगढ़, मंगरौरा, पट्टी, प्रतापगढ़
मां का देहांत होगया - पिता मानसिक बीमार हैं
सरकार पैसा जाति के नाम पर उड़ा रही है - ब्राह्मण चाहे भले भूखे म"र जाए
ब्राह्मण नेता चुनाव में - जय श्री परशुराम जी का नारा और प्रणाम पंडित जी कर देंगे
मोदी हिंदुत्व का चूर्ण चटा के वोट ले जाएंगे
योगी कह देंगे हम टाइट कर रहे हैं
लेकिन वो कभी इसपर बात नहीं करेंगे - एससी एसटी एक्ट में कितना पैसा उड़ाया जा रहा है जाति के नाम पर कितना पैसा दिया जा रहा
झाड़ू मटकी का या 5000 साल से पानी नहीं पीने दिया का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं!
प्रमाण है तो वो ये कि गुरुकुलों में 70% शूद्र पढ़ते थे!
प्रमाण है तो वो ये कि 75 साल में एक भी आरक्षित जाति अगड़ी नहीं बनी!
-अजीत भारती🔥
आरक्षण एक सामाजिक समस्या थी, जिसका केवल राजनीतिक इस्तेमाल हुआ।
राजनीति के लिए और भी लोगों को इसमें शामिल कर उन्हें पिछड़ा बनाए रखा गया।
पढ़ाई, नौकरी और प्रमोशन—सब जगह आरक्षण देकर क्या हम योग्यता (Merit) की बलि देते रहेंगे?
प्रतिनिधित्व आपको कुर्सी दिला सकता है, लेकिन देश को आगे बढ़ाने के लिए योग्यता ही ज़रूरी है! @ajeetbharti
#ReservationDebate #MeritMatters #AjitBharti #DelhiUnion #IndianPolitics #EndReservation
बांग्लादेश में हिंदुओं की हालत।
जिहादी दिनदहाड़े एक हिंदू का घर तोड़ रहे हैं।
प्रशासन और बांग्लादेश सरकार चुप हैं।
फिर भी भारत के लिबरल लोगों को ये नहीं दिखता है।
"दाहिना हाथ कंधे पर रखा। बाएं हाथ से सीना ठोकने लगा। बोला- बहुत अच्छा..तुम पढ़े लिखे हो, इसलिए मुझे विश्वास था ऐसा ही करोगे। चलो हमारे साथ..। 10 कदम ऐसे ही आगे बढ़ा, अचानक अपनी कमर से तेज धक्का मारकर गिरा दिया। जमीन पर गिरते ही 30 सेकेंड में 3 गोलियां मार दीं।
पहली गोली लगते ही भरत बोला- धोखा देकर गोली मार दी..। इसके बाद पुलिस की गाड़ियां भरत को लेकर चली गईं। फिर हमारा भरत लौटकर नहीं आया..। पुलिस वालों ने उसका मर्डर कर दिया..।"
यह खुलासा भास्कर ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में किया है। भरत के करीबी दोस्त राजू ने एनकाउंटर की पूरी कहानी बताई। भरत के दोस्त राजू और भाई पप्पू 17 जून को सुबह 9.32 बजे जब पुलिस ने भरत को गोली मारी थी तो ये दोनों वहां से 20 मीटर दूर खड़े थे।
मोहर्रम के जुलूस में हिंदुओं को धमकी ।
ये मोहर्रम का मातम मनाया जा रहा है या हिंदुओं को डराया जा रहा है।
त्योहार के नाम पर देश के पीएम को धमकी दी जा रही है।
भारत के झंडे में लिपटे हुए आदमी को फाँसी पर लटकाकर क्या संदेश देने की कोशिश कर रही है ये कौम।
ये दंगाई रुद्र प्रताप कुशवाहा है कह रहा है कि भरत तिवारी के मां-बाप और पूरे परिवार का एनकाउंटर होना चाहिए। 1 हज़ार ब्राह्मणों का एनकाउंटर हो। तब जाकर दिल को तसल्ली मिलेगी? अपराधी गोल्डन दास पर कार्यवाही न करने वाली बिहार पुलिस क्या इस व्यक्ति पर कार्यवाही करेगी? टैग कर रहा हूं।
बच्चों के आत्म को झुठला दो गे रे हत्यारों!!
क्या कह रही है छोटी बच्ची अवश्य सुनें
अरे पत्थर हृदय पिघल जाए
इन गरीब बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल बनवाना चाहते थे
वीर बलिदानी भरत भूषण तिवारी क्रांतिकारी
#justiceforBharatTiwari
भरत तिवारी जी का एनकाउंटर से पहिले आत्मसमर्पण
का Video देखिये ,,
भाई ने बहुत भरोसा करके आत्मसमर्पण किया था ...
लेकिन उनका भरोसा टूट गया और जिन्दगी का साथ
छुट गया ।
#BharatTiwari#Bhojpur#viralvídeo
भ्रष्ट सिस्टम से लड़कर शहीद हुए भरत भुषण तिवारी के घर प्रतिदिन एक न एक नेता, अभिनेता, मंत्री, समाजसेवी, यूट्यूब सेलिब्रिटी, मिडिया इत्यादि सभी लोग आ रहे हैं।
कोई परिवार का साथ देने के लिए बात कर रहा है, कोई मुआवजा दिलाने, कोई हत्या करने वाले को सज़ा दिलाने, कोई शहीद का मूर्ति बनवाने, कोई आर्थिक मदद कर रहा है तो कोई मुख्यमंत्री को माफी मांगने की बात कर रहा है।
सभी लोग अपने-अपने हिसाब से कुछ न कुछ सहयोग कर रहे हैं।
परन्तु दुर्भाग्यवश कोई भी ऐसा महान व्यक्ति नहीं आया जो यह कहे कि हम शहीद भरत भुषण तिवारी के मकसद को पूरा करने या कराने कि सरकार से मांग करेंगे।
हम भरत के दिए बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
भरत इसलिए नहीं लड रहा था कि उसे आर्थिक मदद की आवश्यकता थी, भरत इसलिए नहीं शहीद हुआ कि उसे मुख्यमंत्री को माफी मागंवानी थीं,
भरत इसलिए नहीं हथियार उठाने पर मजबुर हुआ कि उसे गैंगस्टर बनना था बल्कि भरत इसलिए हथियार उठाया कि सिस्टम में बैठे करप्शन और तानासाही खत्म हो।
परन्तु शायद उसे नहीं पता था कि यहां लोग तो कफ़न के भी पैसे खा जाते हैं, उसे नहीं पता था कि हमारी बहादुरी को लोग लाचारी में तब्दील कर फेमस होने के लिए अनेकों तरीके अपनाएंगे।
उसे नहीं पता था कि हमारे लाश पर राजनीति होगी,
अफसोस शायद शहीद भरत भुषण तिवारी जी के आत्मा को शांति न मील पाए।
धन्य हो महान् भारत के महान लोग
रेलवे स्टेशन है या कर्बला का मैदान!
जहां देखो हथियार निकालकर मुस्लिम कट्टरपंथियों का प्रदर्शन शुरू हो जाता है!
मुहर्रम के दौरान बिहार के भागलपुर में पीरपैंती रेलवे स्टेशन पर कट्टरपंथी मुसलमानों ने तलवार के साथ जुलूस निकाला!